आजकल क्रिकेट जगत में शाहिद अफरीदी की ऑटोबायोग्राफी गेम चेंजर काफी चर्चा में बनी हुई है। लगातार रोज नए खुलासों के बाद अब शाहिद अफरीदी की किताब से 23 साल पुराना एक ऐसा किस्सा सामने आ रहा है। जो कई सालों तक अफरीदी के नाम एक बड़े रिकॉर्ड के नाम दर्ज रहा, जिसे पाकिस्तान के इस धाकड़ खिलाड़ी ने अपने नहीं बल्कि सचिन तेंदुलकर के बल्ले से बनाया था।
पाकिस्तान के पूर्व धुरंधर बल्लेबाज शाहिद अफरीदी ने साल 1996 में 37 गेंदों पर शतक जड़कर रिकॉर्डबुक में अपना नाम दर्ज कराया था। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने वन-डे इंटरनेशनल में रिकॉर्ड बनाया था लेकिन इसके पीछे दिलचस्प कहानी यह है कि अफीरीद के उस रिकॉर्ड में सचिन तेंदुलकर का बल्ला इस्तेमाल किया गया।
शाहिद अफरीदी ने अपनी ऑटोबायोग्राफी गेम चेंजर में उस विशेष शतक का जिक्र किया है। यह बड़ा रोचक किस्सा है कि आखिर नैरोबी में अफरीदी के पास सचिन का बल्ला कैसे पहुंचा? अफरीदी ने अपनी किताब में लिखा “.. लेकिन आप सोचिए कि वकार ने उस बैट को सियालकोट ले जाने से पहले क्या किया? उन्होंने वह बल्ला मुझे दिया और मैंने उससे बल्लेबाजी की। नैरोबी में जो पहला शतक मैंने जड़ा, वह सचिन के बल्ले से बनाया। दरअसल सचिन ने वकार यूनुस को अपना बैट दिया था, जिससे यूनुस सियालकोट में उसी तरह का एक और बैट बनवा सके।
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शाहिद अफरीदी
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यह शतक अफरीदी ने महज 16 साल की उम्र में बना लिया था, इस बात को अफरीदी ने खारिज किया। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में कहा है कि आधिकारिक दस्तावेजों में उनकी गलत उम्र दर्ज है। उन्होंने अपनी सही उम्र भी बताई और लिखा की वह उस समय 16 साल के नहीं बल्कि 21 साल के थे। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा मे लिखा है कि वह 1975 में जन्में थे।
अफरीदी ने 18 साल तक इस रिकॉर्ड पर राज किया। फिर 2014 में न्यूजीलैंड के कोरी एंडरसन ने इसे तोड़ा। बाद में दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स ने 2015 में सिर्फ 31 गेंदों में शतक जमाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।