अब स्मार्ट बॉल से खेला जाएगा क्रिकेट, जानिए क्या है चिप लगी गेंद की खासियत?
क्रिकेट जैसे खेल में तकनीक का इस्तेमाल नया नहीं है। एक समय थर्ड अंपायर रन आउट और करीबी कैच का फैसला लाल-हरी बत्ती जलाकर करते थे, जिसकी जगह अब स्टेडियम में लगी बिग स्क्रीन ने ले ली। इस विशालकाय टीवी में आउट या नॉटआउट लिखा आ जाता है।
अंपायर्स के फैसले को चुनौती देने के लिए बल्लेबाज या गेंदबाज DRS (डिसीजन रीव्यू सिस्टम) की मदद लेते हैं तो हॉकआई से गेंद पिच पर कहां टप्पा खाई, पैड या फिर बैट दोनों में से कहां टकराई सब पता लग जाता है। विश्व कप के दौरान तो डेविड वॉर्नर सेंसर वाले बल्ले से ऑस्ट्रेलिया को विजेता बनाने की कोशिश में थे, लेकिन अब गेंद भी तकनीक से जुड़ती नजर आ रही है। खबरों की माने तो सेंसर वाले बल्ले के बाद अब क्रिकेट को माइक्रोचिप वाली गेंद मिलने जा रही है।
'स्मार्टबॉल' में क्या है खास?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बॉल को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बिग बैश लीग में इस्तेमाल किया जाएगा। गेंद का निर्माण करने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबुरा इसे अमली जामा पहनने के लिए तैयार भी हो चुकी है। कई खूबिया की वजह से इस गेंद को 'स्मार्टबॉल' कहा जा रहा है। stuff.co.nz.के मुताबिक कुकुबेरा गेंद को प्रयोग करने के आखिरी पड़ाव पर है।
One of cricket's most anticipated developments will be revealed at Lord's tonight, as Australians prepares for the second test. Melbourne manufacturer Kookaburra has embedded a microchip in the core of its smartball to provide real time data. @LanaMurphy #9News pic.twitter.com/VwChLQ4fN4
— Nine News Melbourne (@9NewsMelb) August 10, 2019
मेलबर्न की कंपनी कूकाबुरा ने रियल टाइम डेटा प्रदान करने के लिए गेंद में एक माइक्रोचिप लगाई है, जिसे 'स्मार्टबॉल' कहा जाएगा। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गेंद एक ट्रैकर से लैस होती है, जो फेंकते ही डेटा प्रदान करती है। जिसमें रिलीज पॉइंट पर स्पीड मैट्रिक्स, प्री-बाउंस और पोस्ट-बाउंस शामिल हैं। इस गेंद के आने के बाद अंपायर्स को डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) में मदद मिलेगी। इस गेंद के आने से संदिग्ध परिस्थितियों या बैट-पैड के उदाहरणों में गेंद के प्रभाव बिंदुओं को निर्धारित किया जा सकेगा, जिससे स्पिन गेंदबाजी के दौरान फैसला लेने में मदद मिलेगी और फैसला भी सटीक होगा।