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धोनी के संन्यास के सवाल पर पूर्व सचिव संजय जगदाले बोले- चयनकर्ता लें उनके मन की थाह

Fri, 19 Jul 2019 09:26 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Mukesh Jha Updated Fri, 19 Jul 2019 09:26 PM IST
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Sanjay Jagdale says ms dhoni mature enough to take decision on retirement
एम एस धोनी-रन आउट - फोटो : social Media

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने पर विचार करने की अटकलों के बीच पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता संजय जगदाले का कहना है कि एमएसके प्रसाद की अगुआई वाली चयन समिति को धोनी से मिलकर भविष्य के बारे में उनके मन की थाह लेनी चाहिए। बीसीसीआई के पूर्व सचिव का यह भी मानना है कि धोनी इतने परिपक्व हैं कि सीमित ओवरों में अपने संन्यास के बारे में खुद फैसला ले सकें। 

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2011 में अपनी कप्तानी में विश्व कप जिताने वाले धोनी की मौजूदा बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर काफी चर्चा हो रही है और रविवार को जब चयन समिति मुंबई में वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम चुनेगी तो 'कैप्टन कूल' के रूप में मशहूर रहे धोनी के चयन पर निगाह रहेगी।
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जगदाले ने कहा कि धोनी एक महान बल्लेबाज हैं और उन्होंने टीम के लिए निस्वार्थ क्रिकेट खेला है। मेरे मत में भारतीय टीम के पास विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में अभी धोनी का उपयुक्त विकल्प तुरंत मौजूद नहीं है। इस तरह की अटकलें है कि 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले धोनी सभी प्रारूपों को अलविदा कहने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि खुद धोनी ने इस बारे में अभी चुप्पी साध रखी है।
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मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के पूर्व अधिकारी ने कहा, 'अपने संन्यास के बारे में फैसला करने के लिए हालांकि धोनी खुद परिपक्व हैं। लेकिन चयनकर्ताओं को उनसे मिलकर उसी तरह पता करना चाहिए कि पेशेवर भविष्य को लेकर उनके दिमाग में क्या चल रहा है, जिस तरह सचिन तेंदुलकर के संन्यास से पहले उनसे बात की गई थी।  उन्होंने कहा, चयनकर्ताओं को धोनी को यह भी बताना चाहिए कि वे भविष्य में उन्हें किस भूमिका में देखना चाहते हैं।' 

उन्होंने धोनी का बचाव करते हुए कहा, यह कहना बेहद गलत होगा कि धोनी एक क्रिकेटर के रूप में चुक गए हैं। 38 साल की उम्र में किसी भी खिलाड़ी से उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह उसी ऊर्जा और आक्रामकता केसाथ खेलेगा, जैसा वह अपनी युवावस्था में खेलता था। वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने कहा, धोनी की आलोचना कुछ ऐसे पूर्व क्रिकेटर भी कर रहे हैं जो अपने करिअर के दौरान अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। सच्चे खिलाड़ी धोनी की असली कीमत जानते हैं।

विश्व कप में जरूरत के मुताबिक खेले 
जगदाले ने इस बात को खारिज किया कि विश्व कप में धोनी ने धीमी बल्लेबाजी की। बीसीसीआई के पूर्व सचिव ने कहा, 'विश्व कप में धोनी मैचों के हालात और भारतीय टीम की जरूरतों के मुताबिक ही खेल रहे थे। सेमीफाइनल में भी वह सही रणनीति के साथ बल्ल्ेबाजी कर रहे थे। दुर्भाग्य से वह निर्णायक क्षणों में रन आउट हो गए।' 

पंत को पहले ही मौके मिलने चाहिए थे : जगदाले ने हालांकि कहा कि भारतीय टीम की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में ऋ षभ पंत (21) लगातार मौके दिए जाने चाहिएं थे। उन्होंने जोर देकर कहा, 'पंत को विश्व कप से पहले ही भारत की वन डे टीम में धोनी के साथ शामिल किया जाना चाहिए था। धोनी के साथ खेलकर पंत बहुत कुछ सीख सकते थे।'

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