जाने, टीम इंडिया के 4 सितारों के लिए क्यों खास है श्रीलंका दौरा
टीम इंडिया अपने टेस्ट कप्तान विराट कोहली की अगुआई में सोमवार को श्रीलंका पहुंच चुकी है। कोहली अपने नेतृत्व में टीम इंडिया को श्रीलंका में जीत दिलाकर 22 साल का सूखा तोड़ना चाहेंगे।
आपको बता दें कि मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में टीम इंडिया 1993 में श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हुई थी। हालांकि 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में टीम इंडिया श्रीलंका में 3 मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ करने में सफल रही थी।
12 अगस्त से शुरू हो रही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया में 4 सितारे ऐसे है जिनके लिए यह सीरीज काफी खास है। आगे जाने उन क्रिकेटरों के बारे में और क्यों है उनके लिए यह टेस्ट सीरीज बेहद खास...
विराट कोहली और हरभजन सिंह है पहले दो सितारे
विराट कोहली और हरभजन सिंह टीम इंडिया के ऐसे दो सितारे है जिनके लिए यह टेस्ट सीरीज बेहद अहम और खास है।
महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट से संन्यास की घोषणा के बाद यह पहला मौका है जब एक से ज्यादा मैचों के लिए विराट कोहली को टेस्ट सीरीज में टीम की कमान संभालने का मौका मिलेगा। इससे पहले वह बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक-एक मैच में टीम के कप्तानी कर चुके है।
34 टेस्ट मैच खेल चुके कोहली के लिए अपनी कप्तानी साबित करने का यह सुनहरा मौका है, इतना ही नहीं वह अभी बल्लेबाजी में भी फ्लॉप चल रहे है। दबाव होने के बावजूद उन्हें दोनों क्षेत्रों में खुद को साबित करना ही होगा।
टीम इंडिया के दूसरे सितारे हरभजन सिंह। लंबे समय बाद टीम इंडिया में इंट्री कर चुके हरभजन के लिए यह सीरीज टेस्ट में रियल कमबैक है। उनके पास अपनी पूरी स्ट्रेंथ दिखाकर टीम में वापसी करने का मौका है।
कप्तान कोहली पहले भी हरभजन की तारीफ करते रहे है। कोहली के अनुसार हरभजन टीम में मैच विनर है और उनको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हरभजन के साथ आर अश्विन पर भी स्पिन का दारोमदार होगा।
बाकी के दो सुपरस्टार भी किसी से कम नहीं
टीम इंडिया में बाकी के दो सितारे है चेतेश्वर पुजारा और अमित मिश्रा। पुजारा भारत-ए में टीम की बागडोर संभाल चुके है। उनकी कप्तानी में विराट कोहली ने भी खेला था। हालांकि दुर्भाग्यपूर्ण पुजारा बल्ले से कमाल नहीं दिखा सके।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ खट्टे अनुभव झेल चुके पुजारा को एक वक्त महान भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के रुप में देखा जाता था, लेकिन आज वह टीम में बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे है। अगर उनको मैच में मौका मिलता है तो उन्हें उसे भुनाने की चुनौती होगी।
दूसरी ओर, चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे लेग स्पिनर अमित मिश्रा के लिए श्रीलंका दौरा तोहफे की सौगात भी है और खुद को साबित करने का मौका भी।
टीम में पहले से ही सीनियर गेंदबाज के तौर हरभजन सिंह और आर अश्विन है। ऐसे में अगर उन्हें मौका मिलता है तो उन पर अपनी फिरकी का जादू दिखाने का दबाव होगा। देखना दिलचस्प होगा कि जिस तरह भारत-ए के लिए खेलते हुए मिश्रा ने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ अपनी गेंद से कमाल दिखाया, श्रीलंका में दिखा पाते है या नहीं?