रहाणे की लगी लॉटरी, जिम्बाब्वे दौरे के लिए बने टीम के कप्तान
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बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया अब जिम्बाब्वे दौरे पर जाने के लिए तैयार है। दिल्ली में इसके लिए टीम का चयन आज दोपहर सोमवार को कर दिया गया।
बांग्लादेश के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जिम्बाब्वे दौरे पर जाने वाली टीम इंडिया से वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, टेस्ट कप्तान विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, शिखर धवन, उमेश यादव और ऑफ स्पिनर आर अश्विन को आराम दिया गया है। करीब 7 महीने से लगातार क्रिकेट खेल रहे इन खिलाड़ियों को श्रीलंका के अहम दौरे से पूर्व आराम दिया गया है।
ऐसे में भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने युवा टीम को जिम्बाब्वे भेजने का फैसला लिया। जिम्बाब्वे में भारतीय टीम को 3 वनडे और टी-20 मैचों की सीरीज खेलनी है। हालांकि टीम चयन में सबसे चौंकाने वाला फैसला रहा रहाणे का टीम इंडिया का कप्तान चुना जाना।
कप्तान धोनी ने बांग्लादेश के खिलााफ खेली गई वनडे सीरीज के अंतिम 2 मैचों में रहाणे को टीम में नहीं रखा था और अब अचानक उन्हें टीम की ही कमान सौंप दी गई। रहाणे के अलावा चौंकाने वाला फैसला रहा हरभजन सिंह की वापसी का। 6 जुलाई को भारतीय टीम जिम्बाब्वे दौरे पर रवाना होगी। दौरे का पहला मैच 10 जुलाई को वनडे मैच के रूप में खेला जाएगा।
हरभजन सिंह की भी हुई वनडे टीम में वापसी
संदीप पाटिल की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयनकर्ता समिति ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए रहाणे के अलावा टीम में कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किया है। इस टीम में कई पुराने चेहरों की वापसी हुई हैं जिसमें अनुभवी गेंदबाज हरभजन सिंह सबसे बड़ा नाम है। वह करीब चार साल बाद नीली जर्सी में मैदान पर दिखाई देंगे।
हरभजन के अलावा टीम इंडिया में फिर से जगह पाने वाले क्रिकेटरों में हैं मुरली विजय, मनोज तिवारी, केदार जाधव, रॉबिन उथप्पा और मनीष पांडे। जबकि आईपीएल में पिछले 3-4 सत्रों से लाजवाब प्रदर्शन करने वाले किंग्स इलेवन पंजाब के तेज गेंदबाज संदीप शर्मा को पहली बार टीम इंडिया में शामिल किया गया है।
टीम इंडिया में कोई भी स्थापित विकेटकीपर नहीं रखा गया है। ऐसे में रॉबिन उथप्पा को विकेटकीपिंग का जिम्मा संभालना होगा।
इससे पहले 2010 में सुरेश रैना की कप्तानी में 15 सदस्यीय टीम श्रीलंका की मौजूदगी वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जिम्बाब्वे गई थी। मगर तब टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी थी। इसके बाद 2013 में विराट कोहली की अगुआई में हुए जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में मेजबान टीम का सफाया कर दिया था।
जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम इंडिया- अंजिक्य रहाणे (कप्तान), मुरली विजय, अंबाती रायडू, मनोज तिवारी, केदार जाधव, रॉबिन उथप्पा, मनीष पांडे, हरभजन सिंह, अक्षर पटेल, करन शर्मा, धवल कुलकर्णी, स्टुअर्ट बिन्नी, भुवनेश्वर कुमार, मोहित शर्मा और संदीप शर्मा।
ललित मोदी ने जिन दो खिलाड़ियों के नाम लिए उन्हें टीम में नहीं मिली जगह
दिलचस्प बात यह है कि ललित मोदी ने 2 साल पहले 3 खिलाड़ियों में से जिन 2 भारतीय खिलाड़ियों का नाम लिया था उन दोनों को टीम में नहीं रखा गया है। ललित ने आईसीसी के भेजे एक पत्र में दावा किया था सुरेश रैना और आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने रीयल इस्टेट से जुड़े एक उद्योगपति से 20-20 करोड़ रुपये घूंस के रूप में लिए थे।
हालांकि बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने टीम का ऐलान करते हुए बताया कि रैना को आराम दिया गया है जबकि जडेजा को उनके खराब फॉर्म के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है। ठाकुर ने यह भी कहा कि 2 साल पहले ललित मोदी के मेल के बाद अगर आईसीसी ने उन पर कोई एक्शन नहीं लिया तो इसका मतलब यह है कि उन्हें क्लीन चिट मान लिया गया।
इससे पहले बांग्लादेश दौरे पर शर्मनाक हार के बाद से ही भारत का जिम्बाब्वे दौरा अगर-मगर के फेर में फंस गया था। कभी भारतीय खिलाड़ियों की थकान तो कभी प्रसारण विवाद के चलते दौरा रद्द होने की नौबत आ गई थी।
खबरें यह भी थी कि टीम इंडिया इस बार की बजाय अगले साल जिम्बाब्वे का दौरा कर सकती है। मगर बीसीसीआई द्वारा दौरे की पुष्टि करने के बाद दौरे को लेकर उठ रही सभी आशंकाओं और अटकलों पर पूरी तरह से विराम लग गया।