{"_id":"607ebb65a7ac03723670f782","slug":"world-test-championship-final-to-go-ahead-as-planned-says-icc","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के बीच WTC: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
कोरोना के बीच WTC: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप
Tue, 20 Apr 2021 05:00 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Tue, 20 Apr 2021 05:00 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : ट्विटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आश्वस्त किया है कि ब्रिटेन द्वारा भारत को 'लाल सूची' में डालने के बावजूद भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 जून को साउथम्पटन में शुरू होगा।
भारत को 'लाल सूची' में डालने का मतलब है कि देश से सभी यात्राओं पर पाबंदी लग गई है। ब्रिटेन के नागरिकों को भी स्वदेश लौटने पर 10 दिन होटल में पृथकवास पर रहना होगा। ब्रिटेन ने यह कदम भारत में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के कारण उठाया है।
आईसीसी को हालांकि विश्वास है कि वह जैव सुरक्षित वातावरण में डब्ल्यूटीसी फाइनल का आयोजन करने में सफल रहेगा। आईसीसी ने जारी बयान में कहा, 'इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड और अन्य सदस्यों ने दिखाया है कि हम महामारी के बीच कैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आयोजन कर सकते हैं और हमें विश्वास है कि हम आगे भी ऐसा करना जारी रख सकते हैं तथा डब्ल्यूटीसी फाइनल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ब्रिटेन में जून में आयोजित किया जाएगा। हम अभी ब्रिटिश सरकार से 'लाल सूची' में डाले गए देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं।'
विज्ञापन
इस बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सूत्रों ने पीटीआई भाषा से कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना असंभव है और बोर्ड को उम्मीद है जब टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिये जून के शुरू में ब्रिटेन की यात्रा करेगी तब तक भारत 'लाल सूची' में नहीं रहेगा।
सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, 'हम अभी नहीं जानते कि जून में स्थिति कैसी होगी। यात्रा संबंधी दिशानिर्देश कोविड की स्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं। भारतीय टीम जून में शुरू में जब ब्रिटेन के लिये रवाना होगी हो सकता है कि तब तक देश लाल सूची में नहीं रहे जिसमें 10 दिन के कड़े पृथकवास का प्रावधान है।'
उन्होंने कहा, 'लेकिन यदि इसकी आवश्यकता पड़ती है तो ऐसा किया जाएगा। वर्तमान की स्थिति में कुछ नहीं कहा जा सकता है।' ब्रिटेन में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यदि इसकी जरूरत पड़ती है तो साउथम्पटन में रोज बाउल और उससे जुड़े होटल को 'लाल सूची' के देशों से आगमन के लिए मंजूरी मिल सकती है तथा वहां पिछले सत्र की तरह पूर्ण जैव सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाएगा।
'गार्डियन' समाचार पत्र ने ईसीबी प्रवक्ता के हवाले से कहा है, ''हम अभी लाल सूची में दर्ज देशों के प्रभाव को लेकर सरकार से बातचीत कर रहे हैं। हमने साथ मिलकर काम करके दिखाया कि हम कैसे महामारी के चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफल आयोजन कर सकते हैं और उम्मीद है कि हम इस साल फिर से ऐसा करने में सफल रहेंगे।'
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भी जून में ब्रिटेन का दौरा करना है जबकि पुरुष टीम को चार अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। यह भी देखना होगा कि भारत को 'लाल सूची' में डालने का अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेल रहे इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों पर कैसा असर पड़ता है। ये खिलाड़ी इन दोनों देशों के बीच दो जून से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए ब्रिटेन जाएंगे।
विज्ञापन
भारत को 'लाल सूची' में डालने का मतलब है कि देश से सभी यात्राओं पर पाबंदी लग गई है। ब्रिटेन के नागरिकों को भी स्वदेश लौटने पर 10 दिन होटल में पृथकवास पर रहना होगा। ब्रिटेन ने यह कदम भारत में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के कारण उठाया है।
विज्ञापन
आईसीसी को हालांकि विश्वास है कि वह जैव सुरक्षित वातावरण में डब्ल्यूटीसी फाइनल का आयोजन करने में सफल रहेगा। आईसीसी ने जारी बयान में कहा, 'इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड और अन्य सदस्यों ने दिखाया है कि हम महामारी के बीच कैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आयोजन कर सकते हैं और हमें विश्वास है कि हम आगे भी ऐसा करना जारी रख सकते हैं तथा डब्ल्यूटीसी फाइनल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ब्रिटेन में जून में आयोजित किया जाएगा। हम अभी ब्रिटिश सरकार से 'लाल सूची' में डाले गए देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं।'
विज्ञापन
इस बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सूत्रों ने पीटीआई भाषा से कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना असंभव है और बोर्ड को उम्मीद है जब टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिये जून के शुरू में ब्रिटेन की यात्रा करेगी तब तक भारत 'लाल सूची' में नहीं रहेगा।
सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, 'हम अभी नहीं जानते कि जून में स्थिति कैसी होगी। यात्रा संबंधी दिशानिर्देश कोविड की स्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं। भारतीय टीम जून में शुरू में जब ब्रिटेन के लिये रवाना होगी हो सकता है कि तब तक देश लाल सूची में नहीं रहे जिसमें 10 दिन के कड़े पृथकवास का प्रावधान है।'
उन्होंने कहा, 'लेकिन यदि इसकी आवश्यकता पड़ती है तो ऐसा किया जाएगा। वर्तमान की स्थिति में कुछ नहीं कहा जा सकता है।' ब्रिटेन में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यदि इसकी जरूरत पड़ती है तो साउथम्पटन में रोज बाउल और उससे जुड़े होटल को 'लाल सूची' के देशों से आगमन के लिए मंजूरी मिल सकती है तथा वहां पिछले सत्र की तरह पूर्ण जैव सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाएगा।
'गार्डियन' समाचार पत्र ने ईसीबी प्रवक्ता के हवाले से कहा है, ''हम अभी लाल सूची में दर्ज देशों के प्रभाव को लेकर सरकार से बातचीत कर रहे हैं। हमने साथ मिलकर काम करके दिखाया कि हम कैसे महामारी के चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफल आयोजन कर सकते हैं और उम्मीद है कि हम इस साल फिर से ऐसा करने में सफल रहेंगे।'
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भी जून में ब्रिटेन का दौरा करना है जबकि पुरुष टीम को चार अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। यह भी देखना होगा कि भारत को 'लाल सूची' में डालने का अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेल रहे इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों पर कैसा असर पड़ता है। ये खिलाड़ी इन दोनों देशों के बीच दो जून से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए ब्रिटेन जाएंगे।