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जहां भी जाता हूं लोग मुझे घेर लेते हैं: धवन
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 11 Sep 2013 04:04 PM IST
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शिखर धवन अब टीम इंडिया की नई सनसनी बन गए हैं। अब उन्हें हर कोई पहचान लेता है और इस स्टारडम से वह बेहद खुश भी हैं।
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पहले सचिन तेंदुलकर के वनडे में दो सौ और उसके बाद वीरेंद्र सहवाग की 219 रनों की पारियां शिखर धवन के जहन में बस चुकी थीं। शिखर की मानें तो वह बस इन दो पारियों का सोते जागते सपना देखते थे। काश वह भी कभी वनडे में दो सौ की पारी खेलेंगे!
दक्षिण अफ्रीका में भारत ए के लिए जब उन्होंने यह कमाल किया तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। शिखर बताते हैं कि 248 रनों की पारी खेलने के बाद उन्हें पता लगा कि उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी पारी खेल डाली है। वह इस पारी के लिए भगवान के शुक्रगुजार हैं।
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इस साल मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट खेलने से पहले धवन की जिंदगी में एक ठहराव सा था। लेकिन अपने पहले ही टेस्ट में 186 रनों की पारी खेलने के बाद अब उनकी जिंदगी बदल चुकी है।
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वित्तीय क्षेत्र की कंपनी आरके ग्लोबल के कॉरपोरेट ब्रांड एंबेसडर बने धवन खुलासा करते हैं कि पहले वह कहीं भी निकल जाते थे। कहीं भी कुछ खा लिया करते थे। लेकिन पिछले छह माह में स्थितियां बदली हैं। अब वह कहीं भी जाते हैं उन्हें लोग घेर लेते हैं।
लेकिन उन्हें यह सब अच्छा लगता है। वह शुरू से ही सपना देखते थे कि उनका भी नाम होगा और वह मौका अब आ गया है।
धवन यह भी समझ चुके हैं कि सफलता के बाद वह अब एक ब्रांड वैल्यू भी बन रहे हैं। भारतीय टीम में मौका मिलते ही एक के बाद एक धमाकेदार पारियां खेल रहे धवन एक और खुलासा करते हैं।
वह मोहाली से पहले जैसा खेल रहे थे ठीक उसी तकनीकि को उन्होंने अब भी बरकरार रखा है। इसमें उन्होंने अब तक कोई बदलाव नहीं किया है। सिर्फ वह मानसिक रूप से मजबूत हुए हैं।
धवन ने बताया कि उन्होंने अपने स्ट्रोक के चयन में थोड़ा बदलाव किया है। हां, जब वह टीम में नहीं थे तो थोड़ा निराश थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वह क्रिकेट को प्यार करते रहे और खेलते रहे। इसी का परिणाम है कि उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई।
धोनी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तान
शिखर धवन की नजरों में महेंद्र सिंह धोनी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक हैं।
विराट कोहली की धोनी से तुलना करने पर शिखर ने कहा कि यह तुलना अभी जल्दबाजी होगी। धोनी की कप्तानी की दुनिया कायल है। उनकी उपलब्धियां उनकी सफलताओं की कहानी कहती हैं।
विराट भी अच्छे सोच वाले हैं। सही दिशा में जा रहे हैं। लेकिन धोनी से उनकी तुलना करना अभी ठीक नहीं है।