{"_id":"647a286b441495cf50013d58","slug":"wtc-final-ind-vs-aus-test-former-chief-selector-msk-prasad-warns-team-india-2023-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"WTC Final: पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने टीम इंडिया को दी चेतावनी, भारी पड़ सकती है 2021 की गलती","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
WTC Final: पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने टीम इंडिया को दी चेतावनी, भारी पड़ सकती है 2021 की गलती
Fri, 02 Jun 2023 11:05 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Fri, 02 Jun 2023 11:05 PM IST
सार
टीम इंडिया ने 2021 के फाइनल में भी पहले से दिमाग में तय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ उतारा था। भारत ने टीम में तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर अश्विन, जडेजा उतारे थे, लेकिन मैच से पहले बरसात आ गई।
विज्ञापन
रोहित शर्मा और पैट कमिंस
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल शुरु होने से पहले ही यह चर्चा चल पड़ी है कि टीम इंडिया को रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा को एक साथ टीम में रखना चाहिए, लेकिन पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद की राय कुछ जुदा है। प्रसाद का कहना है कि टीम इंडिया को 2021 के फाइनल की गलती नहीं दोहरानी चाहिए। भारतीय टीम मैनेजमेंट को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सात जून से ओवल में होने वाले फाइनल के लिए दिमाग में पहले से तय टीम नहीं उतारनी चाहिए। उसे परिस्थितियों को ध्यान में रखकर टीम का चयन करना होगा।
बरसात के बाद 2021 में टीम नहीं हुई थी परिवर्तित
टीम इंडिया ने 2021 के फाइनल में भी पहले से दिमाग में तय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ उतारा था। भारत ने टीम में तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर अश्विन, जडेजा उतारे थे, लेकिन मैच से पहले बरसात आ गई। बावजूद इसके टीम में परिवर्तन नहीं किया गया। नतीजा यह निकला की बदली परिस्थितियों के चलते अश्विन और जडेजा फाइनल में कुछ नहीं कर पाए। भारत को यह फाइनल न्यूजीलैंड से हारना पड़ा था। बरसात के चलते इस मुकाबले में तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम बन गई थी। प्रसाद का कहना है कि ओवल में स्पिनर भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन टीम का चयन परिस्थितियों के अनुसार करना चाहिए। छह टेस्ट और 17 वनडे खेलने वाले प्रसाद का कहना है कि अगर भारत चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरता है तो जडेजा और अश्विन में से किसी एक को चुनना काफी कठिन काम होगा।
पिच और परिस्थितियों पर सब कुछ निर्भर
प्रसाद ने कहा कि हम 2021 में दो स्पिनर और तीन तेज गेंदबाज के साथ गए। बरसात आने के बाद हमें अपनी रणनीति में परिवर्तन करना चाहिए था, लेकिन हमनें ऐसा नहीं किया और टीम नहीं बदली, लेकिन अब ये बीती हुई बात हो चुकी है। प्रसाद जोर देते हैं कि ओवल में पिच और परिस्थितियों पर सब कुुछ निर्भर करेगा। यही पिक्चर की असली कहानी है। हम नहीं जानते हैं कि फाइनल के पांच दिन कैसे गुजरेंगे, इस लिए हमें अपने दिमाग में पहले कुछ तय करके नहीं रखना चाहिए।
विज्ञापन
पंत की खलेगी कमी
भारत के पूर्व विकेट कीपर प्रसाद का कहना है कि टीम इंडिया को फाइनल में ऋषभ पंत की कमी खलेगी। प्रसाद का कहना है कि विदेशी धरती पर जो काम पंत ने विकेट कीपिंग और बल्ले से किया है, दूसरा किसी भारतीय विकेट कीपर ने नहीं किया है। पंत ने इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाए हैं। प्रसाद का मानना है कि फाइनल में केएस भरत टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद होंगे, लेकिन पंत का बल्लेबाजी मेें कोई तोड़ नहीं है। विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज में पंत की जगह को भरना बेहद मुश्किल काम है। प्रसाद का मानना है कि भरत को ईशान किशन पर वरीयता मिलेगा। वह पहले आजमाए जा चुके हैं और भारत ए के लिए इंग्लैंड में खेल चुके हैं।
ऊपरी क्रम का योगदान रहेगा महत्वपूर्ण
2016 से 2020 तक भारत के मुख्य चयनकर्ता रहे प्रसाद का कहना है कि भारत का ऊपरी क्रम रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे किस तरह ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड का सामना करते हैं, इस पर ही फाइनल की दिशा निर्धारित होगी। हमारा ऊपरी क्रम उनकी तेज गेंदबाजी का किस तरह सामना करता है। इस पर सब कुछ निर्भर करेगा। गिल अपने जीवन की फॉर्म में हैं और बीते छह माह में क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगा चुके हैं। आईपीएल में उन्होंने कुछ तकनीकि परिवर्तन किए, जिसका उन्हें स्ट्राइक रेट बढ़ाने में फायदा मिला। अगर कोई क्रिकेटर प्रारूप के मुताबिक अपने दिमाग को बदलता है तो वह किसी भी प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
विज्ञापन
बरसात के बाद 2021 में टीम नहीं हुई थी परिवर्तित
टीम इंडिया ने 2021 के फाइनल में भी पहले से दिमाग में तय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ उतारा था। भारत ने टीम में तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर अश्विन, जडेजा उतारे थे, लेकिन मैच से पहले बरसात आ गई। बावजूद इसके टीम में परिवर्तन नहीं किया गया। नतीजा यह निकला की बदली परिस्थितियों के चलते अश्विन और जडेजा फाइनल में कुछ नहीं कर पाए। भारत को यह फाइनल न्यूजीलैंड से हारना पड़ा था। बरसात के चलते इस मुकाबले में तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम बन गई थी। प्रसाद का कहना है कि ओवल में स्पिनर भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन टीम का चयन परिस्थितियों के अनुसार करना चाहिए। छह टेस्ट और 17 वनडे खेलने वाले प्रसाद का कहना है कि अगर भारत चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरता है तो जडेजा और अश्विन में से किसी एक को चुनना काफी कठिन काम होगा।
विज्ञापन
पिच और परिस्थितियों पर सब कुछ निर्भर
प्रसाद ने कहा कि हम 2021 में दो स्पिनर और तीन तेज गेंदबाज के साथ गए। बरसात आने के बाद हमें अपनी रणनीति में परिवर्तन करना चाहिए था, लेकिन हमनें ऐसा नहीं किया और टीम नहीं बदली, लेकिन अब ये बीती हुई बात हो चुकी है। प्रसाद जोर देते हैं कि ओवल में पिच और परिस्थितियों पर सब कुुछ निर्भर करेगा। यही पिक्चर की असली कहानी है। हम नहीं जानते हैं कि फाइनल के पांच दिन कैसे गुजरेंगे, इस लिए हमें अपने दिमाग में पहले कुछ तय करके नहीं रखना चाहिए।
विज्ञापन
पंत की खलेगी कमी
भारत के पूर्व विकेट कीपर प्रसाद का कहना है कि टीम इंडिया को फाइनल में ऋषभ पंत की कमी खलेगी। प्रसाद का कहना है कि विदेशी धरती पर जो काम पंत ने विकेट कीपिंग और बल्ले से किया है, दूसरा किसी भारतीय विकेट कीपर ने नहीं किया है। पंत ने इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाए हैं। प्रसाद का मानना है कि फाइनल में केएस भरत टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद होंगे, लेकिन पंत का बल्लेबाजी मेें कोई तोड़ नहीं है। विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज में पंत की जगह को भरना बेहद मुश्किल काम है। प्रसाद का मानना है कि भरत को ईशान किशन पर वरीयता मिलेगा। वह पहले आजमाए जा चुके हैं और भारत ए के लिए इंग्लैंड में खेल चुके हैं।
ऊपरी क्रम का योगदान रहेगा महत्वपूर्ण
2016 से 2020 तक भारत के मुख्य चयनकर्ता रहे प्रसाद का कहना है कि भारत का ऊपरी क्रम रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे किस तरह ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड का सामना करते हैं, इस पर ही फाइनल की दिशा निर्धारित होगी। हमारा ऊपरी क्रम उनकी तेज गेंदबाजी का किस तरह सामना करता है। इस पर सब कुछ निर्भर करेगा। गिल अपने जीवन की फॉर्म में हैं और बीते छह माह में क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगा चुके हैं। आईपीएल में उन्होंने कुछ तकनीकि परिवर्तन किए, जिसका उन्हें स्ट्राइक रेट बढ़ाने में फायदा मिला। अगर कोई क्रिकेटर प्रारूप के मुताबिक अपने दिमाग को बदलता है तो वह किसी भी प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।