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टीम इंडिया के हेड कोच ने कहा, शास्त्री-कुंबले आते-जाते रहेंगे, टीम का मजबूत होना जरूरी
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
Updated Wed, 19 Jul 2017 05:02 PM IST
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विराट कोहली
- फोटो : YouTube
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भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री ने 26 जुलाई से शुरू हो रहे श्रीलंका दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत की। शास्त्री ने सपोर्ट स्टाफ और कोच पद को लेकर कहा कि हमारे जैसे लोग आते-जाते रहेंगे। भारतीय टीम का रंग हमेशा रहेगा।
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टीम इंडिया का हेड कोच पद पर नियुक्त होने के बाद शास्त्री ने टीम इंडिया के बारे में कहा, 'मैं पिछली बार की तुलना में मैच्योर हुआ हूं। पिछले दो हफ्तों में मुझमें बहुत मेच्योरिटी आई है। मेरा दिमाग रिफ्रेश है और मैं वहां से शुरुआत करूंगा जहां टीम को छोड़कर गया था। मैं कोई बैगेज लेकर नहीं आया हूं। टीम ने पिछले तीन साल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। किसी दूसरे की तुलना में टीम की सफलता का श्रेय सिर्फ टीम को ही मिलना चाहिए। रवि शास्त्री और अनिल कुंबले आते-जाते रहेंगे, लेकिन भारतीय टीम का ताना-बाना मजबूत होना चाहिए। इसका सारा श्रेय उन सभी को जाता है, जिन्होंने पिछले तीन साल में टीम के बेहतरीन प्रदर्शन में अपना योगदान दिया। हमारे जैसे लोग आते-जाते रहेंगे।'
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वहीं विराट कोहली ने टीम इंडिया के बारे में कहा, 'हम एक टीम के रूप में वो हासिल करेंगे जो हासिल करना चाहते हैं। पिछले कुछ समय में हमने कठिन परिश्रम किया है। आलोचना होना या आलोचना का शिकार होना कोई नई बात नहीं है। हम खेल के इस भाग को अच्छी तरह समझते हैं। मैं कोई अतिरिक्त दबाव नहीं ले रहा हूं, जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है, मैं केवल उसपर ध्यान केंद्रित करता हूं। मैंने एक खिलाड़ी के रूप में शुरुआत की है और मैं टीम में सबसे बेहतर होना चाहता हूं। और मैं इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाना चाहता हूं। जब तक मैं कप्तान हूं या मुझे जब तक इस पोजीशन पर रखा जाएगा तब तक मैं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा। आपके सामने एक सीरीज है आपका ध्यान वहीं होना चाहिए और हम वही कर रहे हैं। ये कुछ ऐसा ही है कि आप बैटिंग करने जा रहे हैं और ये सोच रहे हैं कि अगर मैं आउट हो गया तो...ऐसा किसी भी परिस्थिति में हो सकता है।'
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विराट कोहली ने कोच मामले पर हो रहे विवाद को लेकर कहा कि बाहर चाहे जो भी हो रहा हो, हम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है। उन्होंने शास्त्री के साथ अपने रिश्ते को लेकर कहा कि हमारी केमिस्ट्री गजब की है क्योंकि हम तीन साल से साथ काम कर रहे हैं। शास्त्री के साथ पहले काम करने के अनुभव के बार में विराट ने कहा, 'हमने तीन साल काम किया है, हमारे बीच समझ तो पहले ही होनी चाहिए। इसका हिसाब आप भी लगा सकते हैं। इन परिस्थियों में मुझे कुछ नया समझने की जरूरत नहीं है। जैसा कि मैं कह चुका हूं कि हम पहले साथ काम कर चुके हैं ऐसे में हमें मालूम है कि उनसे क्या आशा है या उनकी क्या आशा है। मुझे नहीं लगता कि उसे समझने में वक्त लगेगा।'
विराट ने पिछले श्रीलंका दौरे की याद करते हुए कहा, '24 महीने पहले का श्रीलंका दौरा उस बिलीव सिस्टम की शुरुआत थी, जिससे ये विश्वास आया कि हम घर के बाहर भी टेस्ट सीरीज जीत सकते हैं। आपको ऐसी टीम की जरूरत होती है जो आपके लिए मैच जीत सके। हमने टीम में जीतने की परंपरा शुरु की है। पिछली बार टेस्ट सीरीज में भी हमारा माइंडसेट अच्छा थी सीरीज की शुरुआत पहले टेस्ट में हार के साथ हुई थी। लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए हमने सीरीज जीती। वह हमारी जीत के लिए खेलने के कल्चर की वजह से हो सका, जिसकी हमने उस सीरीज में शुरुआत की थी।'
विराट ने आगे कहा, 'उस वक्त हमारी टीम के खिलाड़ी श्रीलंकाई खिलाड़ियों की तुलना में कम अनुभवी थे। मगर हमने अपनी क्षमताओं में अधिक विश्वास जताया कि हम किसी भी परिस्थिति में जीत हासिल कर सकते हैं। इसकी वजह से हमारा माइंटसेट बदल गया। तब से लेकर आप देख सकते हैं कि परिणाम कैसे आए हैं। अब आप देखेंगे कि हमारे लिए विदेशी दौरे शुरू हो रहे हैं। हमने घरेलू सीजन में जिस माइंडसेट से क्रिकेट खेली है उसी को विदेशी दौरों पर भी जारी रखेंगे और उसी माइंडसेट को अप्लाई करेंगे जो साल 2015 में किया था।'
भारतीय कप्तान ने अपनी तैयारियों और टीम के साथ व्यवहार के बारे में बात करते हुए कहा, 'मेरे हाथ में केवल बैट होता है और मेरा काम मैदान में जाकर रन बनाना होता है। मैं जिन चीजों को मैदान में कंट्रोल कर सकता हूं, उन्हीं पर फोकस करता हूं। मैंने पिछले कुछ महीनों में ये किया है और आगे भी यही करने जा रहा हूं। बहुत सारी अफवाहें और कई तरह की बातें होती हैं, लेकिन वो चीजें मेरे नियंत्रण में नहीं होती हैं। मेरा काम मैदान पर जाकर टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराना होता है और टीम मैनेजमेंट के साथ मिलकर अपनी क्षमताओं का बेहतरीन उपयोग करना होता है, जिसपर मैं यकीन करता हूं।'
याद हो की भारतीय टीम ने पिछले दौरे पर श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दी थी। तब श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा ने संन्यास लिया था। भारत के लिए ये टेस्ट सीरीज जीत इसलिए सबसे खास रही क्योंकि उसने 22 साल बाद श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में मात दी थी।