भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने क्रिकेट के दीवाने देश की अपेक्षाओं से निबटना सीख लिया है लेकिन क्रिकेट मैदान पर लगातार अच्छे फैसले करना एक क्रमिक प्रक्रिया है। वनडे विश्व कप में पहली बार भारत की अगुआई करने के लिए तैयार कोहली से एक अरब भारतीय हर मैच में शतक की उम्मीद करते हैं। कोहली ने 2011 और 2015 विश्व कप में भारत के शुरुआती मैचों में शतक बनाए थे।
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विराट कोहली
- फोटो : social media
कोहली से जब पूछा गया कि क्या वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को होने वाले मैच में इस तरह के शतकों की हैट्रिक पूरी कर सकते हैं, उन्होंने कहा कि इस तरह की अपेक्षाओं के साथ जीना अब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। कोहली ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, 'देखिए, जब आप अच्छा प्रदर्शन करते हो और लंबे समय से ऐसा करते तो आपसे अपेक्षाएं की जाएंगी। मैं समझ चुका हूं कि अपेक्षाओं से कैसे निबटना है। आपको किसी के सामने कुछ साबित नहीं करना है जो कि सच्चाई है लेकिन आपको यह स्वीकार करना होगा कि आपसे उम्मीदें लगी होंगी।'
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विराट कोहली ने कहा, 'जब मैं बल्लेबाजी के लिए जाऊंगा तो सीढ़ियां उतरते समय लोग कहेंगे कि हमें शतक चाहिए और इस तरह की चीजें होंगी। मेरे लिए ये सब चीजें अब प्रक्रिया का हिस्सा हैं।' वह इस पर बात नहीं करना चाहते कि वह अपने पीछे किस तरह की विरासत छोड़ना चाहेंगे लेकिन उनका मानना है कि कप्तान की भूमिका में उनकी प्रगति क्रमिक रही है।
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कोहली ने कहा, 'जब आप मैच की परिस्थितियों से अवगत नहीं रहोगे तो गलतियां करोगे। आप जितनी अधिक क्रिकेट खेलोगे, ये धीरे-धीरे कम होती जाएंगी। जब आपके साथ टीम में अनुभवी खिलाड़ी हो जो कि क्रिकेटर के तौर पर आपके साथ आगे बढ़े हों तो धीरे-धीरे आप अच्छे फैसले करने लग जाते हो।' उन्होंने कहा, 'कोई भी हर समय सही या गलत फैसले नहीं कर सकता है, इसलिए महत्वपूर्ण सही फैसले करने की कोशिश करना है।'
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उनसे जब पूछा गया कि किसी भी बड़े टूर्नमेंट से पहले क्या खिलाड़ियों में भी एक अलग तरह का रोमांच रहता है तो कोहली ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो प्रत्येक मैच से पहले मुझे ऐसा अहसास होता है और मैं इसमें अंतर नहीं कर सकता। हां, अगर आप केवल विश्व कप शब्द कहो तो यह आपके दिलोदिमाग में अलग तरह का अहसास दिलाता है।' उन्होंने कहा, 'यहां तक कि 2011 और 2015 में भी मैं इस तरह से महसूस कर रहा था। यहां तक कि टेस्ट मैच में जब 2 विकेट पर 10 रन के स्कोर पर क्रीज पर कदम रखते हो तो आप अलग तरह से महसूस करते हो।'