क्या ऋषभ पंत की वजह से बर्बाद हो जाएगा संजू सैमसन का करियर?
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'हर बार मिली है मुझे अनजानी सी सजा, मैं कैसे पूछूं तकदीर से मेरा कसूर क्या है'....ये शेर किसी और के लिए हो या न हो, पर विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन पर एकदम फिट बैठता है। जी हां, इस बल्लेबाज का क्या कसूर, जिन्हें चार साल बाद पहली दफा टीम में शामिल किया जाता है, लेकिन बल्ला तक पकड़ने का मौका नहीं मिलता।
19 जुलाई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना आखिरी और एकमात्र टी-20 खेलने वाले सैमसन को बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज में चुना गया था, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल पाया था। इसके बाद फिर चयनकर्ताओं ने उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 टीम चुना, वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी, उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया गया। हालांकि उन्हें शिखर धवन के चोटिल होने की वजह से बतौर रिप्लेसमेंट टीम में शामिल किया गया था।
एक तरफ टीम इंडिया के लिए टी-20 फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की करने का मौका तलाश रहे संजू सैमसन को अभी तक अपनी काबिलियत साबित करने का मौका नहीं मिल पाया है। वहीं, दूसरी तरफ ऋषभ पंत को अपने खराब फॉर्म के बावजूद भी मौके पर मौके दिए जा रहे हैं। अगर एक नजर ऋषभ पंत के पिछले कुछ मैचों पर डाले तो उनका प्रदर्शन एकदम फीका रहा है। समझ नहीं आता इस लचर खेल के बावजूद टीम मैनेजमेंट पंत को क्यों ढो रही है?
जिसे मौके की तलाश है उसे नजरअंदाज किया जा रहा
सितंबर से लेकर अभी तक पंत ने कुल आठ मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने केवल 107 रन बनाए हैं। ये तो रहा रनों का आंकड़ा। इस दौरान वह दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज का हिस्सा थे। इसके अलावा उन्होंने विकेटकीपिंग में भी कोई झंडे नहीं गाड़े, जिसकी चर्चा की जानी चाहिए। धोनी का उत्तराधिकारी समझे जाने वाला यह खिलाड़ी सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में भी फ्लॉप ही रहा। दो मैचों में वह सिर्फ 58 रन ही बना पाए।
ऐसे में सवाल उठता है क्या ऋषभ पंत की जगह टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन को एक मौका तक देना मुनासिब नहीं समझता या फिर यह कहा जाए कि खराब प्रदर्शन के बावजूद पंत की टीम में जगह निश्चित है। यह बात हम इसलिए नहीं कह रहे हैं कि हमें पंत से दुश्मनी और सैमसन से हमदर्दी है।
मगर यह भी सच है कि केरल का यह खिलाड़ी पिछले पांच टी-20 मैचों से टीम इंडिया की ड्रेसिंग रूम की शोभा बढ़ा रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज में उनकी चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी हुई थी, लेकिन अभी तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई। इसलिए मैने ऊपर लिखा है कि इंतजार की घड़ी लंबी होती है...मगर इतनी लंबी नहीं होनी चाहिए कि आस ही टूट जाए।
ऐसा नहीं है कि संजू सैमसन का फॉर्म खराब है। कम से कम एक मौका तो दिया जाना चाहिए। बिना मौका दिए कैसे परखा जा सकता है कि किस खिलाड़ी का प्रदर्शन औसत है या खराब है? जिसका औसत से भी कम है उसे तो टीम में बार-बार मौका मिल रहा है और जिसे मौके की तलाश है उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं पर सवाल उठना वाजिब हो जाता है। सवाल उठे भी हैं और उठ रहे हैं।
केरल के लिए जड़ा था दोहरा शतक
विजय हजारे ट्रॉफी में केरल के लिए दोहरा शतक जड़ने वाले सैमसन के टीम में शामिल किए जाने बाद मौका नहीं दिए जाने को लेकर लोगों में निराशा है। सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। हवाला पंत का भी दिया जा रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं पंत क्यों सैमसन क्यों नहीं?
सोशल मीडिया पर तमाम ट्वीट थे, पर एक ट्वीट जो मुझे अच्छा लगा वो वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर का था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, 'संजू सैमसन को बिना मौका दिए हटा दिया गया है इस बात से काफी निराश हूं। वह तीन टी-20 मैचों में पानी पिलाते हुए देखे गए थे। क्या चयनकर्ता उसकी बल्लेबाजी देख रहे थे या दिल?'
बता दें कि संजू सैमसन का आईपीएल में भी शानदार प्रदर्शन रहा है। आईपीएल 2019 में उन्होंने 12 मैचों में एक शतक के साथ 342 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 102 रन की नाबाद पारी खेली थी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।