INDvAUS: ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले विराट-शास्त्री ने दिए ये 5 बड़े बयान
भारतीय क्रिकेट टीम साल 2018 के अपने आखिरी दौरे के लिए पूरी तरह तैयार है।
आखिरी बार 2014-15 ऑस्ट्रेलिया दौरा करने वाली भारतीय टीम लगभग चार साल बाद कंगारूओं के घर में लोहा लेने जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले गुरुवार को भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
#WATCH: Virat Kohli and Ravi Shastri address the media in Mumbai before leaving for Australia tour https://t.co/HC7D35yTCz
— ANI (@ANI) November 15, 2018
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए इस जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ-साथ विश्व कप 2019 के लिए अहम बातें कही। अगली स्लाइड में जानिए विराट-शास्त्री के 5 बड़े बयान
'विश्व कप तक अब टीम से छेड़छाड़ नहीं'
शास्त्री ने संकेत दिए कि वे अब से उनके 15 खिलाड़ियों के साथ ही खेलेंगे जिनके विश्व कप के लिए ब्रिटेन जाने की संभावना है। शास्त्री ने कहा कि, 'हम उन 15 खिलाड़ियों को खिलाने का प्रयास करेंगे जो विश्व कप के लिए जाएंगे। अब बदलाव नहीं होंगे। बदलाव का समय खत्म हो गया है।'
शास्त्री ने यह भी कहा कि अब हमारे पास अब काफी मैच नहीं बचे हैं। हमारे पास 13 मैच हैं इसलिए हम हर समय सर्वश्रेष्ठ टीम को खिलाने का प्रयास करेंगे।
शास्त्री के मैन मैनेजमेंट का जवाब नहीं
विराट ने बताया, 'सबसे ज्यादा ना मुझे कोच से ही सुनने को मिली है, लेकिन ये निजी चीजें होती हैं। ये टीम के एक अंदरूनी माहौल में होती हैं। टीम में हर किसी को अपनी राय रखने की आजादी है। एक दिन मेरा क्रिकेट खत्म हो जाएगा। रवि भाई भी चले जाएंगे। हम सिर्फ एक दी गई जिम्मेदारी के लिए काम करते हैं। हम दोनों, बल्कि हम सभी का एक ही मकसद है कि क्रिकेट को आगे ले जाएं। 2014 में मेरे इंग्लैंड दौरे और 2015 में शिखर धवन को दबाव से बाहर निकालने में शास्त्री का अहम योगदान रहा है। उनके सुझावों पर मैंने टीम में कई अहम बदलाव किए। मैन मैनेजमेंट के मामले में वे लाजवाब हैं।'
ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी पर फोकस
विराट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में हमारा फोकस बल्लेबाजी पर ज्यादा रहेगा, क्योंकि मौजूदा समय में हमारे गेंदबाज अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। अगर निचले क्रम में ऑलराउंडर रनों से अपना योगदान देने में सफल रहेंगे तो हम किसी भी मैच या सीरीज के नतीजे को बदल सकते हैं। इंग्लैंड में लॉर्ड्स टेस्ट को छोड़ दें तो हमने टुकड़े-टुकड़े में अच्छी बल्लेबाजी की। हां, किसी एक मैच में हमारे बल्लेबाज एक साथ अच्छा नहीं कर पाए।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की स्लेजिंग
कोहली को एक समय उनके आक्रामक व्यवहार के कारण आलोचना झेलनी पड़ती थी लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपने करियर के उस दौर से निकल चुके हैं और एक व्यक्ति के रूप में अधिक परिपक्व हो गए हैं।
वहीं ईशांत शर्मा ने कहा कि अगर ऑस्ट्रेलियाई पूर्व की तरह छींटाकशी करते हैं तो उन्हें दिक्कत नहीं होगी क्योंकि अगर वे शुरुआत करते हैं तो वह भी जवाब देने में सक्षम हैं।