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T20 World cup: टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास के बाद कोहली ने दिया बड़ा बयान, बताया किस तरह खेल में बढ़ें आगे
Sun, 30 Jun 2024 06:19 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बारबाडोस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बारबाडोस
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 30 Jun 2024 06:19 PM IST
सार
विराट कोहली ने अपने 14 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में कुल छह बार टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया। कोहली 2012, 2014, 2016, 2021, 2022 और 2024 टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया। कोहली 2014 में अपने दूसरे ही टी20 विश्व कप में विश्व विजेता बनने के करीब थे। उस समय भी भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन टीम को फाइनल में श्रीलंका से हार मिली थी।
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विराट कोहली
- फोटो : ICC/T20 World Cup
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विस्तार
भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास लेने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की खिताबी जीत के बाद कहा था कि यह उनका आखिरी टी20 विश्व कप है और वह टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले रहे हैं। उनके एलान के कुछ देर बाद कप्तान रोहित शर्मा ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास की घोषणा कर दी थी। कोहली ने कहा कि उनके करियर के लिए इससे अच्छी विदाई और कुछ नहीं हो सकती थी।
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छह टी20 विश्व कप में लिया हिस्सा
विराट कोहली ने अपने 14 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में कुल छह बार टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया। कोहली 2012, 2014, 2016, 2021, 2022 और 2024 टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया। कोहली 2014 में अपने दूसरे ही टी20 विश्व कप में विश्व विजेता बनने के करीब थे। उस समय भी भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन टीम को फाइनल में श्रीलंका से हार मिली थी। कोहली ने टी20 विश्व कप के 35 मैचों में कुल 1292 रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 128.81 का रहा। कोहली ने इस वैश्विक टूर्नामेंट में 15 अर्धशतक लगाए और उनका सर्वश्रेष्ठ निजी स्कोर नाबाद 89 रन रहा। कोहली ने अंततः अपना अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर विश्व विजेता बनकर समाप्त किया।
विराट कोहली ने अपने 14 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में कुल छह बार टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया। कोहली 2012, 2014, 2016, 2021, 2022 और 2024 टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया। कोहली 2014 में अपने दूसरे ही टी20 विश्व कप में विश्व विजेता बनने के करीब थे। उस समय भी भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन टीम को फाइनल में श्रीलंका से हार मिली थी। कोहली ने टी20 विश्व कप के 35 मैचों में कुल 1292 रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 128.81 का रहा। कोहली ने इस वैश्विक टूर्नामेंट में 15 अर्धशतक लगाए और उनका सर्वश्रेष्ठ निजी स्कोर नाबाद 89 रन रहा। कोहली ने अंततः अपना अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर विश्व विजेता बनकर समाप्त किया।
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'अगली पीढ़ी को मौका देने का समय'
कोहली ने फाइनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 59 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 76 रनों की पारी खेली थी। कोहली को उनकी इस महत्वपूर्ण पारी की मदद से प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया था। कोहली ने अवॉर्ड लेने के दौरान कहा था, यह मेरा आखिरी टी20 विश्व कप था, हम यही हासिल करना चाहते थे। एक दिन आपको ऐसा महसूस होता है कि आप दौड़ नहीं सकते और ऐसा होता है, भगवान महान है। बस अवसर, अभी नहीं तो कभी नहीं जैसी स्थिति थी। भारत के लिए खेलते हुए यह मेरा आखिरी टी20 मैच था। हम उस कप को उठाना चाहते थे। हां, मैं एक घोषणा कर रहा हूं और यह एक खुला रहस्य है। ऐसा कुछ नहीं जिसकी मैं घोषणा नहीं करने वाला था, भले ही हम हार गए होते। यह अगली पीढ़ी के लिए टी20 खेल को आगे ले जाने का समय है।
कोहली ने फाइनल मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 59 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 76 रनों की पारी खेली थी। कोहली को उनकी इस महत्वपूर्ण पारी की मदद से प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया था। कोहली ने अवॉर्ड लेने के दौरान कहा था, यह मेरा आखिरी टी20 विश्व कप था, हम यही हासिल करना चाहते थे। एक दिन आपको ऐसा महसूस होता है कि आप दौड़ नहीं सकते और ऐसा होता है, भगवान महान है। बस अवसर, अभी नहीं तो कभी नहीं जैसी स्थिति थी। भारत के लिए खेलते हुए यह मेरा आखिरी टी20 मैच था। हम उस कप को उठाना चाहते थे। हां, मैं एक घोषणा कर रहा हूं और यह एक खुला रहस्य है। ऐसा कुछ नहीं जिसकी मैं घोषणा नहीं करने वाला था, भले ही हम हार गए होते। यह अगली पीढ़ी के लिए टी20 खेल को आगे ले जाने का समय है।
'खेल और मौके की इज्जत करके ही आगे बढ़ा जा सकता है'
कोहली ने टूर्नामेंट के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए कहा, ईमानदारी से कहूं तो अवॉर्ड से ज्यादा अहमियत मुझे इस चीज की है जो मुझे आज दिखाया गया। आपको लगता है कि ये आप कर रहे हैं, लेकिन आपके साथ जब होता है तब पता चलता है कि आपके नियंत्रण में कुछ है ही नहीं। उस वक्त अपना सर नीचे करके, खेल और मौके की इज्जत करके ही आगे बढ़ा जा सकता है। इससे बड़ी सीख मेरे लिए अपने करियर के इस स्तर पर भी नहीं हो सकती थी। यह मेरा भारत के लिए आखिरी टी20 विश्व कप था मुझे लगता है कि समाप्त करने का यह सही समय है क्योंकि मैं इससे ज्यादा की मांग नहीं कर सकता था।
कोहली ने टूर्नामेंट के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए कहा, ईमानदारी से कहूं तो अवॉर्ड से ज्यादा अहमियत मुझे इस चीज की है जो मुझे आज दिखाया गया। आपको लगता है कि ये आप कर रहे हैं, लेकिन आपके साथ जब होता है तब पता चलता है कि आपके नियंत्रण में कुछ है ही नहीं। उस वक्त अपना सर नीचे करके, खेल और मौके की इज्जत करके ही आगे बढ़ा जा सकता है। इससे बड़ी सीख मेरे लिए अपने करियर के इस स्तर पर भी नहीं हो सकती थी। यह मेरा भारत के लिए आखिरी टी20 विश्व कप था मुझे लगता है कि समाप्त करने का यह सही समय है क्योंकि मैं इससे ज्यादा की मांग नहीं कर सकता था।
'रोहित को कंधे पर उठाना चाहिए था'
उन्होंने कहा, इतने टूर्नामेंट में हम जाते हैं और दबाव के बीच खेलते हैं। लगातार कोशिश करना क्योंकि कई वर्षों से आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पा रहे थे। ये पूरा सफर याद आ रहा है। 2013 में हम आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीते थे। उसके बाद हम लगे रहे और सेमीफाइनल तथा फाइनल में भी पहुंचे। इस मैच को जीतने के बाद बहुत अभिभूत महसूस कर रहा हूं। मैंने सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा होगा। इस तरह का मैच होगा जहां एक बार के लिए उम्मीद टूट गई थी और फिर हमने वापसी की। मैं सभी के लिए काफी खुश हूं। रोहित का नौवां विश्व कप था और मुझे लगता है कि उन्हें कंधे पर उठाना चाहिए था। उन्होंने मुझसे ज्यादा विश्व कप खेले हैं। टीम में सभी जीत के हकदार थे और लंबे समय से इस जीत की कोशिश में थे।
उन्होंने कहा, इतने टूर्नामेंट में हम जाते हैं और दबाव के बीच खेलते हैं। लगातार कोशिश करना क्योंकि कई वर्षों से आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पा रहे थे। ये पूरा सफर याद आ रहा है। 2013 में हम आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीते थे। उसके बाद हम लगे रहे और सेमीफाइनल तथा फाइनल में भी पहुंचे। इस मैच को जीतने के बाद बहुत अभिभूत महसूस कर रहा हूं। मैंने सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा होगा। इस तरह का मैच होगा जहां एक बार के लिए उम्मीद टूट गई थी और फिर हमने वापसी की। मैं सभी के लिए काफी खुश हूं। रोहित का नौवां विश्व कप था और मुझे लगता है कि उन्हें कंधे पर उठाना चाहिए था। उन्होंने मुझसे ज्यादा विश्व कप खेले हैं। टीम में सभी जीत के हकदार थे और लंबे समय से इस जीत की कोशिश में थे।