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राज्य क्रिकेट संघों के चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 06 Jul 2018 03:31 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य क्रिकेट संघों के चुनाव पर रोक लगा दी है। यह रोक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मसौदा संविधान को अंतिम रूप देने के बारे में शीर्ष अदालत का फैसला आने तक लागू रहेगी।
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इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड ने अपने आदेश में सभी हाई कोर्ट से कहा कि वो राज्य क्रिकेट संघों में प्रशासकों की नियुक्ति के बारे में किसी याचिका की सुनवाई न करें। अदालत ने कहा कि वो एक राज्य, एक वोट के अपने पिछले फैसले और बीसीसीआई पदाधिकारियों के कूलिंग ऑफ पीरियड की व्याख्या को भी संशोधित करने पर विचार करेगा।
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क्रिकेट संघों से मांगे हैं सुझाव : इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य क्रिकेट संघों और बीसीसीआई के अधिकारियों से मसौदा संविधान पर अपने सुझाव देने के लिए कहा था। अदालत ने कहा था कि ये सुझाव लोढ़ा समिति की सिफारिशों और उसके फैसले के अनुरूप होने चाहिए। अदालत जिस मसौदे को अंतिम रूप देगी, वो बीसीसीआई के लिए बाध्यकारी होगा। हालांकि बेंच ने साफ किया था कि 2016 के फैसले को वापस लेने की मांग वाली याचिकाओं पर उसका आदेश मसौदा संविधान की वैधता से जुड़ा होगा।
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जस्टिस लोढ़ा पैनल ने बीसीसीआई में ढांचागत सुधारों पर कई सिफारिशें दी थीं जिसे शीर्ष अदालत ने मंजूरी दी थी। इन सिफारिशों में एक राज्य, एक वोट, एक सदस्य, एक पद और बीसीसीआई में पद लेने के लिए उम्र की सीमा 70 साल तय करना शामिल था। लोढ़ा पैनल का गठन जनवरी 2015 में जस्टिस मुकुल मुद्गल समिति की रिपोर्ट के आधार पर हुआ था।
आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद इस समिति का गठन बीसीसीआई में सुधारों के लिए किया गया था। अदालत ने 18 जुलाई 2016 के अपने फैसले में लोढ़ा समिति की ज्यादातर सिफारिशों को मान लिया था।