हार से चयनकर्ताओं का सिरदर्द बढ़ा
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चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल सचिन को चुनने का रहेगा। सचिन पिछली 27 पारियों से शतक और दस पारियों से पचासा लगाने में नाकाम रहे हैं। पिछली दस पारियों में उन्होंने 15.3 की बेहद मामूली औसत से सिर्फ 153 रन बनाए हैं। सचिन के प्रदर्शन को लेकर कई पूर्व क्रिकेटर खासे भड़के हुए हैं। लेकिन हर कोई उनके चयन को लेकर सीधे कुछ कहने से बच रहा है।
चयनकर्ता स्पिन विभाग में कुछ विविधता लाने के बारे में सोच सकते हैं। मुंबई में दोनों ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और आर अश्विन का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। चयनकर्ता टीम में किसी लेग स्पिनर का चयन कर सकते है और ऐसे में उत्तर प्रदेश के पीयूष चावला को मौका मिल सकता है। हालांकि बल्लेबाजी विभाग में ज्यादा परिवर्तन की संभावना दिखाई नहीं दे रही है लेकिन सुरेश रैना पर चर्चा हो सकती है।