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बॉयकाट का ऐलान, सहवाग युग हुआ खत्म
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 11 Apr 2013 06:13 PM IST
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इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ज्योफ्री बॉयकाट ने कहा है कि भारत के विध्वंसक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि सहवाग का अब टीम इंडिया में वापसी मुश्किल हो गई है।
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बॉयकाट ने कहा, 'मुझे लगता है कि सहवाग ने भारतीय टीम के लिए आखिरी बार खेला था। उनकी टीम में अब वापसी करना बेहद मुश्किल है क्योंकि भारतीय टीम अब सही दिशा में आगे बढ़ रही है।'
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हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के आखिरी दो मैचों के लिए सहवाग को टीम से बाहर कर दिया गया था।
इसके बाद आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी सहवाग को 30 संभावितों में शामिल नहीं किया गया था। चोट की वजह से सहवाग आईपीएल में भी हिस्सा नहीं ले पार रहे हैं।
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पिछले काफी समय से आउट ऑफ फॉर्म चल रहे सहवाग के वनडे करियर को लेकर भी अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।
पूर्व इंग्लिश कप्तान ने कहा, 'मैंने टीम इंडिया के इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हारने के बाद कहा था कि टीम को अब नये सिरे से आगे बढ़ना होगा और मुझे लगता है कि अब भारतीय टीम सही समय पर युवाओं के साथ आगे बढ़ रही है।'
बॉयकाट ने कहा, 'मैं काफी समय से कह रहा हूं कि टीम को युवाओं को मौका देना चाहिए। इन खिलाड़ियों के साथ टीम को फिर से विश्वकप विजेता बनने की ओर कदम रखना चाहिए।'
पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत विश्व चैंपियन है और आपको नई रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
पुरानी हो चुकी है वीरू की तकनीक
उम्र से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखता है। सहवाग पिछले काफी समय से फिटनेस की समस्या से जूझ रहे हैं और उनके प्रदर्शन में भी काफी गिरावट आई है।
अप्रैल 2012 से उन्होंने आठ टेस्टों में 31.38 के औसत से 408 रन बनाए थे। इसके अलावा वनडे में इसी दौरान उन्होंने 30.5 के औसत से 183 रन बनाए थे।
हालांकि पूर्व इंग्लिश कप्तान ने कहा कि सहवाग एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि सहवाग पिछले 20 वर्षों में भारतीय टीम के बेहतरीन खिलाड़ियों में से हैं।
लेकिन सही तकनीक की कमी उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है। वह कुछ खास पिचों पर ही प्रदर्शन कर पाते हैं लेकिन जब पिचें बाउंसी होती हैं तो उनकी तकनीक में कमी दिखाई देती है।
उन्होंने साथ ही कहा कि सहवाग जैसे खिलाड़ी के लिए उनकी खेलने की तकनीक इस समय आकर बदलना कठिन होगा।
उन्होंने कहा, सहवाग पिछले काफी समय से जिस तकनीक के साथ खेल रहे हैं उसमें बदलाव करना अब मुश्किल होगा।
उनका अपना एक व्यक्तित्व है। वह खुलकर बल्लेबाजी करते हैं और संभलकर खेलना उनके स्वभाव में नहीं है।