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डोपिंग प्रतिबंध के बाद रनों की भूख बढ़ गई, शॉ ने कहा- क्रिकेट से दूर रहना प्रताड़ना जैसा
Thu, 23 Apr 2020 06:45 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 23 Apr 2020 06:45 AM IST
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पृथ्वी शॉ
- फोटो : Social media
भारतीय युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का कहना है कि डोपिंग प्रतिबंध के कारण क्रिकेट से दूर रहने का समय उनके लिए प्रताड़ना की तरह था लेकिन इससे उनकी रनों की भूख बढ़ गई है। बीसीसीआई ने पिछले साल 20 वर्षीय इस बल्लेबाज पर 15 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन कर लिया था जो आमतौर पर खांसी की दवा में पाया जाता है।
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शॉ ने आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के इंस्टाग्राम लाइव सत्र में कहा, ‘वह गलती थी। क्रिकेट से दूर रहने का समय प्रताड़ना की तरह था। शक और सवाल पैदा होते हैं लेकिन मैंने विश्वास बनाए रखा। मैंने कुछ समय लंदन में बिताया जहां अपनी फिटनेस पर काम किया। प्रतिबंध पूरा होने पर मैंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और मेरी रनों की भूख बढ़ गई थी। मैंने बल्ला उठाया तो अहसास हुआ कि मेरी लय खोई नहीं है। इससे मेरी दृढता बढ़ गई।’
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उन्होंने कहा, ‘हममें से अधिकांश के पास संयम नहीं है। इस पर काम करना होगा। हर किसी को तलाशना होगा कि उसे क्या पसंद है और उसमें परिपक्वता लानी होगी। इससे अधिक संयमित होने में मदद मिलेगी।’ लॉकडाउन के दौरान इंडोर अभ्यास के अलावा वह अपने पिता की रसोई में भी मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अंडे बना लेता हूं और कुछ नई चीजें सीख रहा हूं। पबजी भी खेलता हूं।’
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