भारतीय कप्तान विराट कोहली बाउंसर्स से घबराते नहीं है बल्कि उनका मानना है कि इससे उन्हें गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करके दबाव बनाने की प्रेरणा मिलती है। दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज ने तेज गेंदबाजों द्वारा बल्लेबाजों पर होने वाली बाउंसर्स की बौछार पर अपने विचार व्यक्त किए। दूसरे एशेज टेस्ट में स्टीव स्मिथ को जोफ्रा आर्चर का बाउंसर गले पर लगने के बाद से इस पर बहस छिड़ी हुई है।
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विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
कोहली ने बीसीसीआई टीवी से कहा, 'मेरा हमेशा से मानना है कि शुरू में ही बाउंसर का सामना करना अच्छा है । इससे मुझे प्रेरणा मिलती है कि दोबारा ऐसा नहीं होने पाये । शरीर पर उस दर्द को महसूस करके लगता है कि ऐसा फिर नहीं होना चाहिए।'
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विराट कोहली विवियन रिचर्ड्स
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कोहली ने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचडर्स से बातचीत के दौरान कई सवाल पूछे। रिचडर्स ने इस मसले पर कहा, 'यह खेल का हिस्सा है। यह इस पर निर्भर करता है कि आप ऐसी चीजों से कितने बेहतर तरीके से उबरते हैं।' भारतीय कप्तान ने अपनी तरह आक्रामक रिचडर्स की तारीफों के पुल बांधे।
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विराट कोहली और विवियन रिचर्ड्स
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कहा, 'हम सभी बल्लेबाजों के लिए प्रेरणास्रोत हैं सर विवियन रिचडर्स।' रिचडर्स ने कोहली से समानता के बारे में कहा, 'मैं हमेशा खुद को सर्वश्रेष्ठ तरीके से अभिव्यक्त करने में विश्वास करता था। मेरा और इसका जुनून समान है। कई बार लोग हमें अलग तरीके से देखते हैं और कहते हैं कि ये इतने गुस्से में क्यों रहते हैं।'
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विवियन रिचर्ड्स और विराट कोहली
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कोहली ने पूछा कि उस दौर में खतरनाक तेज गेंदबाजी के बावजूद वह हेलमेट क्यो नहीं पहनते थे, इस पर रिचडर्स ने कहा, 'मैं मर्द हूं। यह अहंकार से भरा लगेगा, लेकिन मुझे लगता था कि मैं ऐसा खेल खेल रहा हूं जो मैं जानता हूं। मैने हर बार खुद पर भरोसा किया। आप चोटिल होने पर भी वह भरोसा नहीं छोड़ते।' उन्होंने कहा, 'मुझे हेलमेट असहज लगता था। मुझे मरून कैप पर गर्व था और मैं वही पहनता था। मुझे लगता था कि चोट लगने पर भी मैं बच जाऊंगा।'