बुरे फंसे टीम इंडिया के टीम मैनेजर, ICC ने लगाया बड़ा जुर्माना
इंदौर में बुधवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 5 मैचों की सीरीज का दूसरा मैच खेला जाना था और टीम इंडिया कानपुर में खेले गए पहले मैच में हारकर सीरीज में 0-1 से पीछे थी।
लेकिन मैच से पहले ही टीम इंडिया के टीम मैनेजर विनोद फड़के ने सीरीज में बेहद खराब अंपायरिंग की सार्वजनिक तौर पर आलोचना कर दी। फड़के ने घटिया अंपायरिंग के लिए अंपायर विनीत कुलकर्णी को आड़े हाथों लिया था। तब टीम मैनेजर फड़के ने कहा था कि अंपायरिंग अच्छी नहीं हो रही है और वह सीरीज के बाद कप्तान धोनी के बयान को ध्यान में रखते हुए इस बात की आधिकारिक शिकायत करेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले टी-20 मैच के बाद कप्तान धोनी ने भी खराब अंपायरिंग का जिक्र किया था।
सीरीज के बीच में ही इस तरह के गलत बयान से आईसीसी फड़के से बेहद नाराज हो गया और इसे गलत बयान मानते हुए मैच फीस का 40 फीसदी पैसा काट लिया। आईसीसी ने अपने बयान में कहा, "फड़के ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए बने आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के उस नियम का सरासर उल्लंघन किया है जिसमें किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में हिस्सा लेने वाली टीम, खिलाड़ी और अधिकारी मैच में भाग लेने वाले किसी अन्य खिलाड़ी की सार्वजनिक तौर पर आलोचना और गलत बयान देने की मनाई है।"
फड़के ने खुद को जुर्माने से बचाने की गुजारिश की, लेकिन आईसीसी ने उनकी मैच फीस काट ली। चूंकि फड़के ने पहली बार ऐसी गलती की थी इसलिए उन पर 50 फीसदी से कम का जुर्माना किया गया।
क्यों अंपायर विनीत पर भड़के थे टीम मैनेजर फड़के?
मैनेजर विनोद फड़के ने इंदौर मैच से पहले क्रिकइंफो से कहा था, "मैंने कप्तान की रिपोर्ट नहीं देखी है, लेकिन मैं अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख करूंगा। यह सभी जानते हैं कि अंपायरिंग अच्छी नहीं रही है।"
अंपायर विनीत कुलकर्णी के लिए यह समय अच्छा नहीं चल रहा है क्योंकि दोनों टीमों के बीच खेले गए 5 में से 4 मैचों में 3 बार गलत फैसले दिए और जिस टीम के खिलाफ गलत फैसला दिया वो टीम हार भी गई। आप भी जानिए, उनके 3 बड़े गलत फैसले कौन से हैं।
पहला, दक्षिण अफ्रीका के भारतीय दौरे की शुरुआत धर्मशाला में खेले गए टी-20 मैच से हुई जिसमें भारत ने मेहमान टीम को 200 रनों का बड़ा लक्ष्य दिया था और वह पारी के 12-13वें ओवर तक मैच में जीत की ओर थे, लेकिन अंपायर विनीत कुलकर्णी ने अफ्रीकी पारी के 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर जेपी डुमिनी को पगबाधा आउट नहीं दिया जबकि वह टीवी रिप्ले में आउट दिख रहे थे। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अमूमन शांत रहते हैं लेकिन इस फैसले के बाद बेहद नाराज हुए थे। और यही खिलाड़ी बाद में टीम को जीत दिलाने में कामयाब रहा।
दूसरा, इसके बाद कानपुर में खेले गए पहले वनडे मैच में भी इसी अंपायर ने गलत फैसला लिया। इस बार भारत जब 304 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरा था तो शुरुआत में ही इन्हीं अंपायर कुलकर्णी ने एक और गलत फैसले से झटका दे दिया। भारतीय पारी के आठवें ओवर की तीसरी गेंद पर ओपनर शिखर धवन को उन्होंने पगबाधा कर दे दिया। जबकि गेंद स्विंग होकर लेग की दिशा में स्टंप से दूर जा रही थी। गेंद धवन के लेग साइड पैड पर लगी लेकिन अंपायर ने उन्हें पगबाधा दे दिया। बाद में भारत 5 रन से मैच हार गया।
तीसरा, इंदौर में भी अंपायर विनीत ने एक और बड़ा गलत फैसला दे दिया। इस बार अफ्रीकी टीम 248 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी और 40वें ओवर में 200 रन पर उसके 7 विकेट गिर चुके थे। उसकी बड़ी उम्मीद फरहान बेहरदीन थे जो 33 गेंदों पर 18 रन बनाकर खेल रहे थे लेकिन हरभजन सिंह की लेग साइड में जा रही गेंद जिसने बल्लेबाज के न बैट को छुआ और न ही पैड पर टकराई लेकिन उन्होंने आउट दे दिया। बाद में पूरी टीम 44वें ओवर में 225 रन पर आउट हो गई। कप्तान एबी डीविलियर्स ने अब उनके खराब फैसले की आलोचना की।