बिन्नी के चयन ने दोहराया 30 पुराना इतिहास, 5 नायाब समानताएं
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टीम इंडिया भले ही गाले में खेले गए श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में मिली अप्रत्याशित हार से उबरने में जुटी हो लेकिन एक भारतीय खिलाड़ी ने मैदान में उतरने से पहले ही दिलचस्प इतिहास को दोहरा दिया।
इतिहास 30 साल बाद फिर से दोहरा रहा है। मेजबान टीम के हाथों हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को टीम में शामिल करने का फैसला लिया और यहीं से इतिहास ने करवट ले ली। आज से 30 साल पहले भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास ऐसा ही कुछ अजीबोगरीब ढंग से यह छोटा सा बदलाव हुआ था। दिलचस्प यह है कि इन दोनों घटनाओं में तीन दशक का लंबा अंतराल है लेकिन दोनों में 5 समानताएं और एक अनोखा रिकॉर्ड भी शामिल है।
अब जब टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन चोटिल होने के कारण शेष सीरीज से बाहर हो गए हैं तो टीम दोहरे संकट का सामना कर रही है। पहला, टीम में एक ऑलराउंडर की कमी और दूसरा, ओपनर की कमी। धवन के हटने के बाद लोकेश राहुल के साथ भारतीय पारी की शुरुआत करने के लिए मुरली विजय पूरी तरह से फिट नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में ओपनिंग की भी समस्या बनी हुई है। फिलहाल बात करते हैं उस इतिहास की जिसने 30 साल बाद फिर से खुद को दोहराया है।
तीन दशक पुराने चयन में ये रही 5 नायाब समानताएं
पहले टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को टीम के 16वें सदस्य के रूप में शामिल किया और श्रीलंका भेज दिया। लेकिन इस चयन ने 30 साल पुराने इतिहास को याद करा दिया। पहले 5 समानताओं की बात, फिर उस अनोखे रिकॉर्ड की चर्चा।
5 समानताओं में पहला, 1985 में भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान रोजर बिन्नी को अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल किया गया। दूसरा, दोनों ही शामिल किए गए क्रिकेटर ऑलराउंडर हैं। तीसरे, अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में भारत ने इन दोनों का चयन सीरीज के पहले टेस्ट मैच के बाद किया था।
चौथा, सबसे दिलचस्प यह है कि दोनों ही मौकों पर टीम इंडिया की कमान 'K' के हाथों में थी। मतलब यह कि 1985 में टीम की कमान कपिल देव के पास थी और इस बार कोहली (विराट) के हाथों में है। पांचवां, दोनों ही अवसर पर सीरीज 3 मैचों की खेली गई थी।
अब जिस रिकॉर्ड की बात कर रहे हैं वह है पिता-पुत्र की जोड़ी। इन दोनों ही अवसर पर क्रिकेटरों से सरनेम था बिन्नी। ये बिन्नी भी कोई आम नहीं हैं, दोनों ही पिता-पुत्र हैं। 30 साल पहले पिता रोजर ने भारत के लिए यह रिकॉर्ड कायम किया था और इसके 30 साल बाद स्टुअर्ट बिन्नी।
स्टुअर्ट बिन्नी कोलंबो में 20 से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उतर सकते हैं। ऐसी संभावना है कि वह छठें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं और पांचवें गेंदबाज के रूप में टीम के गेंदबाज होंगे। बिन्नी के पास 3 टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है जो उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड दौरे के दौरान खेले थे। उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट में 78 रनों की पारी खेली थी लेकिन विकेट नहीं ले सके थे।
विश्व कप में भी इस जोड़ी ने रचा था इतिहास
ऐसा नहीं है कि पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने पहली बार मैदान पर उतरने से पहले ही कमाल दिखाया है। इससे पहले भी वे कारनामा कर चुके हैं। साल की शुरुआत में जनवरी में विश्व कप के लिए टीम इंडिया का चयन किया गया जिसमें शामिल 15 खिलाड़ियों की सूची में स्टुअर्ट बिन्नी का नाम भी था।
इसके साथ ही वह टीम इंडिया के पहले ऐसे पिता-पुत्र की भारतीय जोड़ी बन गई जो वनडे वर्ल्ड कप में टीम में शामिल रही। 1983 में वर्ल्ड कप जीतने वाले टीम इंडिया में रोजर बिन्नी टीम के सदस्य थे और 32 साल बाद अब उनके बेटे स्टुअर्ट वर्ल्ड कप में खेलने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने।