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पहले 14 में 3 चौके, अंतिम 14 ओवर में चौकों-छक्कों की 'बारिश'

Fri, 27 Feb 2015 05:38 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 27 Feb 2015 05:38 PM IST
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South africa blast in last 14 over against WI

वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका की टीम बेहद थकी दिख रही थी और ऐसा लग रहा था कि उस पर पिछले मैच में टीम इंडिया के हाथों मिली करारी का दर्द अभी भी बना हुआ है।

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ओपनर क्विंटन डी कॉक शुरुआत में ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद हाशिम अमला और फैफ डु प्लेसिस ने बेहद धीमे अंदाज में बल्लेबाजी की और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। उनकी बल्लेबाजी इस कदर धीमी थी कि पहले ही ओवर में कॉक के 2 चौके जड़ने के बाद बल्लेबाज शुरुआती 10 ओवर तक कुल 3 चौके ही जड़ सके थे और यह वह समय होता है जब पावरप्ले लगा होता है। ये सभी तीनों चौके कॉक ने आउट होने से पहले लगाए थे।
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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा तेज बल्लेबाजी करने में माहिर अफ्रीकी बल्लेबाजों को शुरू में बड़े शॉट खेलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर कॉक ने पारी का तीसरा चौका जमाया था और इसके बाद टीम में अगला चौका 15वें ओवर की चौथी गेंद पर प्लेसिस के बल्ले से निकला। 15 ओवर में अफ्रीकी टीम एक विकेट पर महज 58 रन ही बना सकी थी और उसकी इतनी सुस्त बल्लेबाजी देखकर किसी को उम्मीद नहीं थी टीम 400 से ज्यादा का स्कोर करेगी।
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शुरुआती 14 ओवर में जहां उसकी ओर से महज 4 चौके लगे वहीं अंतिम 14 ओवरों में चौकों-छक्कों की बारिश ही हो गई। अंतिम 14 ओवर में कप्तान एबी डीविलियर्स की झन्नाटेदार बल्लेबाजी को कैरेबियाई गेंदबाज नहीं रोक सके।

सबसे तेज डेढ़ सौ का भी रिकॉर्ड डीविलियर्स के नाम

South africa blast in last 14 over against WI

15 ओवर से लेकर 36 ओवर तक दक्षिण अफ्रीका के बल्‍लेबाज सिर्फ 8 बार गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा सके जिसमें 7 चौका और एक छक्का शामिल था।

चौकों-छक्कों की बारिश शुरुआत हुई 37वें ओवर से जब कप्तान एबी डीविलियर्स औरे रेली रोसोउ क्रीज पर जम चुके थे और बैटिंग पावरप्ले शुरू हो चुका था। इस ओवर में बल्‍लेबाजों ने 3 चौके लगाकर अपनी आतिशी पारी का आगाज किया। 40वें ओवर में डीविलियर्स ने सुलेमान बेन के ओवर में 2 चौका और एक छक्‍का लगा दिया।

इस तरह से 5 ओवर के पावरप्ले (36 से 40 ओवर) में बल्‍लेबाजों ने बिना किसी नुकसान के 72 रन जोड़ लिए।

रोसोउ ने 31 गेंदों में जबकि डीविलियर्स ने 30 गेंदों में अर्धशतक लगाया। अफ्रीकी बल्लेबाज अब लय में लौट चुके थे और टीम 40 ओवर में ढाई सौ के करीब पहुंचा चुके थे अब सभी को यह उम्मीद थी कि वे आराम से सवा तीन सौ रन बना लेंगे। रोसोउ तो 39 गेंदों में 61 रन बनाकर आउट हो गए। दोनों ने 12.3 ओवर में 134 रनों की विस्फोटक साझेदारी कर शुरुआती बल्‍लेबाजों की सुस्ती को काफी हद तक खत्म कर दिया।

रोसोउ के जाने के बाद भी डीविलियर्स क्रीज पर बने रहे और 52 गेंदों में शतक ठोंक दिया। हालांकि वर्ल्ड कप में वह महज 2 गेंदों से सबसे तेज शतक ठोंकने के रिकॉर्ड से रह गए। वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक ठोंकने का रिकॉर्ड आयरलैंड के केविन ओ ब्रायन के नाम 50 गेंदों में दर्ज है।

दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम 3.2 ओवर (20 गेंद) में 80 रन जोड़े जिसमें 68 रन तो खुद डीविलियर्स के नाम रहा। 52 गेंदों में शतक लगाने वाले डीविलियर्स ने आज सबसे तेज डेढ़ सौ रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने 64 गेंदों में डेढ़ सौ रन बनाए। अंतिम ओवर में उन्होंने एक चौके के अलावा 4 छक्के भी लगाए।

डीविलियर्स के नाम ही सबसे तेज फिफ्टी और सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड पहले से ही दर्ज है।

अंतिम 14 ओवर में लगे 30 चौके-छक्के

South africa blast in last 14 over against WI

अंतिम 3 ओवर ने जहां वेस्टइंडीज का कचूमर निकाल दिया वहीं अफ्रीकी टीम के मजे हो गए और पहली बार वर्ल्ड कप में 400 से ज्यादा का स्कोर (408 रन) खड़ा करने में सफल हो गई। वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका का यह सबसे बड़ा स्कोर भी है।

अफ्रीकी कप्तान एबी डीविलियर्स ने 48वें ओवर में जेसन होल्डर की गेंद पर 4 चौका और 2 छक्का जड़कर कुल 34 रन बटोरे। होल्डर ने इस ओवर में कुल 8 गेंदें डाली। अंतिम ओवर में कप्तान ने एक ‌बार फिर होल्डर को अपना निशाना बनाया और 30 रन ठोंक ‌दिए। डीविलियर्स ने अपनी दिलकश पारी में 66 गेंदों में नाबाद 162 रन बनाए जिसमें 17 चौके और 8 छक्के भी लगे।

इस तरह से देखा जाए तो अफ्रीकी पारी में कुल 41 बार गेंद सीमा रेखा के पार पहुंची जिसमें 11 छक्के भी शामिल हैं। 36 ओवर तक जहां अफ्रीकी टीम की ओर से सिर्फ 11 चौके-छक्के लगे, वहीं अंतिम के 14 ओवरों में 30 बार गेंद सीमा रेखा के पार गईं। अंतिम 3 ओवर में तो 13 चौके-छक्के लगे ‌जिसमें 5 छक्‍के भी हैं।

कैरेबियाई कप्तान और तेज गेंदबाज जेसन होल्डर के लिए यह मैच किसी बुरे सपने की तरह हमेशा जीवन भर सताता रहेगा। एक तो उनकी कप्तानी में टीम ने खूब रन लुटाए। और खुद 10 ओवर में 2 मेडन डालने के बाद वह 104 रन लुटा बैठे। हालांकि एक सफलता उन्हें जरूर मिली।

अंतिम 15 ओवर में अफ्रीकी टीम ने कुल 222 रन बटोरे जो 2001 के बाद से दूसरी सबसे तेज पारी है। सबसे ज्यादा रन बटोरने का रिकॉर्ड भी इसी टीम के नाम दर्ज है जो उसने विंडीज के ही खिलाफ इसी साल जनवरी में 230 रन बनाए थे अंतिम 15 ओवर में। ऐसा तीसरी बार हुआ है विंडीज ने एक पारी में 400 से ज्यादा रन खर्च किए हों।

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