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BCCI के पूर्व सचिव बोले- कुंबले की नियु्क्ति से नाखुश थे कोहली
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Fri, 02 Jun 2017 05:37 PM IST
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विराट कोहली, अनिल कुंबलें और कुलदीप यादव
- फोटो : IBTimes
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पूर्व बीसीसीआई सचिव अजय शिर्के ने गुरुवार को कहा कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अनिल कुंबले को कोच नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए थे। शिर्के ने कहा कि कोहली कुंबले कि नियुक्ति से शुरुआत से नाखुश थे। हालांकि, बीसीसीआई ने कोहली को क्रिकेट सलाहकार समिति का फैसला मानने के लिए मना लिया। समिति ने कुंबले को एक साल का अनुबंध दिया।
शिर्के पिछल साल कोच चयन प्रक्रिया का हिस्सा थे। अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बात करते हुए उन्होंने कहा, "कोहली और कुंबले के बीच मनमुटाव की खबरें काफी समय से चली आ रही हैं। कोहली उनकी नियुक्ति से भी खुश नहीं थे। उस समय के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने दोनों पक्षों से लंबी चर्चा की और स्पष्ट किया कि सलाहकार समिति के अनुसार कुंबले ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। इसलिए उनकी नियुक्ति की गई और भविष्य में विकल्प खुले रखने के लिए एक साल का अनुबंध दिया।"
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शिर्के पिछल साल कोच चयन प्रक्रिया का हिस्सा थे। अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बात करते हुए उन्होंने कहा, "कोहली और कुंबले के बीच मनमुटाव की खबरें काफी समय से चली आ रही हैं। कोहली उनकी नियुक्ति से भी खुश नहीं थे। उस समय के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने दोनों पक्षों से लंबी चर्चा की और स्पष्ट किया कि सलाहकार समिति के अनुसार कुंबले ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। इसलिए उनकी नियुक्ति की गई और भविष्य में विकल्प खुले रखने के लिए एक साल का अनुबंध दिया।"
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कुंबले ने पहले ही जताई थी कोच बनने की इच्छा
अजय शिरके
- फोटो : getty
शिर्के के कहा कि कोहली के अपने अलग विचार थे। अनुराग ठाकुर ने सलाहकार समिति का फैसला मानने के लिए मना लिया। बता दें कि सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण वाली सलाहकार समिति ने रवि शास्त्री पर तरजीह देते हुए अनिल कुंबले को चुना। कुंबले ने इससे पहले किसी भी टीम को कोचिंग नहीं दी थी। उन्हें समिति को जोर देने पर ही इस दौड़ में शामिल किया गया था।
हालांकि, शिर्के ने कहा कि कुंबले ने उनके बोर्ड सचिव बनने के बाद उन्हें फोन कर टीम इंडिया का कोच बनने की इच्छा जताई थी। यह बात चयन प्रक्रिया से पहले की है। कुंबले ने बताया कि वो जीत के लिए आतुर हैं और उनमें भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने का जूनून है। साथ ही शिर्के ने कहा कि कुंबले के चयन में किसी प्रकार की सिफारिश शामिल नहीं थी।
शिर्के ने कहा कि कप्तान की बात की सम्मान होना चाहिए, मगर उसे यह अधिकार नहीं कि वह कोच की नियुक्ति करे। कप्तान के विचार समिति के विचारों पर हावी नहीं होने चाहिए। शिर्के ने कुंबले के साथ हुई निजी मीटिंग के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
हालांकि, शिर्के ने कहा कि कुंबले ने उनके बोर्ड सचिव बनने के बाद उन्हें फोन कर टीम इंडिया का कोच बनने की इच्छा जताई थी। यह बात चयन प्रक्रिया से पहले की है। कुंबले ने बताया कि वो जीत के लिए आतुर हैं और उनमें भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने का जूनून है। साथ ही शिर्के ने कहा कि कुंबले के चयन में किसी प्रकार की सिफारिश शामिल नहीं थी।
शिर्के ने कहा कि कप्तान की बात की सम्मान होना चाहिए, मगर उसे यह अधिकार नहीं कि वह कोच की नियुक्ति करे। कप्तान के विचार समिति के विचारों पर हावी नहीं होने चाहिए। शिर्के ने कुंबले के साथ हुई निजी मीटिंग के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।