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बेजान मैच फिर भी आयोजकों की दांव पर प्रतिष्ठा
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
Updated Fri, 04 Jan 2013 12:38 AM IST
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कोलकाता की हार ने फिरोजशाह कोटला में होने वाले भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरे वन-डे को भले बेजान बना दिया हो। बावजूद इसके पिच और आउट फील्ड को लेकर डीडीसीए की प्रतिष्ठा दांव पर है। पिच को लेकर पुराना ट्रैक रिकॉर्ड और कड़ाके की सर्दी आयोजकों के लिए चुनौती बन गए हैं। यही कारण है कि इस बार क्यूरेटर वेंकटसुंदरम को पिच के साथ प्रयोग नहीं करने को कहा गया है।
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पिच से रनों का अंबार निकले इसके लिए न तो इस पर घास रखी गई है न ही पानी डाला जा रहा है, यही नहीं चार डिग्री सेल्सियस के बीच पड़ रही ओस कहीं नमी न ले आए इसके लिए उसे कंबल भी उढ़ाए जा रहे हैं। यह पहली बार है जब दरी और कवर के साथ पिच को कंबलों के साथ लपेटा जा रहा है। ओस से भीगने वाली आउट फील्ड को लेकर भी समस्या है।
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इसके लिए बीसीसीआई ने आयोजकों को विशेष अनुमति दी है। विकेट गिरने के दौरान आउट फील्ड सुखाने के लिए दो मिनट का ब्रेक दिया जाएगा। इस दौरान चार सुपर सोकर अपने पीछे लंबा कारपेट लिए ग्राउंड सुखाने का काम करेंगे। सीरीज का परिणाम पहले ही निकल जाने से निराश डीडीसीए पिच कमेटी के चेयरमैन चेतन चौहान मानते हैं इस तरह की सर्दी में उन्होंने इस ग्राउंड पर कभी मैच नहीं खेला। यही उनके लिए चुनौती है।
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बावजूद इसके उनकी कोशिश रहेगी कि पिच से रन निकलें। यही कारण है कि पिच को दरी के साथ कंबलों का कवर दिया जा रहा है और पानी डालना भी बंद कर दिया गया है। हालांकि मौसम के चलते इस पर स्विंग और उछाल भी मिलेगा। लेकिन खास असर शाम पांच बजे से हो सकता है। नमी और ओस के बीच गेंद अपना असर दिखा सकती है।