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बर्खास्त अनुराग ठाकुर बोले- रिटायर्ड जज BCCI संभाल सकते हैं तो मेरी शुभकामनाएं

Mon, 02 Jan 2017 07:18 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली Updated Mon, 02 Jan 2017 07:18 PM IST
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Supreme Court Removes Anurag Thakur from the Post Of BCCI President
supreme court of india
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बर्खास्त किए जाने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया  देते हुए बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने  कहा " यदि सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि बीसीसीआई सेवानिवृत्त जजों की देखरेख में बेहतर काम करेगा तो मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। मुझे यकीन है कि वो अच्छा काम करेंगे।" 
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अनुराग ने आगे कहा कि  "मेरे लिए यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं थी बल्कि यह देश की एक खेल संस्था की स्वायत्ता की लड़ाई थी। मैं देश के अन्य नागरिकों की तरह सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करता हूं। 
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अनुराग ने आगे कहा कि बीसीसीआई देश की सबसे बेहतरीन खेल संस्था है। भारत में दुनिया में सबसे अच्छा क्रिकेटीय ढांचा है।  

 



 

अनुराग और अजय शिर्के को हटाना क्रिकेट की जीत

Supreme Court Removes Anurag Thakur from the Post Of BCCI President
फाइलः बीसीसीआई - फोटो : getty images

लोढ़ा समिति और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को हटा दिया है। ठाकुर के अलावा अजय शिर्के पर भी गाज गिरी है। शिर्के को बोर्ड के सचिव पद से हटाया गया है। यह फैसला लोढ़ा समिति की सिफारिशें न मानने के चलते आया है। यह नौबत इसलिए आई क्योंकि बोर्ड अपने अड़ियल रुख पर कायम रहा। बोर्ड के मुताबिक लोढ़ा कमेटी की ज़्यादातर सिफारिशें मान ली गई हैं, लेकिन कुछ बातें व्यावहारिक नहीं है। बोर्ड ने समिति की कई बड़ी सिफारिशों को नकार दिया है। दूसरी ओर अनुराग ठाकुर पर कोर्ट की अवमानना का केस चलता रहेगा और अगर बिना शर्त माफी ना मांगी, तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। अनुराग पर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट से झूठ बोला और सुधार प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश की।


वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ कोर्ट के आदेश दरकिनार करते हुए अपने संचालन में पारदर्शिता लाने में नाकाम रहे। पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने कहा कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को हटाना क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छा है।

Supreme Court Removes Anurag Thakur from the Post Of BCCI President
anurag thakur
अनुराग ठाकुर ने शशांक मनोहर को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि लोढ़ा समिति की सिफारिशें सरकारी हस्तक्षेप हैं या नहीं? आईसीसी के नियमों के अनुसार सरकारी हस्तक्षेप करने पर बोर्ड की सदस्यता रद्द कर दी जाती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर से जवाब मांगा है कि इस मामले पर आप पर कार्यवाही क्यों नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट के आदेशानुसार वरिष्ठ उपाध्यक्ष बोर्ड की अध्यक्षता करेंगे और सचिव पद की जिम्मेदारी संयुक्त सचिव निभाएंगे। इस मामले में अगली सुनावई 19 जनवरी को होगी।

​सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोढ़ा समिति के अध्यक्ष जस्टिस आरएम लोढ़ा (रि.) ने कहा कि यह होना ही था और आज यह हो गया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 3 रिपोर्ट भेजी जा चुकी थी, मगर एक भी लागू नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि समिति की सिफारिशें जब कोर्ट ने स्वीकार लीं, तो उन्हें लागू करना स्वाभाविक है, किंतु बीसीसीआई ने ऐसा नहीं किया।

जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है और हर किसी को उसे मानना ही होता है। उन्होंने इसे क्रिकेट की जीत बताया और कहा कि प्रशासनिक लोग आते-जाते रहते हैं, मगर खेल हित सबसे अहम है। उन्होंने दोनों अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्यवाही को दूसरे खेल संघों के लिए एक उदाहरण बताया।
 
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