गुरुवार का दिन सचिन तेंदुलकर के लिए बेहद खास था। 'भारत रत्न' तेंदुलकर के बेटे को श्रीलंका दौरे के लिए अंडर-19 टीम इंडिया में शामिल किया गया। यह पहला मौका था जब 18 वर्षीय अर्जुन को भारतीय टीम की अंडर 19 टीम में जगह मिली।
आइए आपको बताते हैं कि साधारण प्रदर्शन करने वाले अर्जुन, आखिर कैसे अंडर-19 टीम में जगह बनाने में सफल हुए।
पिछले आकड़ों पर नजर डाले तो कूच बिहार ट्रॉफी में अर्जुन ने बेहद साधारण प्रदर्शन किया था। उस टूर्नामेंट में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वह 43वें स्थान पर थे, बावजूद इसके अंडर-19 टीम में उनका चयन चौंकाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंडर-19 टीम चुने जाने के बाद चयनकर्ता समिती से जुड़े एक सूत्र से जब अर्जुन के चयन पर सवाल पूछा गया तो इसकी वजह साफ हो गई। 24 सितंबर 1999 को जन्में अठारह वर्षीय अर्जुन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और लोअर ऑर्डर बैट्समैन हैं। ऊंचा कद उन्हें एक खांटी तेज गेंदबाज बनाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चयनित अंडर-19 टीम में अर्जुन एकमात्र विशुद्ध तेज गेंदबाज है, उन्होेंने 15 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए हैं। अर्जुन से ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज या तो स्पिनर्स हैं या फिर ऑलराउंडर। अजय देव गौड (33 विकेट) पूर्ण रूप से ऑलराउंडर हैं। अजय धीमी गति के मीडियम पेसर ऐसे में जेन्यूइन पेसर अर्जुन टीम में अपनी अलग पहचान रखते हैं।
अभी हाल ही में वेस्ट और साउथ जोन के जोनल मैच उना में हुए। इन मैचों में अर्जुन ने शानदार खेल दिखाया। एक मैच में 37 रन देकर 4 विकेट अपने नाम करने वाले जूनियर तेंदुलकर ने 3 विकेट एक ही स्पेल में लिए थे। इन जोनल मैच में अर्जुन ने अपने शानदार परफॉर्मेंस से चयनकर्ताओं को अपनी ओर ध्यान दिलाया।