BCCI फिलहाल नहीं दे सकेगा राज्यों को फंड, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से कहा कि जब तक राज्य एसोसिएशन शपथपत्र देकर यह नहीं कहते कि वह लोढ़ा कमेटी की सभी सिफारिशों को मानेंगे तब तक उन्हें फंड जारी नहीं किए जाए। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 25 राज्य एसोसिएशनों में से 13 एसोसिएशन, जिन्हें फंड जारी किया जा चुका है, को पैसे के इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी है। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगा जब तक एसोसिएशन प्रस्ताव पारित नहीं अदालत द्वारा गठित लोढ़ा कमेटी की तमाम सिफारिशों को मानने को तैयार नहीं हो जाते।
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राज्यों के एसोसिएशनों को लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों का विरोध करने का कोई कारण नहीं बनता, जबकि इस अदालत ने सिफारिशों को स्वीकार किया है। पीठ ने कहा कि या तो वे सिफारिशें मानने को तैयार हो जाएं या बीसीसीआई से मिलने वाले फंड से महरूम रहें। पीठ ने कहा है कि अच्छा होगा अगर बीसीसीआई सही दिशा में चलें और और इस मसले को अनावश्यक और न बढ़ाए।
फैसला सुनाने केबाद अदालत ने बीसीसीआई के वकील से कहा कि उनकेपास लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को मानने की शपथ लेने के लिए 17 अक्टूबर तक का वक्त है । अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। साथ ही पीठ ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को 17 अक्टूबर तक निजी तौर पर यह बताने के लिए कहा कि क्या उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कौंसिल(आईसीसी) को यह कहने के लिए कहा था कि लोढ़ा कमेटी का गठन बीसीसीआई केकाम में सरकारी दखलअंदाजी है।
12 राज्यों को अभी फंड मिलना बाकी है
पिछले महीने आईसीसी के चीफ एग्जक्यिटीव डेविड रिचर्डशन ने यह दावा किया था कि अनुराग ठाकुर ने आईसीसी प्रमुख शंशाक मनोहर से आग्रह किया था कि वह बीसीसीआई को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगे कि क्या लोढ़ा कमेटी का गठन सरकार की दखलअंदाजी नहीं है।
शीर्ष अदालत ने राज्यों के एसोसिएशन केअध्यक्षों से कहा कि वे हलफनामे के जरिए बताए कि उन्होंने लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को मानने का प्रस्ताव पारित कर लिया है। ऐसा ही हलफनामा लोढ़ा कमेटी केसमक्ष भी देने के लिए कहा गया है। यह करने पर ही बीसीसीआई शेष रकम एसोसिएशन को जारी करेगी।
मालूम हो कि लोढ़ा कमेटी द्वारा फंड नहीं जारी करने की बात कहने केबावजूद गत 30 सितंबर को 13 एसोसिएशनों को 16.37 करोड़ रुपये दिए गए। इन सभी को 28.73 करोड़ रुपये देने की बात है। 12 राज्यों को अभी फंड मिलना बाकी है । हालांकि गुरुवार को सुनवाई केदौरान बीसीसीआई की ओर से पेश वरिष्ठï वकील कपिल सिब्बल और अरविन्द दत्तार ने कहा फंड जारी करने को सही बताते हुए कहा था कि ये फंड बकाया था।