जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर साबित किया कि वह क्यों मौजूदा दौर में टीम इंडिया के नंबर एक गेंदबाज हैं। अपने अलग एक्शन के लिए मशहूर बुमराह को विंडीज के खिलाफ पहले दो मैच में आराम देने के बाद तीसरे मैच में खिलाया गया, जहां उन्होंने 10 ओवर्स में एक मेडन फेंकते हुए 35 रन देकर चार विकेट लिए। मैच के बाद उन्होंने हार के कारणों का भी खुलासा किया।
बुमराह का यह भारतीय सरजमीं पर वनडे में अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। हालांकि बुमराह के इस प्रदर्शन में उनके साथ क्षेत्ररक्षकों का भी खास योगदान रहा। मैच में महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा ने उनकी गेंद पर दो शानदार कैच पकड़े। बुमराह ने कहा कि वेस्टइंडीज के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने तीसरे वनडे मैच के नतीजे में अंतर पैदा किया।
वेस्टइंडीज की टीम ने एक समय 227 रन पर आठ विकेट गंवा दिए थे लेकिन एश्ले नर्स (40) और केमार रोच (15) के बीच 56 रन की साझेदारी की बदौलत नौ विकेट पर 283 रन बनाने में सफल रही।
बुमराह ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मुझे लगता है कि एक इकाई के रूप में हमने अच्छी गेंदबाजी की, 35वें ओवर तक हम काफी अच्छी स्थिति में थे। हां, अंत में हमने कुछ रन दे दिए, शायद इसने ही अंतर पैदा किया। कुल मिलाकर गेंदबाजी प्रदर्शन बुरा नहीं था। वे अच्छा खेले और आपको बल्लेबाजों को श्रेय देना होगा। यह दोनों का संयोजन है।'
भारत को 43 रन की शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की श्रृंखला में अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा है। बुमराह ने कहा, 'अगर आप कहते हैं कि उनके गेंदबाजों ने 90 रन बनाए तो जैसन होल्डर ऑलराउंडर हैं। उन्होंने निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी की।'
बुमराह ने अपने साथी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का भी बचाव किया जिन्होंने 10 ओवर में 70 रन लुटाए। उन्होंने कहा, 'भुवी ने अच्छी शुरुआत की लेकिन बीच के ओवरों में या अंत में उसके खिलाफ रन बने, कभी कभी ऐसा होता है। जब आप डेथ ओवर्स में गेंदबाजी करते हैं तो यह मुश्किल होता है। यह जरूरी नहीं कि सभी गेंदबाज एक साथ अच्छा प्रदर्शन करें।'
भारत को अगला मैच मुंबई में सोमवार को खेलना है।