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Who Is Kuldeep Sen: हेयर सलून चलाने वाले के बेटे ने किया कमाल, आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी कर राजस्थान को दिलाई जीत
Mon, 11 Apr 2022 12:01 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 11 Apr 2022 12:01 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के रीवा में जन्में कुलदीप के पिता छोटा सा हेयर सैलून चलाते हैं। गरीबी घर के बेटे का सपना साकार करने के लिए उनकी एकेडमी ने फीस तक माफ कर दी। अब कुलदीप ने आईपीएल में राजस्थान के लिए कमाल किया है।
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कुलदीप सेन
- फोटो : IPL/BCCI
विस्तार
लखनऊ सुपर जाएंट्स को हराकर राजस्थान ने आईपीएल 2022 में तीसरी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में पहले पायदान पर आ चुकी है। इस मैच में राजस्थान के लिए कुलदीप सेन ने कमाल की गेंदबाजी की और आखिरी ओवर में अपनी टीम को चैंपियन बनाया। स्टोइनिस जैसे बल्लेबाज के सामने आखिरी ओवर में 15 रन का बचाव करना किसी भी गेंदबाज के लिए मुश्किल काम था, लेकिन कुलदीप सेन ने अपने पहले आईपीएल मैच में यह कर दिखाया। उन्होंने राजस्थान के लिए मैच का आखिरी ओवर करते हुए शुरुआती चार गेंदों में सिर्फ एक रन दिया और अपनी टीम की जीत तय कर दी। इसके साथ ही वो राजस्थान के हीरो बन गए।
कुलदीप के लिए आईपीएल खेलना और राजस्थान के लिए कमाल करने तक का सफर इतना आसान नहीं था। एक गरीब घर में जन्में कुलदीप ने सालों तक संघर्ष किया और अब यह मुकाम हासिल किया है। यहां हम उनकी पूरी कहानी बता रहे हैं।
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कुलदीप के लिए आईपीएल खेलना और राजस्थान के लिए कमाल करने तक का सफर इतना आसान नहीं था। एक गरीब घर में जन्में कुलदीप ने सालों तक संघर्ष किया और अब यह मुकाम हासिल किया है। यहां हम उनकी पूरी कहानी बता रहे हैं।
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आठ साल की उम्र से शुरू हुआ सफर
कुलदीप का जन्म मध्यप्रदेश के रीवा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता बाल काटने का काम करते हैं। घर के सबसे बड़े बेटे कुलदीप ने महज आठ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पहले वो बतौर बल्लेबाज अपना करियर बनाना चाहते थे, लेकिन बाद में कोच के कहने पर उन्होंने तेज गेंदबाजी शुरू की। कुलदीप ने जिस एकेडमी में क्रिकेट सीखा, उसने उनकी फीस भी माफ कर दी ताकि वो अपना सपना पूरा कर सकें।
साल 2018 में कुलदीप ने पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। वो मध्यप्रदेश का रणजी टीम का हिस्सा बने। बाद में उन्होंने इसी टीम के लिए टी20 मैच भी खेला। अपने पहले रणजी सीजन में उन्होंने 25 विकेट लिए, जिसमें पंजाब के खिलाफ एक पारी में लिए गए पांच विकेट भी शामिल थे। इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और अब तक वो 16 प्रथम श्रेणी मैचों में 44 विकेट ले चुके हैं। लिस्ट ए मैचों में उनके नाम चार और टी20 में 19 विकेट हैं।
कुलदीप का जन्म मध्यप्रदेश के रीवा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता बाल काटने का काम करते हैं। घर के सबसे बड़े बेटे कुलदीप ने महज आठ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पहले वो बतौर बल्लेबाज अपना करियर बनाना चाहते थे, लेकिन बाद में कोच के कहने पर उन्होंने तेज गेंदबाजी शुरू की। कुलदीप ने जिस एकेडमी में क्रिकेट सीखा, उसने उनकी फीस भी माफ कर दी ताकि वो अपना सपना पूरा कर सकें।
साल 2018 में कुलदीप ने पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। वो मध्यप्रदेश का रणजी टीम का हिस्सा बने। बाद में उन्होंने इसी टीम के लिए टी20 मैच भी खेला। अपने पहले रणजी सीजन में उन्होंने 25 विकेट लिए, जिसमें पंजाब के खिलाफ एक पारी में लिए गए पांच विकेट भी शामिल थे। इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और अब तक वो 16 प्रथम श्रेणी मैचों में 44 विकेट ले चुके हैं। लिस्ट ए मैचों में उनके नाम चार और टी20 में 19 विकेट हैं।
20 लाख में राजस्थान की टीम ने खरीदा
आईपीएल 2022 मेगा ऑक्शन में कुलदीप को राजस्थान की टीम ने 20 लाख की कीमत पर खरीदा। इस समय तक कुलदीप घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके थे, लेकिन बड़े स्तर पर उन्हें पहचान मिलनी बाकी थी। ट्रेंट बोल्ट, प्रसिद्ध कृष्णा और नवदीप सैनी जैसे गेंदबाजों के रहते कुलदीप को मौका मिलने की संभावना भी कम थी, लेकिन उन्हें राजस्थान के चौथे मैच में मौका मिला और उन्होंने इस मौको को गंवाया नहीं। पहले ही मैच में कमाल का आखिरी ओवर कर कुलदीप ने अपनी छाप छोड़ी है।
आखिरी ओवर में स्टोइनिस के खिलाफ शानदार गेंदबाजी
लखनऊ की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। पहली गेंद पर आवेश खान स्ट्राइक पर थे और उन्होंने एक रन लेकर स्टोइनिस को स्ट्राइक दे दी। अब लखनऊ को जीत के लिए पांच गेंद में 14 रन की जरूरत थी। कुलदीप ने एक के बाद एक तीन गेंदों पर कोई रन नहीं दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कई बार कमाल की पारिया खेलने वाले स्टोइनिस उनके सामने बेबस दिखे। अब दो गेंद में लखनऊ को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे और राजस्थान की जीत तय हो चुकी थी। इसके बाद स्टोइनिस ने एक चौका और एक छक्का जरूर लगाया, लेकिन कुलदीप अपना काम कर चुके थे।
कुलदीप ने इस मैच में चार ओवर में 35 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया, लेकिन आखिरी ओवर में 15 रन का बचाव करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाकर उन्होंने अपना नाम बना लिया।
आईपीएल 2022 मेगा ऑक्शन में कुलदीप को राजस्थान की टीम ने 20 लाख की कीमत पर खरीदा। इस समय तक कुलदीप घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके थे, लेकिन बड़े स्तर पर उन्हें पहचान मिलनी बाकी थी। ट्रेंट बोल्ट, प्रसिद्ध कृष्णा और नवदीप सैनी जैसे गेंदबाजों के रहते कुलदीप को मौका मिलने की संभावना भी कम थी, लेकिन उन्हें राजस्थान के चौथे मैच में मौका मिला और उन्होंने इस मौको को गंवाया नहीं। पहले ही मैच में कमाल का आखिरी ओवर कर कुलदीप ने अपनी छाप छोड़ी है।
आखिरी ओवर में स्टोइनिस के खिलाफ शानदार गेंदबाजी
लखनऊ की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। पहली गेंद पर आवेश खान स्ट्राइक पर थे और उन्होंने एक रन लेकर स्टोइनिस को स्ट्राइक दे दी। अब लखनऊ को जीत के लिए पांच गेंद में 14 रन की जरूरत थी। कुलदीप ने एक के बाद एक तीन गेंदों पर कोई रन नहीं दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कई बार कमाल की पारिया खेलने वाले स्टोइनिस उनके सामने बेबस दिखे। अब दो गेंद में लखनऊ को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे और राजस्थान की जीत तय हो चुकी थी। इसके बाद स्टोइनिस ने एक चौका और एक छक्का जरूर लगाया, लेकिन कुलदीप अपना काम कर चुके थे।
कुलदीप ने इस मैच में चार ओवर में 35 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया, लेकिन आखिरी ओवर में 15 रन का बचाव करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाकर उन्होंने अपना नाम बना लिया।
बल्ले से भी कर सकते हैं कमाल
कुलदीप सेन पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे बड़ी दो बहने हैं और दो भाई छोटे हैं। कुलदीप को इस स्तर तक पहुंचाने में मध्य प्रदेश के तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे और झारखंड के क्रिकेटर आनंद सिंह का भी योगदान है। कुलदीप 140 से ज्यादा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं। उनके पास गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है और बल्ले के साथ भी योगदान दे सकते हैं। बड़े शॉट खेलने में भी कुलदीप माहिर हैं। उनकी यह क्षमता उन्हें टी20 का उपयोगी खिलाड़ी बनाती है।
कुलदीप सेन पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे बड़ी दो बहने हैं और दो भाई छोटे हैं। कुलदीप को इस स्तर तक पहुंचाने में मध्य प्रदेश के तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे और झारखंड के क्रिकेटर आनंद सिंह का भी योगदान है। कुलदीप 140 से ज्यादा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं। उनके पास गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है और बल्ले के साथ भी योगदान दे सकते हैं। बड़े शॉट खेलने में भी कुलदीप माहिर हैं। उनकी यह क्षमता उन्हें टी20 का उपयोगी खिलाड़ी बनाती है।