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Shubman Gill: पिता की जिद ने बनाया क्रिकेटर; बेटे को आउट करने वाले को देते थे इनाम पर नहीं मिली धोनी की जर्सी
Sun, 19 Nov 2023 12:03 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 19 Nov 2023 12:03 PM IST
सार
शुभमन गिल के पिता शुरुआत से ही बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। इसी वजह से शुरुआत से ही उन्हें इसी तरीके से तैयार किया गया। छोटी उम्र से ही गिल कमाल करने लगे थे और अब देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
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शुभमन गिल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वनडे विश्व कप 2023 में शुभमन गिल ने भले ही कोई शतक नहीं लगाया है, लेकिन टीम के शानदार प्रदर्शन में उनका अहम योगदान रहा है। डेंगू की वजह से शुरुआती दो मैच नहीं खेलने वाले गिल ने टीम में वापसी के बाद अच्छा प्रदर्शन किया है। चार अर्धशतकों की मदद से वह 350 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इस विश्व कप में उनकी बल्लेबाजी की सबसे अहम बात यह रही है कि टीम की जरूरत के हिसाब से उन्होंने अपना खेल बदला है।
पावरप्ले में जब रोहित तेजी से रन बनाते हैं तो गिल उन्हें ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक देते हैं। वहीं, रोहित के आउट होने के बाद वह तेजी से रन बनाते हैं ताकि विराट अपना समय ले सकें और बड़ी पारी की नींव रखते हुए भारत को अच्छे स्कोर तक पहुंचाने की तैयारी कर सके।
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पावरप्ले में जब रोहित तेजी से रन बनाते हैं तो गिल उन्हें ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक देते हैं। वहीं, रोहित के आउट होने के बाद वह तेजी से रन बनाते हैं ताकि विराट अपना समय ले सकें और बड़ी पारी की नींव रखते हुए भारत को अच्छे स्कोर तक पहुंचाने की तैयारी कर सके।
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शुभमन गिल
- फोटो : सोशल मीडिया
मौजूदा समय में गिल भारतीय टीम का चमकता सितारा हैं। उन्हें सचिन और विराट के बाद भारत का अगला सुपरस्टार कहा जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि गिल ही वह खिलाड़ी हैं, जो आने वाले समय में सचिन और विराट की बराबरी कर सकते हैं। 24 साल की उम्र में गिल ने वह हासिल कर लिया है, जिसका सपना हर क्रिकेटर देखता है। वह तीनों फॉर्मेट में देश के लिए खेलते हैं और कई मैच जिताऊ पारियां खेल चुके हैं। अब वह विश्व कप भी अपने नाम करना चाहेंगे। हालांकि, गिल के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा है।
गिल को आउट करने वाले को इनाम देते थे पिता
गिल को भारत का अगला स्टार बनाने का सपना उनके पिता ने तब देखा था, जब गिल को सपने देखने का मतलब भी नहीं पता था। इसी वजह से गिल को बचपन से ही एक क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया गया। उनके पिता ने खेल में ही स्थायी मैदान बना दिया था, जहां गिल खेलते थे। इसके बाद उन्होंने यह तय किया कि जो भी गेंदबाज उनके बेटे को आउट करेगा, उसे 100 रुपये इनाम देंगे। उन्हें यकीन था एक दिन ऐसा जरूर आएगा, जब गिल को आउट करना मुश्किल होगा। एक दिन उनका सपना सच साबित हुआ और गिल बेहतर बल्लेबाज बनते गए।
गिल को आउट करने वाले को इनाम देते थे पिता
गिल को भारत का अगला स्टार बनाने का सपना उनके पिता ने तब देखा था, जब गिल को सपने देखने का मतलब भी नहीं पता था। इसी वजह से गिल को बचपन से ही एक क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया गया। उनके पिता ने खेल में ही स्थायी मैदान बना दिया था, जहां गिल खेलते थे। इसके बाद उन्होंने यह तय किया कि जो भी गेंदबाज उनके बेटे को आउट करेगा, उसे 100 रुपये इनाम देंगे। उन्हें यकीन था एक दिन ऐसा जरूर आएगा, जब गिल को आउट करना मुश्किल होगा। एक दिन उनका सपना सच साबित हुआ और गिल बेहतर बल्लेबाज बनते गए।
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शुभमन गिल
- फोटो : सोशल मीडिया
प्लास्टिक गेंद से अभ्यास का मिला फायदा
शुभमन गिल बचपन में प्लास्टिक गेंद से अभ्यास करते थे। प्लास्टिक की गेंद कंक्रीट पर गिरने के बाद और तेजी से उनकी तरफ आती थी। इसमें उछाल भी होता था। इस वजह से गिल को फ्रंटफुट से ही पुल शॉट खेलने की आदत हो गई। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वह आसानी से 150 किमी की गति वाले गेंदबाजों के खिलाफ पुल शॉट खेलते हैं। भारतीय बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत में परेशानी होती है, लेकिन गिल के साथ ऐसा नहीं है। इसकी वजह प्लास्टिक गेंद से अभ्यास करना ही रहा है।
नहीं मिली धोनी वाली जर्सी
शुभमन गिल जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहुंचे तो उन्होंने जर्सी नंबर सात मांगा, लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई। ऐसे में वह 77 नंबर जर्सी के साथ खेलने लगे। अभी भी गिल इसी जर्सी नंबर के साथ खेलते हैं। 2016-17 में गिल के प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत हुई। इसी साल वह विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी खेल गए। यहां अच्छे प्रदर्शन का फायदा यह हुआ कि वह 2018 में भारत की अंडर-19 टीम में चुने गए। यहां उन्होंने पांच मुकाबलों में 124 के औसत से 372 रन बनाए।
शुभमन गिल बचपन में प्लास्टिक गेंद से अभ्यास करते थे। प्लास्टिक की गेंद कंक्रीट पर गिरने के बाद और तेजी से उनकी तरफ आती थी। इसमें उछाल भी होता था। इस वजह से गिल को फ्रंटफुट से ही पुल शॉट खेलने की आदत हो गई। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वह आसानी से 150 किमी की गति वाले गेंदबाजों के खिलाफ पुल शॉट खेलते हैं। भारतीय बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत में परेशानी होती है, लेकिन गिल के साथ ऐसा नहीं है। इसकी वजह प्लास्टिक गेंद से अभ्यास करना ही रहा है।
नहीं मिली धोनी वाली जर्सी
शुभमन गिल जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहुंचे तो उन्होंने जर्सी नंबर सात मांगा, लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई। ऐसे में वह 77 नंबर जर्सी के साथ खेलने लगे। अभी भी गिल इसी जर्सी नंबर के साथ खेलते हैं। 2016-17 में गिल के प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत हुई। इसी साल वह विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी खेल गए। यहां अच्छे प्रदर्शन का फायदा यह हुआ कि वह 2018 में भारत की अंडर-19 टीम में चुने गए। यहां उन्होंने पांच मुकाबलों में 124 के औसत से 372 रन बनाए।
शुभमन गिल और चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : twitter@BCCI
इस समय तक अंडर-19 विश्व कप काफी लोकप्रिय हो चुका था। गिल अच्छा प्रदर्शन करने के बाद आईपीएल टीमों के साथ फैंस की नजरों में भी आ गए। उनकी लोकप्रियता बढ़ गई। कोलकाता की टीम ने उन्हें 1.8 करोड़ रुपये में खरीदा। यहां से गिल की आर्थिक परेशानी पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। हालांकि, पैसे की समस्या उनके पिता ने पहले भी नहीं आने दी थी। उनका सपना था कि बेटा देश के लिए कमाल करे और इसमें अभी समय था।
गाबा में खेली यादगार पारी
2019 में शुभमन गिल ने देश के लिए पहला मैच खेला और 2020 में उनके टेस्ट करियर की शुरुआत हुई। शुरुआत में उनके बल्ले से बड़ी पारी नहीं निकली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में उन्होंने करियर का पहला अर्धशतक लगाया। इसी सीरीज में उन्होंने गाबा के मैदान में 91 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी के चलते भारत ने गाबा में ऑस्ट्रेलिया को हराया और विराट कोहली के बिना ऐतिहासिक सीरीज जीती।
गाबा में खेली यादगार पारी
2019 में शुभमन गिल ने देश के लिए पहला मैच खेला और 2020 में उनके टेस्ट करियर की शुरुआत हुई। शुरुआत में उनके बल्ले से बड़ी पारी नहीं निकली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में उन्होंने करियर का पहला अर्धशतक लगाया। इसी सीरीज में उन्होंने गाबा के मैदान में 91 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी के चलते भारत ने गाबा में ऑस्ट्रेलिया को हराया और विराट कोहली के बिना ऐतिहासिक सीरीज जीती।
शुभमन गिल
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद से गिल के प्रदर्शन में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन वह वनडे टीम में जगह पक्की नहीं कर सके। हालांकि, टेस्ट में उनकी जगह तय हो गई थी। 2022 में वनडे में उन्हें फिर मौका मिला और इस बार गिल ने इसे दोनों हाथों से भुनाया। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ भी काफी रन बनाए। अब टीम में उनकी जगह पक्की हो रही थी, लेकिन उन्हें बड़ी टीमों के खिलाफ भी प्रदर्शन करना था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चला, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में वह अच्छा खेले। बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में शतक लगाया और 2023 में इतिहास रच दिया।
2023 में किया कमाल
गिल ने तीनों फॉर्मेट में बतौर ओपनर खेलना शुरु किया और रनों का अंबार लगा दिया। टी20 में शतक लगाया, वनडे में दोहरा शतक जड़ दिया और भारत के अहम बल्लेबाजों में शामिल हो गए। उन्होंने अब तक पीछे मुड़कर नहीं देखा है और देश को उनसे काफी उम्मीदें हैं। उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। इसी वजह से उनका नाम सारा तेंदुलकर के अलावा कई अभिनेत्रियों के साथ भी जुड़ रहा है।
2023 में किया कमाल
गिल ने तीनों फॉर्मेट में बतौर ओपनर खेलना शुरु किया और रनों का अंबार लगा दिया। टी20 में शतक लगाया, वनडे में दोहरा शतक जड़ दिया और भारत के अहम बल्लेबाजों में शामिल हो गए। उन्होंने अब तक पीछे मुड़कर नहीं देखा है और देश को उनसे काफी उम्मीदें हैं। उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। इसी वजह से उनका नाम सारा तेंदुलकर के अलावा कई अभिनेत्रियों के साथ भी जुड़ रहा है।