{"_id":"56ef91c54f1c1bec5df14d73","slug":"virat-kohli-s-innings-the-key-for-team-india-s-success","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान का सबसे बुरा सपना विराट कोहली","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
पाकिस्तान का सबसे बुरा सपना विराट कोहली
हेमंत रस्तोगी/ अमर उजाला, कोलकाता
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:38 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : pti
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते तेरह माह में तीन महामुकाबले और तीनों में ही पाकिस्तान ने वह सब कुछ किया जो उन्हें जीत की दहलीज पर ले जाने के लिए काफी था। नहीं कर पर पाए तो सिर्फ विराट कोहली की तोड़ नहीं निकाल पाए।
विज्ञापन
वर्ल्ड कप के दौरान एडीलेड में खेली गई 107 रनों की पारी इसके बाद टी-20 एशिया कप में मोहम्मद आमिर के कहर के आगे 49 रन और अब टी-20 वर्ल्ड कप में नाबाद 55 रन। क्या विराट पाकिस्तान के लिए वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर से भी बड़ा बुरा सपना बन गए हैं?
विज्ञापन
यह सवाल इस वक्त पूरी पाकिस्तानी टीम के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। तभी तो भारत से हार के बाद शोएब मलिक के मुंह से यही निकला दोनों टीमों में अगर कोई अंतर था तो वह विराट कोहली ही थे। दरअसल उनके लिए विराट की काट ढूंढना अब जरूरी हो गया है।
विज्ञापन
शोएब ही क्यों पाक कप्तान शाहिद आफरीदी हों या भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सभी विराट के गुण गा रहे हैं। धोनी तो यहां तक कहते हैं कि उनमें कुछ कर दिखाने की भूख है। वह प्रदर्शन करना चाहते हैं, रन बनाना चाहते हैं। उनमें विकेट को पहचान कर उन परिस्थितयों में बल्लेबाजी करने की काबलियत है और सबसे बढ़कर जब वह पारी को बढ़ाते हैं तो उसे लंबे स्कोर में परिवर्तित करने की कूवत रखते हैं।
उन्होंने आगे कहा, जरूरत के वक्त कब चौका या छक्का लगाना है या कब एक रन को दो में परिवर्तित करना है यह विराट कोहली की खूबी है। तभी तो वह अपने साथ के बल्लेबाजों में अपने को एक कदम ऊपर रखने में सफल रहे हैं।
सबसे हटकर है मानसिक मजबूती
जिस 17 साल के युवक के पिता का शव घर में पड़ा हो और रात भर जगकर अपने जज्बातों पर काबू रखते हुए वह दिल्ली के लिए अपनी नाबाद पारी को आगे बढ़ाने स्टेडियम आ गया हो तो उस युवक की मानसिक मजबूती किस स्तर की होगी बताने की जरूरत नहीं है।
विराट कोहली का विपरीत परिस्थितियों में खेलकर टीम को जिताना उनकी इसी मानसिक मजबूती का परिचय देता है। विराट ने खुलासा भी किया कि नागपुर में जब टीम को जरूरत थी और वह आउट हो गए, उन्हें काफी खराब लगा था। स्थितियां इस बार भी वैसी थीं, लेकिन युवराज का साथ मिलने के बाद वह टीम को जीत की ओर ले गए। विराट पहले भी कह चुके हैं कि विपरीत और चुनौतीपूर्ण स्थितियों में उन्हें अपने खेल का स्तर बढ़ाने में मजा आता है।
विराट कोहली का विपरीत परिस्थितियों में खेलकर टीम को जिताना उनकी इसी मानसिक मजबूती का परिचय देता है। विराट ने खुलासा भी किया कि नागपुर में जब टीम को जरूरत थी और वह आउट हो गए, उन्हें काफी खराब लगा था। स्थितियां इस बार भी वैसी थीं, लेकिन युवराज का साथ मिलने के बाद वह टीम को जीत की ओर ले गए। विराट पहले भी कह चुके हैं कि विपरीत और चुनौतीपूर्ण स्थितियों में उन्हें अपने खेल का स्तर बढ़ाने में मजा आता है।