आप भी जानिए, कोलंबो टेस्ट की ये चार अनोखी बातें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीम इंडिया ने कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका को 278 रनों से रौंदकर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी कर ली है। इससे पहले मेजबान टीम ने गाले टेस्ट में भारत को 63 रनों से हराकर पहली जीत दर्ज की थी।
कोलंबो में टीम इंडिया की जीत ऐतिहासिक है। शानदार जीत सिर्फ इस बात से नहीं कि भारत मेजबान टीम को बड़े अंतर से हराने में कामयाब हुआ है, बल्कि इस जीत में एक या दो नहीं पूरी 5 खास बातें भी रही।
टीम इंडिया की जीत में पहली खास बात विपक्षी टीम श्रीलंका से जुड़ी हुई है। श्रीलंकाई टीम के लिजेंड कुमार संगकारा ने कोलंबो मैच के बाद क्रिकेट जगत को अलविदा कह दिया। इससे पहले वह वनडे क्रिकेट से भी संन्यास ले चुके हैं।
वर्ष 2000 में गाले में दक्षिण अफ्रीकी टीम के खिलाफ डेब्यू करने वाले संगकारा ने अपने टेस्ट करियर का अंत कोलंबो में किया। इसमें संयोग यह है कि संगकारा ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत भी श्रीलंका में ही की और अंत भी श्रीलंका की धरती में किया।
आठ माह बाद कप्तान कोहली को मिली बड़ी खुशी
टीम इंडिया की कोलंबो टेस्ट में शानदार जीत में दूसरी खास बात यह रही कि भारतीय कप्तान विराट कोहली को इस जीत के लिए आठ माह का इंतजार करना पड़ा। कोहली अभी तक 5 टेस्ट में कप्तानी कर चुके हैं। जिसमें टीम को दो बार हार और दो बार ड्रॉ झेलना पड़ा था।
लेकिन कोलंबो में जीत के साथ ही कोहली ने कप्तानी में पहली बार जीत का स्वाद चखा। अब कोहली इस शानदार जीत के सिलसिले को तीसरे और सीरीज के आखिरी मैच में भी कायम रखना चाहेंगे।
टीम इंडिया की जीत की तीसरी खास बात आर अश्विन से जुड़ी हुई है। सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में चारों बार कुमार संगकारा का शिकार अश्विन ने ही किया। अश्विन टेस्ट क्रिकेट में संगकारा को कुल 10 बार आउट कर चुके हैं। किसी अन्य गेंदबाज ने संगकारा को इतनी बार आउट नहीं किया है।
कोलंबो टेस्ट की ये है आखिरी खास बात
कोलंबो टेस्ट में भारत की शानदार जीत में चौथी और आखिरी खास बात जुड़ी है टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे से। रहाणे ने इस मैदान में 16 साल पुराने इतिहास को दोहराया।
दरअसल, 1999 में श्रीलंका के खिलाफ राहुल द्रविड़ ने कोलंबो में ही सेंचुरी लगाई थी। वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। ऐसा कारनामा रहाणे ने 16 साल बाद मैच की दूसरी पारी में दोहराया। रहाणे ने भी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सेंचुरी लगाई।