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सरकार ने BCCI-PCB की दुबई बैठक पर उठाए सवाल
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Wed, 31 May 2017 04:12 AM IST
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खेल और आतंकवाद एक साथ संभव नहीं : विजय गोयल
- फोटो : ANI
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खेल मंत्री विजय गोयल ने सोमवार को दुबई में बीसीसीआई और पीसीबी के अधिकारियों के बीच हुई बैठक की कड़ी आलोचना की है। गोयल ने पूछा, द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज के आयोजन की संभावना तलाशने के लिए बैठक क्यों आयोजित की गई जबकि दोनों देशों के बीच सीरीज के आयोजन का निर्णय पूरी तरह दोनों देशों की सरकार के निर्णय पर टिका है।
केंद्रीय खेलमंत्री विजय गोयल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाएगा उसके साथ क्रिकेट संबंधों को बहाल करने का सवाल ही नहीं उठता। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में गोयल ने कहा, मैं ये जानना चाहता हूं कि वो बैठक में क्यों शामिल होने गए, जबकि उन्हें यह अच्छी तरह मालूम है कि सरकार की सहमति के बिना दोनों देशों के बीच सीरीज का आयोजन संभव नहीं है। मैं तो सिर्फ यह कह सकता हूं कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की बहाली तबतक संभव नहीं है जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम नहीं लगा देता।
हालांकि बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के बीच सोमवार को दुबई में हुई बैठक विफल रही है। बीसीसीआई की ओर से बैठक में संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी, सीईओ राहुल जौहरी और जीएम (क्रिकेट आपरेशंस) एम वी श्रीधर ने हिस्सा लिया था। बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पीसीबी के सहमति पत्र (एमओयू) के तहत द्विपक्षीय सीरीज न होने पर 60 मिलियन डॉलर का हर्जाना मांगे जाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ।
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पीसीबी का कहना है कि 2015-2023 के बीच आठ सालों में दोनों बोर्डों के बीच पांच द्विपक्षीय सीरीज खेलने पर सहमति बनी थी। बीसीसीआई उसका पालन नहीं कर रहा है। इस तरह के भी विचार सामने आए कि सितंबर में एक संक्षिप्त वनडे सीरीज खेल ली जाए। यह भी उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई के पीसीबी को हर्जाने देने की संभावना नहीं है क्योंकि उसका पहले से ही नजरिया स्पष्ट है कि पाकिस्तान से खेलने के लिए भारत सरकार की अनुमति सबसे महत्वपूर्ण है। दरअसल बीसीसीआई ने पीसीबी को कहा है कि वह हर्जाने के दावे को वापिस ले।
बीसीसीआई सूत्र का कहना है कि सोमवार को केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल के वक्तव्य के बाद पाकिस्तान के साथ जल्द कोई सीरीज संभव नहीं है। हमने पीसीबी को बता दिया है कि जब तक हमारी सरकार अनुमति नहीं देगी। हम संयुक्त अरब अमीरात जैसे तटस्थ स्थल पर भी नहीं खेल सकते। मौजूदा स्थिति के अनुसार भारतीय टीम केवल आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के साथ खेलेगी। भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी में चार जून को मुकाबला होगा।
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केंद्रीय खेलमंत्री विजय गोयल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाएगा उसके साथ क्रिकेट संबंधों को बहाल करने का सवाल ही नहीं उठता। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में गोयल ने कहा, मैं ये जानना चाहता हूं कि वो बैठक में क्यों शामिल होने गए, जबकि उन्हें यह अच्छी तरह मालूम है कि सरकार की सहमति के बिना दोनों देशों के बीच सीरीज का आयोजन संभव नहीं है। मैं तो सिर्फ यह कह सकता हूं कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की बहाली तबतक संभव नहीं है जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम नहीं लगा देता।
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हालांकि बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के बीच सोमवार को दुबई में हुई बैठक विफल रही है। बीसीसीआई की ओर से बैठक में संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी, सीईओ राहुल जौहरी और जीएम (क्रिकेट आपरेशंस) एम वी श्रीधर ने हिस्सा लिया था। बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पीसीबी के सहमति पत्र (एमओयू) के तहत द्विपक्षीय सीरीज न होने पर 60 मिलियन डॉलर का हर्जाना मांगे जाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श हुआ।
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पीसीबी का कहना है कि 2015-2023 के बीच आठ सालों में दोनों बोर्डों के बीच पांच द्विपक्षीय सीरीज खेलने पर सहमति बनी थी। बीसीसीआई उसका पालन नहीं कर रहा है। इस तरह के भी विचार सामने आए कि सितंबर में एक संक्षिप्त वनडे सीरीज खेल ली जाए। यह भी उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई के पीसीबी को हर्जाने देने की संभावना नहीं है क्योंकि उसका पहले से ही नजरिया स्पष्ट है कि पाकिस्तान से खेलने के लिए भारत सरकार की अनुमति सबसे महत्वपूर्ण है। दरअसल बीसीसीआई ने पीसीबी को कहा है कि वह हर्जाने के दावे को वापिस ले।
बीसीसीआई सूत्र का कहना है कि सोमवार को केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल के वक्तव्य के बाद पाकिस्तान के साथ जल्द कोई सीरीज संभव नहीं है। हमने पीसीबी को बता दिया है कि जब तक हमारी सरकार अनुमति नहीं देगी। हम संयुक्त अरब अमीरात जैसे तटस्थ स्थल पर भी नहीं खेल सकते। मौजूदा स्थिति के अनुसार भारतीय टीम केवल आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के साथ खेलेगी। भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी में चार जून को मुकाबला होगा।