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Dhoni-Gavaskar: धोनी नहीं, बल्कि इस भारतीय कप्तान को 'कैप्टन कूल' मानते हैं गावस्कर, जिता चुके हैं ICC ट्रॉफी
Mon, 26 Jun 2023 07:00 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 26 Jun 2023 07:00 PM IST
सार
भारत ने 1983 विश्व कप की शुरुआत कमजोर टीम के रूप में की थी, लेकिन फाइनल में गत चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर उन्होंने खिताब अपने नाम किया था। कपिल देव ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था।
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गावस्कर ने धोनी नहीं, बल्कि कपिल देव को कैप्टन कूल बताया है
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एमएस धोनी को कठिन परिस्थितियों में भी मैदान पर उनके शांत स्वभाव के लिए 'कैप्टन कूल' माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी कप्तानी शैली की विशेषज्ञों और प्रशंसकों द्वारा समान रूप से प्रशंसा की गई है और उपनाम लगभग इस पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान का पर्याय बन गया है। हालांकि, भारत के महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि इस उपनाम का एक और दावेदार है। हाल ही में एक इंटरव्यू में गावस्कर ने कहा कि कपिल देव असली 'कैप्टन कूल' हैं। साथ ही 'लिटिल मास्टर' ने 1983 विश्व कप में कपिल देव के ऑलराउंड प्रदर्शन को याद किया।
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गावस्कर ने कहा- कपिल का बल्ले और गेंद दोनों से प्रदर्शन शानदार था। फाइनल में उनके द्वारा लिया गया विव रिचर्ड्स का कैच नहीं भूला जा सकता। उनकी कप्तानी गतिशील थी, जिसकी इस प्रारूप में आवश्यकता थी और जब कोई खिलाड़ी कैच छोड़ता था तब भी उनकी मुस्कुराहट बनी रहती थी। यही उन्हें कैप्टन कूल बनाती है।
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भारत ने 1983 विश्व कप की शुरुआत कमजोर टीम के रूप में की थी, लेकिन फाइनल में गत चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर उन्होंने खिताब अपने नाम किया था। कपिल देव ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और विव रिचर्ड्स को आउट करने के लिए उनका कैच इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।
गावस्कर ने मजाक में यह भी कहा कि जिस क्षण भारत ने 1983 विश्व कप जीता था वह टूथपेस्ट का एक शानदार विज्ञापन हो सकता था क्योंकि सभी खिलाड़ी और कर्मचारी लगातार मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने कहा, "जीत के बाद के उन पलों को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह टूथपेस्ट के लिए एक शानदार विज्ञापन बन सकता था क्योंकि हमारे आस-पास हर कोई हंस रहा था और मुस्कुरा रहा था और यह देखना दिल को छू लेने वाला था।"