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David Warner: 'प्रैक्टिस कम पार्टी ज्यादा', सहवाग ने बताया आईपीएल के पहले सीजन में कैसी थी वॉर्नर की हालत
Sat, 07 May 2022 04:48 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 07 May 2022 04:48 PM IST
सार
वीरेन्द्र सहवाग ने बताया है कि आईपीएल के पहले सीजन के दौरान डेविड वॉर्नर के अंदर कोई अनुशासन नहीं था। वो प्रैक्टिस करने से ज्यादा पार्टी करना पसंद करते थे। उन्होंने साथी खिलाड़ियों से लड़ाई भी की थी।
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डेविड वॉर्नर और वीरेन्द्र सहवाग
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
आईपीएल 2022 में डेविड वॉर्नर शानदार लय में दिख रहे हैं। इस सीजन वो चार अर्धशतक लगा चुके हैं और ऑरेंज कैप की रेस में भी शामिल हैं। इस बीच वो क्रिस गेल को पीछे छोड़कर टी20 में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। दिल्ली के लिए अपनी पुरानी टीम के खिलाफ वॉर्नर ने 92 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। इस बीच दिल्ली के पूर्व कप्तान वीरेन्द्र सहवाग ने वॉर्नर को लेकर चौकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया है कि आईपीएल के पहले सीजन में वॉर्नर के अंदर अनुशासन की कमी थी।
डेविड वॉर्नर ने अपना पहला आईपीएल साल 2009 में दिल्ली के लिए खेला था। इस समय वीरेन्द्र सहवाग टीम के कप्तान थे। सहवाग ने अब वॉर्नर को लेकर चौकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया है कि वॉर्नर प्रैक्टिस करने या मैच खेलने से ज्यादा पार्टी करना पसंद करते थे। इसी वजह से दो मौकों पर ड्रेसिंग रूम में उनकी दूसरे खिलाड़ियों से बहस भी हुई थी।
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डेविड वॉर्नर ने अपना पहला आईपीएल साल 2009 में दिल्ली के लिए खेला था। इस समय वीरेन्द्र सहवाग टीम के कप्तान थे। सहवाग ने अब वॉर्नर को लेकर चौकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया है कि वॉर्नर प्रैक्टिस करने या मैच खेलने से ज्यादा पार्टी करना पसंद करते थे। इसी वजह से दो मौकों पर ड्रेसिंग रूम में उनकी दूसरे खिलाड़ियों से बहस भी हुई थी।
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पांच साल तक दिल्ली का हिस्सा रहे वॉर्नर
डेविड वॉर्नर साल 2009 से 2013 तक दिल्ली की टीम का हिस्सा थे। पांच साल तक दिल्ली के लिए खेलने के बाद 2014 में वो हैदराबाद की टीम में गए और 2016 में सनराइजर्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने अपनी टीम को चैंपियन भी बनाया था। आठ साल तक हैदराबाद के लिए खेलने के बाद वर्नर फिर से दिल्ल की टीम का हिस्सा बन गए हैं। साल 2021 में वो खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। ऐसे में हैदराबाद ने उनसे कप्तानी छीनकर विलियम्सन को कप्तान बनाया। बाद में वॉर्नर को टीम से भी बाहर कर दिया गया था।
वॉर्नर पर गुस्सा हो गए थे सहवाग
वीरेन्द्र सहवाग ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में बताया कि वो खुद दो खिलाड़ियों पर गुस्सा हो गए थे और वॉर्नर उनमें से एक थे। क्योंकि, जब वो टीम का हिस्सा बने थे, तब प्रैक्टिस करने या मैच खेलने से ज्यादा पार्टी करना पसंद करते थे। पहले साल उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के साथ लड़ाई कर ली थी। इस वजह से आखिरी दो मैच होने से पहले ही उन्हें वापस ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया था। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी को सबक सिखाने के लिए बाहर कर देते हैं।
वॉर्नर को बाहर कर मैच जीती थी दिल्ली
सहवाग ने कहा "वो टीम में नए थे। ऐसे में उन्हें यह समझाना जरूरी था कि आप अकेले टीम के लिए जरूरी नहीं हैं। बाकी खिलाड़ी भी उतने ही जरूरी हैं। टीम में कई दूसरे खिलाड़ी भी हैं, जो खेल सकते हैं और मैच जीत सकते हैं। हुआ भी ऐसा ही। हमनें उन्हें टीम से बाहर रखा और मैच भी जीते।"
डेविड वॉर्नर साल 2009 से 2013 तक दिल्ली की टीम का हिस्सा थे। पांच साल तक दिल्ली के लिए खेलने के बाद 2014 में वो हैदराबाद की टीम में गए और 2016 में सनराइजर्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने अपनी टीम को चैंपियन भी बनाया था। आठ साल तक हैदराबाद के लिए खेलने के बाद वर्नर फिर से दिल्ल की टीम का हिस्सा बन गए हैं। साल 2021 में वो खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। ऐसे में हैदराबाद ने उनसे कप्तानी छीनकर विलियम्सन को कप्तान बनाया। बाद में वॉर्नर को टीम से भी बाहर कर दिया गया था।
वॉर्नर पर गुस्सा हो गए थे सहवाग
वीरेन्द्र सहवाग ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में बताया कि वो खुद दो खिलाड़ियों पर गुस्सा हो गए थे और वॉर्नर उनमें से एक थे। क्योंकि, जब वो टीम का हिस्सा बने थे, तब प्रैक्टिस करने या मैच खेलने से ज्यादा पार्टी करना पसंद करते थे। पहले साल उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के साथ लड़ाई कर ली थी। इस वजह से आखिरी दो मैच होने से पहले ही उन्हें वापस ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया था। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी को सबक सिखाने के लिए बाहर कर देते हैं।
वॉर्नर को बाहर कर मैच जीती थी दिल्ली
सहवाग ने कहा "वो टीम में नए थे। ऐसे में उन्हें यह समझाना जरूरी था कि आप अकेले टीम के लिए जरूरी नहीं हैं। बाकी खिलाड़ी भी उतने ही जरूरी हैं। टीम में कई दूसरे खिलाड़ी भी हैं, जो खेल सकते हैं और मैच जीत सकते हैं। हुआ भी ऐसा ही। हमनें उन्हें टीम से बाहर रखा और मैच भी जीते।"