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U19 World Cup: दिल्ली के लड़के ने 10 साल बाद भारत को फिर बनाया विश्व चैंपियन, विराट से कितनी मिलती है यश धुल की कहानी
Sun, 06 Feb 2022 08:03 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 06 Feb 2022 08:03 AM IST
सार
यश धुल की कप्तानी में भारतीय टीम ने रिकॉर्ड पांचवीं बार अंडर-19 विश्वकप जीत लिया है। धुल दिल्ली के तीसरे खिलाड़ी हैं, जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम फाइनल में पहुंची है। उनसे पहले विराट कोहली और उनमुक्त चंद ऐसा कर चुके हैं।
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विराट कोहली और यश धुल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अंडर-19 विश्वकप 2022 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को मात देकर रिकॉर्ड पांचवीं बार खिताब अपने नाम किया। यश धुल भारतीय टीम को खिताब दिलाकर दिल्ली के ऐसे तीसरे खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने यह कारनामा किया है। उनसे पहले विराट कोहली और उनमुक्त चंद ऐसा कर चुके हैं। कोहली ने 2008 और उनमुक्त चंद ने 2012 में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताया था। तीनों ही खिलाड़ी का जन्म दिल्ली में हुआ है। यश धुल की कहानी कई मायनों में विराट कोहली से मिलती-जुलती है। इन दोनों खिलाड़ियों का शुरुआती क्रिकेट करियर कई मायनों में एक समान रहा है।
विराट पहले भारतीय कप्तान थे, जिन्होंने अंडर-19 विश्वकप में शतक लगाया था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 74 गेंद में 100 रन की पारी खेली थी। इसके बाद उनमुक्त चंद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रन बनाए थे। अब यश धुल ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में 110 रन की बेहतरीन पारी खेली। यश ने अंडर-19 विश्व कप में चार मैचों में 76.33 की औसत से 229 रन बनाए।
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विराट पहले भारतीय कप्तान थे, जिन्होंने अंडर-19 विश्वकप में शतक लगाया था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 74 गेंद में 100 रन की पारी खेली थी। इसके बाद उनमुक्त चंद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रन बनाए थे। अब यश धुल ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में 110 रन की बेहतरीन पारी खेली। यश ने अंडर-19 विश्व कप में चार मैचों में 76.33 की औसत से 229 रन बनाए।
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अंडर-19 विश्वकप में शतक लगाने वाले भारतीय कप्तान
- फोटो : अमर उजाला
अंडर-19 विश्वकप में चौथे नंबर पर खेले
विराट कोहली भी साल 2008 अंडर-19 विश्वकप में चौथे नंबर पर खेलते थे। उन्होंने इसी नंबर पर खेलते हुए उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक बनाया था। अब यश धुल भी चौथे नंबर पर ही खेलते हैं और इसी नंबर पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक बनाया। विराट ताकत के साथ बड़े छक्के लगाने की बजाय टाइमिंग और गैप में शॉट खेलने पर यकीन रखते हैं। यश धुल भी इसी शैली के खिलाड़ी हैं और वो भी ताकत के साथ बड़े छक्के लगाने की बजाय टच प्ले पर ज्यादा यकीन करते हैं। इसी तरीके से उन्होंने ज्यादा रन बनाए हैं।
विराट ने पिता तो धुल ने दादा को खोया पर रुके नहीं
विराट के करियर के शुरुआती दौर में ही उनके पिता का निधन हो गया था। इस समय विराट दिल्ली के लिए रणजी मैच खेल रहे थे। दिल्ली की टीम मुश्किल में थी और विराट ने बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को मुश्किल से उबारा। इसके बाद वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में गए थे। वहीं धुल ने भी 2017 में अपने दादा जी को खो दिया था, लेकिन अगले दिन ही वो मैदान में थे और क्रिकेट खेल रहे थे।
यश ढुल उस दौरान सात या आठ साल के थे, जब उनके दादा जगत सिंह उनकी अंगुली पकड़कर पहली बार रणजी क्रिकेटर प्रदीप कोचर की अकादमी लेकर गए थे। उसके बाद ऐसा कोई दिन और मैच नहीं गया जब यश को अपने दादा का साथ नहीं मिला हो। 2017 में यश के दादा स्वर्ग सिधार गए, लेकिन अगले ही दिन यश मैदान में थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
10 साल बाद दिल्ली के लड़के ने भारत को फिर चैंपियन बनाया
14 साल पहले विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्वकप जीता था। यह दूसरा मौका था, जब भारतीय टीम ने यह टूर्नामेंट अपने नाम किया था। इसके बाद उनमुक्त चंद और पृथ्वी शॉ भी भारत को अंडर-19 विश्वकप जिता चुके हैं। पृथ्वी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वहीं उनमुक्त भी दिल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने 2012 में भारत को विश्व विजेता बनाया था। इसके 10 साल बाद अब एक बार फिर दिल्ली के ही लड़के ने भारत को विश्व विजेता बना दिया है।
विराट कोहली भी साल 2008 अंडर-19 विश्वकप में चौथे नंबर पर खेलते थे। उन्होंने इसी नंबर पर खेलते हुए उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक बनाया था। अब यश धुल भी चौथे नंबर पर ही खेलते हैं और इसी नंबर पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक बनाया। विराट ताकत के साथ बड़े छक्के लगाने की बजाय टाइमिंग और गैप में शॉट खेलने पर यकीन रखते हैं। यश धुल भी इसी शैली के खिलाड़ी हैं और वो भी ताकत के साथ बड़े छक्के लगाने की बजाय टच प्ले पर ज्यादा यकीन करते हैं। इसी तरीके से उन्होंने ज्यादा रन बनाए हैं।
विराट ने पिता तो धुल ने दादा को खोया पर रुके नहीं
विराट के करियर के शुरुआती दौर में ही उनके पिता का निधन हो गया था। इस समय विराट दिल्ली के लिए रणजी मैच खेल रहे थे। दिल्ली की टीम मुश्किल में थी और विराट ने बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को मुश्किल से उबारा। इसके बाद वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में गए थे। वहीं धुल ने भी 2017 में अपने दादा जी को खो दिया था, लेकिन अगले दिन ही वो मैदान में थे और क्रिकेट खेल रहे थे।
यश ढुल उस दौरान सात या आठ साल के थे, जब उनके दादा जगत सिंह उनकी अंगुली पकड़कर पहली बार रणजी क्रिकेटर प्रदीप कोचर की अकादमी लेकर गए थे। उसके बाद ऐसा कोई दिन और मैच नहीं गया जब यश को अपने दादा का साथ नहीं मिला हो। 2017 में यश के दादा स्वर्ग सिधार गए, लेकिन अगले ही दिन यश मैदान में थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
10 साल बाद दिल्ली के लड़के ने भारत को फिर चैंपियन बनाया
14 साल पहले विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्वकप जीता था। यह दूसरा मौका था, जब भारतीय टीम ने यह टूर्नामेंट अपने नाम किया था। इसके बाद उनमुक्त चंद और पृथ्वी शॉ भी भारत को अंडर-19 विश्वकप जिता चुके हैं। पृथ्वी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वहीं उनमुक्त भी दिल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने 2012 में भारत को विश्व विजेता बनाया था। इसके 10 साल बाद अब एक बार फिर दिल्ली के ही लड़के ने भारत को विश्व विजेता बना दिया है।