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धवन अब फिर से दे सकेंगे अपनी मूंछों पर ताव!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 04 Sep 2014 02:18 PM IST
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बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन फॉर्म में लौट आए हैं और इसका प्रमाण उन्होंने पिछले मैच में जबर्दस्त बल्लेबाजी करते हुए दे भी दिया है।
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे मैच में उन्होंने 97 रनों की गजब की पारी खेली। उनकी इस पारी की विशेषता यह रही कि दो बड़े नाजुक मौकों पर छक्के भी जड़े। और यह तब है जब इस मैच से पहले जारी इंग्लैंड दौरे में उन्होंने एक भी अर्धशतकीय पारी नहीं खेली थी।
बर्मिंघम में हुए मैच में जब वह अपने पहले अर्धशतक के करीब थे तो उन्होंने छक्का जड़कर अर्धशतक पूरा किया, जो उनके वनडे करियर की आठवीं फिफ्टी रही। इसके बाद टीम इंडिया जब जीत के करीब पहुंच गई थी तो उन्होंने छक्का जड़कर टीम की जीत को यादगार बना दिया। इस पारी में उन्होंने 11 चौकों के अलावा 4 छक्के जड़े थे।
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इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे मैच में उन्होंने 97 रनों की गजब की पारी खेली। उनकी इस पारी की विशेषता यह रही कि दो बड़े नाजुक मौकों पर छक्के भी जड़े। और यह तब है जब इस मैच से पहले जारी इंग्लैंड दौरे में उन्होंने एक भी अर्धशतकीय पारी नहीं खेली थी।
बर्मिंघम में हुए मैच में जब वह अपने पहले अर्धशतक के करीब थे तो उन्होंने छक्का जड़कर अर्धशतक पूरा किया, जो उनके वनडे करियर की आठवीं फिफ्टी रही। इसके बाद टीम इंडिया जब जीत के करीब पहुंच गई थी तो उन्होंने छक्का जड़कर टीम की जीत को यादगार बना दिया। इस पारी में उन्होंने 11 चौकों के अलावा 4 छक्के जड़े थे।
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हरकत में आई BCCI, जीत की राह पर लौटा भारत
टेस्ट सीरीज और वनडे सीरीज की शुरुआती 3 मैचों में शिखर धवन के बल्ले से रन ही नहीं निकल रहे थे। यहां उनसे रन बनाने को कौन कहे, क्रीज पर भी ज्यादा देर तक टिके भी नहीं रह पाते थे।
5 मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्हें पहले 3 मैचों में टीम में शामिल किया गया लेकिन वह 12, 29 (नॉटिंघम), 7, 31 (लॉर्ड्स) और 6, 37 (साउथम्प्टन टेस्ट) रन ही बना पाए थे, उनके खराब फॉर्म को देखते हुए अंतिम 2 मैचों से बाहर कर दिया गया।
हालांकि इस दौरान उनके साथ यह अच्छी बात रही कि वह टीम को शुरुआत तो ठीक-ठाक करा देते थे लेकिन वह इसे आगे बढ़ा नहीं पाते थे। टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार के बाद बीसीसीआई ने भी त्वरित एक्शन लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और कमेंट्रेटर रवि शास्त्री को टीम का नया डायरेक्टर बना भेज दिया। और शायद यहीं से टीम इंडिया और खिलाड़ियों की किस्मत में नया मोड़ आया और अचानक सब कुछ बदल गया।
5 मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्हें पहले 3 मैचों में टीम में शामिल किया गया लेकिन वह 12, 29 (नॉटिंघम), 7, 31 (लॉर्ड्स) और 6, 37 (साउथम्प्टन टेस्ट) रन ही बना पाए थे, उनके खराब फॉर्म को देखते हुए अंतिम 2 मैचों से बाहर कर दिया गया।
हालांकि इस दौरान उनके साथ यह अच्छी बात रही कि वह टीम को शुरुआत तो ठीक-ठाक करा देते थे लेकिन वह इसे आगे बढ़ा नहीं पाते थे। टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार के बाद बीसीसीआई ने भी त्वरित एक्शन लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और कमेंट्रेटर रवि शास्त्री को टीम का नया डायरेक्टर बना भेज दिया। और शायद यहीं से टीम इंडिया और खिलाड़ियों की किस्मत में नया मोड़ आया और अचानक सब कुछ बदल गया।
हार के बाद लगाई जीत की 'हैट्रिक'
रवि शास्त्री के टीम इंडिया का डायरेक्टर बनाए जाने के बाद अचानक भारतीय खिलाड़ियों का कायाकल्प हो गया और इंग्लैंड पर एक के बाद एक जीत हासिल करते हुए टीम इंडिया ने जीत की हैट्रिक लगा दी।
टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी फॉर्म में लौट चुके थे लेकिन धवन अभी भी संघर्ष कर रहे थे, लेकिन पूर्व कप्तान और अनुभवी क्रिकेटर शास्त्री से सीख लेने के बाद जब वह तीसरे मैच में खेलने उतरे तो उन्होंने अजिंक्य रहाणे के साथ पहले विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी कर डाली।
रहाणे ने जहां वनडे करियर में अपना पहला शतक जमाया, वहीं धवन ने अपनी नाकामियों को पीछे छोड़ते हुए 97 रनों की अविजित पारी खेल डाली। धवन ने भी अपनी इस कामयाबी का राज खोलने में कोई कोताही नहीं बरती और मैच खत्म होने के तुरंत बाद अपना राज खोल दिया।
टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी फॉर्म में लौट चुके थे लेकिन धवन अभी भी संघर्ष कर रहे थे, लेकिन पूर्व कप्तान और अनुभवी क्रिकेटर शास्त्री से सीख लेने के बाद जब वह तीसरे मैच में खेलने उतरे तो उन्होंने अजिंक्य रहाणे के साथ पहले विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी कर डाली।
रहाणे ने जहां वनडे करियर में अपना पहला शतक जमाया, वहीं धवन ने अपनी नाकामियों को पीछे छोड़ते हुए 97 रनों की अविजित पारी खेल डाली। धवन ने भी अपनी इस कामयाबी का राज खोलने में कोई कोताही नहीं बरती और मैच खत्म होने के तुरंत बाद अपना राज खोल दिया।
शास्त्री के आने से बढ़ा मनोबल
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने टीम के डायरेक्टर और पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार के बाद उन्होंने टीम इंडिया का मनोबल बढ़ाने का काम किया है।
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे में नाबाद 97 रन की पारी खेलने वाले धवन ने कहा, "मैं पूरे स्पोर्ट स्टॉफ का धन्यवाद करता हूं, खासतौर पर रवि भाई का जिन्होंने टीम से जुड़ने के बाद हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ाया है। मेरे साथ खड़े रहने के लिए मैं अपने परिवार का भी शुक्रिया अदा करता हूं।"
बड़ी पारी के बाद अपनी मुंछों पर ताव देने के लिए मशहूर धवन लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म थे जिस कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब वह फॉर्म में लौट आए हैं और प्रशंसक उनसे उनकी पुरानी अदा फिर से देखने को बेकरार हैं7
साथ ही शास्त्री ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीतना 2015 वर्ल्ड कप के लिहाज से काफी अहम है। उन्होंने कहा, "हमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अगला वर्ल्ड कप खेलना है और उससे छह महीने पहले इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतना काफी अच्छा है। इससे टीम का मनोबल काफी बढ़ेगा। यह जीत इसलिए भी स्पेशल है क्योंकि हमने टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार के बाद वापसी की है।"
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे में नाबाद 97 रन की पारी खेलने वाले धवन ने कहा, "मैं पूरे स्पोर्ट स्टॉफ का धन्यवाद करता हूं, खासतौर पर रवि भाई का जिन्होंने टीम से जुड़ने के बाद हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ाया है। मेरे साथ खड़े रहने के लिए मैं अपने परिवार का भी शुक्रिया अदा करता हूं।"
बड़ी पारी के बाद अपनी मुंछों पर ताव देने के लिए मशहूर धवन लंबे समय से आउट ऑफ फॉर्म थे जिस कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब वह फॉर्म में लौट आए हैं और प्रशंसक उनसे उनकी पुरानी अदा फिर से देखने को बेकरार हैं7
साथ ही शास्त्री ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीतना 2015 वर्ल्ड कप के लिहाज से काफी अहम है। उन्होंने कहा, "हमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अगला वर्ल्ड कप खेलना है और उससे छह महीने पहले इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतना काफी अच्छा है। इससे टीम का मनोबल काफी बढ़ेगा। यह जीत इसलिए भी स्पेशल है क्योंकि हमने टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार के बाद वापसी की है।"
धोनी ने सभी साथियों को कहा, शुक्रिया
इंग्लैंड के खिलाफ चौथा वनडे मैच जीतने के साथ भारत के सबसे सफल कप्तान बने महेंद्र सिंह धोनी ने इस उपलब्धि के लिए अपना साथी खिलाड़ियों का शुक्रिया अदा किया है। धोनी की कप्तानी में भारत ने सर्वाधिक 91 मैच जीते हैं।
भारतीय कप्तान ने कहा, "जब मैंने टीम की कप्तानी करनी शुरू की थी तब मुझे एक शानदार टीम मिली थी। अभी भी मेरे पास एक शानदार टीम है। हालांकि इस दौरान कुछ उतार-चढ़ाव भी रहे लेकिन मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जिनके साथ मैं खेला हूं। उनके योगदान के बिना वास्तव में यह संभव नहीं हो पाता।"
उन्होंने कहा, "मैं जितने भी सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेला और जितने भी खिलाड़ी और युवा मेरी कप्तानी में खेले, मैं व्यक्तिगत तौर पर मानता हूं कि हमारे पास एक शानदार वनडे टीम है। उतार-चढ़ाव आते रहेंगे लेकिन सबसे अहम बात सकारात्मक नजरिया बनाए रखना है।"
भारतीय कप्तान ने कहा, "जब मैंने टीम की कप्तानी करनी शुरू की थी तब मुझे एक शानदार टीम मिली थी। अभी भी मेरे पास एक शानदार टीम है। हालांकि इस दौरान कुछ उतार-चढ़ाव भी रहे लेकिन मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जिनके साथ मैं खेला हूं। उनके योगदान के बिना वास्तव में यह संभव नहीं हो पाता।"
उन्होंने कहा, "मैं जितने भी सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेला और जितने भी खिलाड़ी और युवा मेरी कप्तानी में खेले, मैं व्यक्तिगत तौर पर मानता हूं कि हमारे पास एक शानदार वनडे टीम है। उतार-चढ़ाव आते रहेंगे लेकिन सबसे अहम बात सकारात्मक नजरिया बनाए रखना है।"