रिश्तेदारों के तानों के बीच शेफाली ने थामा था बल्ला, आसान नहीं रहा रोहतक से टीम इंडिया तक का सफर
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा खिलाड़ी शेफाली वर्मा ने अपने शानदार प्रदर्शन से तहलका मचा दिया है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही टी-20 सीरीज में 24 घंटे के भीतर दो धमाकेदार अर्धशतक ठोक दिए हैं। शेफाली भारतीय टीम में डेब्यू करने वाली दूसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं।
हरियाणा की 15 साल की शेफाली वर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम में पदार्पण किया था। हालांकि, अपने डेब्यू मैच में वह सिर्फ 4 गेंद खेल पाई थीं, लेकिन उसके बाद के मैच में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 33 बॉल में 46 रन बनाए। पांच साल पहले रोहतक के लाहली में रणजी मैच खेलने आए दिग्गज सचिन तेंदुलकर को देखकर शेफाली ने क्रिकेटर बनने की ठानी थी और उन्होंने अब सचिन के ही 30 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया था।
शेफाली ने तोड़ा सचिन का 30 साल पुराना रिकॉर्ड
पंद्रह साल की शेफाली वर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्द्धशतक जड़ने वाली भारत की सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शेफाली ने यह उपलब्धि 15 साल और 285 दिन की उम्र में हासिल की। इस तरह उन्होंने दिग्गज क्रिकेटर तेंदुलकर को पीछे छोड़ा, जिन्होंने अपना पहला टेस्ट अर्द्धशतक 16 साल और 214 दिन की उम्र में बनाया था। हरियाणा की इस युवा खिलाड़ी ने पिछले महीने सूरत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने करिअर के दूसरे टी-20 मैच में 46 रन की पारी खेली थी।
घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन ने टीम दिलाई जगह
हरियाणा के रोहतक जिले की रेलवे रोड स्थित सुनारों वाली गली में रहने वाली शेफाली ने अपने खेल से सबको प्रभावित किया है। शेफाली के भारतीय टीम में चयन अंडर-19 में लगाए तीन शतक, अंडर-23 में खेलते हुए तीन शतक व सीनियर टीम टी-20 मुकाबले में खेलते हुए 56 गेंदों में 128 रन के स्कोर का अहम योगदान रहा था।
शेफाली के पिता संजीव वर्मा ने बताते हैं कि शेफाली ने आठ वर्ष की आयु में शहर के झज्जर रोड हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से चलाए जा रहे स्थित रामनारायण क्रिकेट क्लब से क्रिकेट खेलने की शुरुआत की। शेफाली ने डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलते हुए वर्ष 2018-19 में अंडर-19 के 50-50 ओवर के मैचों में 70 से कम गेंदों में तीन शतक, अंडर-23 के 50-50 ओवर के मैचों में लगभग 50-50 गेंदों में तीन शतक व सीनियर टी-20 डोमेस्टिक मैचों में नागालैंड के खिलाफ खेलते हुए 56 गेंदों में 128 रन का स्कोर किया।
इसके अतिरिक्त शेफाली ने बंगलूरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी में हुए नेशनल कैंप में भी शानदार प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसका दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच टी-20 मैचों के लिए भारतीय महिला टी-20 टीम चयन हुआ था।
लड़की होने के कारण एकेडमी में नहीं मिला था दाखिला
शेफाली ने क्रिकेट की ट्रेनिंग एक लड़के के रूप में लेनी शुरू की थी, क्योंकि उनके शहर में लड़कियों के लिए क्रिकेट एकेडमी नहीं थी। उन्होंने अपने क्रिकेट के लिए जुनूनी पिता संजीव वर्मा के निर्देश पर अपने बाल कटवा लिए थे। क्योंकि हरियाणा के रोहतक जिला के सभी क्रिकेट एकेडमी ने उन्हें दाखिला देने से मना कर दिया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार रोहतक में जूलरी दुकान चलाने वाले शेफाली के पिता संजीव ने बताया था कि कोई मेरी बेटी को लेना नहीं चाहता था, क्योंकि रोहतक में लड़कियों के लिए एक भी एकेडमी नहीं थी। मैंने उनसे बहुत आग्रह किया कि वे मेरी बेटी को अपने यहां ट्रेनिंग देने के लिए शामिल कर ले, लेकिन किसी ने भी मेरी बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि आखिरकार मजबूर होकर मैंने अपनी बेटी के बाल कटवा कर उसे एक एकेडमी ले गया और लड़के की तरह उसका ऐडमिशन कराया।
शेफाली के पिता बताते हैं कि, जब वह लड़कों के साथ खेलती थी पड़ोसी और रिश्तेदारों के ताने सुनने पड़ते थे। वे कहते थे कि तुम्हारी लड़की लड़कों के साथ खेलती है, लड़कियों का क्रिकेट में कोई भविष्य नहीं है, लेकिन आज वही लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।