पांचवीं हार नहीं चाहेगी धोनी एंड कंपनी, जीतने को तैयार
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पिछले कुछ अर्से से महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया का प्रदर्शन लगातार शानदार है। बांग्लादेश में एशिया कप जीतने के बाद भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप में प्रबल दावेदार के रूप में उभरी है। लिहाजा आत्मविश्वास से लबरेज टीम इंडिया मंगलवार को जब टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप दो के सुपर-10 मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा तो उसका लक्ष्य ढाका मिली लगातार पांच जीत के सिलसिले को आगे बढ़ाना होगा।
आंकड़ों के माने तो पिछले पांच बार में किसी मेजबान देश ने टी-20 खिताब नहीं जीता है। ऐसे में धोनी एंड कंपनी के लिए अपनी सरजमीं पर खिताब जीतकर इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। धोनी की अगुआई में भारतीय टीम काफी संतुलित दिखाई दे रही है। टी-20 रैंकिंग में टॉप पर काबिज 2007 की चैंपियन टीम इंडिया ने पिछले सात टी-20 मैच जीते हैं। साथ ही हाल ही में धोनी के धुरंधरों ने 50 ओवरों की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर 3-0 शिकस्त देकर अपना डंका बजवाया।
इसके बाद धोनी बिग्रेड ने श्रीलंका को 2-1 से हराने के बाद एशिया कप जीता। भारतीय टीम के एशिया कप जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को धोनी के रणबांकुरों से उम्मीदें काफी बढ़ गई है।
हालांकि धोनी एंड कंपनी ने टी-20 मैच में कभी भी न्यूजीलैंड को हराया नहीं है। अब तक खेले चारों मुकाबले में उसे कीवी टीम से शिकस्त का सामना करना पड़ा है। लेकिन घरेलू हालात में भारत को हराना न्यूजीलैंड की टीम के लिए मुश्किल होगा। दो अभ्यास मैचों में भारतीय टीम को एक में जीत जबकि एक मुकाबले में हार मिली। वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली 45 रन की जीत से भारतीय खिलाड़ियों को मनोबल बढ़ा है। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए उसे महज चार से शिकस्त मिली। इस नजदीकी हार के बाद भारतीय खिलाड़ी सतर्क हैं।
बेहतरीन लय में हैं बल्लेबाज
पिछले दो महीनों से भारतीय बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। टीम इंडिया के उप-कप्तान विराट कोहली सात पारियों में चार अर्द्धशतक ठोक चुके हैं। उन्होंने 38 मैचों में 50 से ऊपर की औसत से रन बनाए। वहीं, छठा वर्ल्ड कप खेल रहे रोहित शर्मा बेहतरीन लय में हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में 73 रन ठोक शिखर धवन ने भी अपने लय में लौटने के संकेत दे दिए हैं जबकि मध्यक्रम में सुरेश रैना, युवराज सिंह और कप्तान धोनी जैसे बेहतरीन फिनिशर हैं। उनके अलावा ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और रविंद्र जडेजा जरूरत पड़ने बल्ले ही नहीं गेंद से भी अपने कमाल से विपक्षी टीम को बैकफुट पर भेजने में कोई कसर नहीं छोर रहे हैं।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, आशीष नेहरा और मोहम्मद शमी भारतीय आक्रमण को संभाल रहे हैं। बुमराह नई गेंद और डेथ ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी कर रहे हैं। कप्तान धोनी और टीम प्रबंधन उनके प्रदर्शन से काफी खुश भी हैं। शमी के फिट होने से भी भारतीय गेंदबाजी में धार आ गई है। पांड्या और जडेजा अपनी विविधता से विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हैं। स्पिन गेंदबाजी का जिम्मा आर अश्विन के कंधों पर है जबकि हरभजन सिंह या पवन नेगी को टीम कांबिनेशन के साथ हिसाब से अंतिम एकादश में उतारा जा सकता है।
वहीं, दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम को ब्रेंडन मैककुलम की कमी खलेगी। उन्होंने हाल ही में क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। हालांकि केन विलियम्सन की अगुआई वाली कीवी टीम के पास मार्टिन गुप्टिल, कोलिन मुनरो, ग्रांट एलियोट, रोस टेलर और कोरे एंडरसन जैसे दिग्गज बल्लेबाज हैं, जो गेंदबाज की लाइन एंड लेंथ बिगाड़ने में माहिर हैं।