फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   Sharad Pawar said, BCCI reforms overzealous, may destroy cricket

'BCCI ने अगर ज्यादा सुधार किए तो बिगड़ जाएगा क्रिकेट का रोमांच'

Fri, 27 Oct 2017 10:36 AM IST
amarujala.com- Presented By: मुकेश झा
amarujala.com- Presented By: मुकेश झा Updated Fri, 27 Oct 2017 10:36 AM IST
विज्ञापन
Sharad Pawar said, BCCI reforms overzealous, may destroy cricket
टीम इंडिया

वरिष्ठ राजनेता, खेल प्रशासक और आईसीसी-बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि क्रिकेट सुधारने में 'अति उत्साह' खेल को नष्ट कर सकता है। उनका कहना है कि यदि BCCI ने क्रिकेट में ज्यादा सुधार किए तो क्रिकेट का रोमांच बिगड़ सकता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि क्रिकेट प्रशासक समिति (सीओए) का बीसीसीआई संविधान लोढ़ा समिति की सिफारिशों दायरे से बाहर है।

विज्ञापन


पवार ने कहा, 'आवेदक एक अनुभवी क्रिकेट प्रशासक है, जिसने देश में क्रिकेट प्रशासन के विकास और आकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह उन लोगों में से एक है, जिन्होंने न केवल बोर्ड की उथल-पुथल को अपनी शुरुआत से ही देखा, बल्कि इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उनके नेतृत्व में था कि पूर्व खिलाड़ियों के लिए पहली बार पेंशन योजना शुरू की गई थी और महिला क्रिकेट को बोर्ड के तहत लाया गया था। विश्व के सबसे सफल टूर्नामेंट आईपीएल को उन्हीं के कार्यकाल के दौरान लाया गया था।'
विज्ञापन


पढ़ेंः- बीसीसीआई अधिकारी का खुलासा, इस वजह से लंबे समय से बाहर हैं अश्विन और जडेजा
विज्ञापन
विज्ञापन


पवार ने यह आवेदन अपने वकील नीला गोखले और कामक्षी मेहलवाल के माध्यम से दिया है और कहा, 'बीसीसीआई आज खुद को बहुत बड़ा समझता है, क्योंकि वह दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बॉडी है। उन्होंने आगे कहा कि अब इसके पास पारदर्शिता का अभाव है। पवार ने अपने आवेदन में श्रीनिवासन और गुरुनाथ के मुद्दे का भी जिक्र किया।

Sharad Pawar said, BCCI reforms overzealous, may destroy cricket
शरद पवार

पवार ने स्वीकार किया कि बीसीसीआई के कामकाज में किसी तरह के प्रशासन में बहुत बड़ी कमी नहीं थीं। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुधारवादी कदम उठाए गए थे। बीसीसीआई के क्रिकेट प्रशासक समिति लोढा पैनल की सिफारिशों के दायरे से परे है। यह बात पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वीकार की थी।

एक-राज्य एक-मत मानदंड के खिलाफ दलील देने के बावजूद, एनसीपी प्रमुख ने कहा, 'यह बात स्वीकार किए जाते हैं कि एक राज्य के पास एक ही संघ होगा, वह निश्चित रूप से बीसीसीआई के एक संघ के सदस्य के अधिकार का उल्लंघन है।' उन्होंने साथ ही कहा है कि खिलाड़ियों और बुनियादी ढांचे की संख्या के संदर्भ में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का बड़ा योगदान है।  पवार ने कहा कि एक-राज्य एक -मत के नाम पर बीसीसीआई में मतदान के अधिकारों को एमसीए से वंचित रखने से बोर्ड का कामकाज और पारदर्शिता को बढ़ाने में मदद नहीं मिलेगी। 

बता दें कि पवार ने 2016 में एमसीए का अध्यक्ष पद छोड़ा था। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने लोढा समिति की सिफारिश को स्वीकार करते हुए क्रिकेट प्रशासन से 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पद से हटाने का आदेश दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed