जब जश्न मनाने से पहले बिन्नी ने अंपायर से नो बॉल के बारे में पूछा
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कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलने से पहले स्टुअर्ट बिन्नी ने 3 टेस्ट मैच खेल लिए थे लेकिन उनके खाते में एक भी विकेट दर्ज नहीं था। उनके करियर के चौथे मैच के दूसरे दिन उनके पास पहला टेस्ट विकेट हासिल करने का मौका भी मिल गया, लेकिन तब उनकी किस्मत ने अचानक दगा दे दिया।
दूसरे दिन गेंदबाजी में उतरते ही बिन्नी को श्रीलंकाई बल्लेबाज ओपनर कौशल सिल्वा को आउट करने का मौका मिला लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। हुआ यूं था कि मैच के नौंवें ओवर में बिन्नी के ओवर में जब गेंद सिल्वा के बल्ले से लगकर विकेट के पीछे गई और कैच हो गई तब सिल्वा 14 रन पर खेल रहे थे। लेकिन यह गेंद नो बॉल हो गई और कौशल को जीवनदान मिल गया। इस जीवनदान का फायदा उन्होंने उठाया और फिफ्टी ठोक डाली।
कोलंबो टेस्ट के पिछले दो दिन के खेल में स्टुअर्ट बिन्नी के साथ काफी-कुछ हुआ। नो बॉल के कारण पहला टेस्ट विकेट हासिल करने का मौका गंवाने वाले इस ऑलराउंडर की पिछली रात बड़ी मुश्किल से कटी होगी।
विकेट लेने के बाद भी अंपायर से नो बॉल के बारे में पूछा
खैर, तीसरे दिन का खेल शुरू हुआ तो भारत को दिन की पहली सफलता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। लंच तक गेंदबाज भारत की पिछली 3 सफलताओं में कोई इजाफा नहीं कर सके थे। लंच के बाद इशांत शर्मा ने जल्दी-जल्दी 2 विकेट झटक लिए। लेकिन भारत के लिए बड़ी समस्या विपक्षी कप्तान एंजेलो मैथ्यूज थे जो करियर का छठा शतक मारकर खेल रहे थे। हालांकि स्टुअर्ट बिन्नी ने उन्हें खूब परेशान किया लेकिन वह शतक जमाने में कामयाब रहे।
हालांकि बिन्नी ने मैच के अपने 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर मैथ्यूज को स्लिप में कैच आउट करा दिया। बाहर जाती गेंद को खेलने के चक्कर में मैथ्यूज ने इसे कैच में बदल डाला जिसे स्लिप में खड़े मुरली विजय ने आसानी से लपक लिया। इस कैच के साथ ही बिन्नी ने टेस्ट क्रिकेट में विकेटों का खाता खोल लिया।
कैच होते ही बिन्नी जश्न मनाने के लिए आगे बढ़े लेकिन अचानक उनके दिमाग में कुछ बात याद हो आई और वह दौड़ते-दौड़ते ठीठक गए फिर पीछे मुड़ते हुए अंपायर से यह पूछा कि कहीं यह गेंद नो बॉल तो नहीं। अंपायर ने बल्लेबाज को आउट करार दिया। फिर शुरू हो गया जश्न का सिलिसला। यह उनका पहला टेस्ट विकेट रहा और वह भी विपक्षी टीम के कप्तान के रूप में।
बिन्नी ने स्लिप में ही 3 बार अपना पहला विकेट हासिल करने का मौका बनाया था लेकिन पिछले साल लॉडर्स में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में स्लिप में गए कैच को भारतीय कप्तान ने लपकने का प्रयास नहीं किया और विकेट का मौका गंवा दिया। कल कैच तो हुआ था लेकिन गेंद नो बॉल हो गई। लेकिन आज बिन्नी के चेहरे की मुस्कान बढ़ ही गई।