{"_id":"5f151e348ebc3e63c87bcec8","slug":"saif-ali-khan-says-geoffrey-boycott-did-not-believe-that-father-tiger-pataudi-was-visually-impaired","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता के बारे में सैफ ने बतायाः बॉयकाट के एक कमेंट से गुस्सा हो गए थे टाइगर पटौदी","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
पिता के बारे में सैफ ने बतायाः बॉयकाट के एक कमेंट से गुस्सा हो गए थे टाइगर पटौदी
Mon, 20 Jul 2020 10:02 AM IST
Rohit Ojha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 20 Jul 2020 10:02 AM IST
विज्ञापन
मंसूर अली खान पटौदी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी से जुड़ा एक किस्सा उनके बेटे बॉलिवुड अभिनेता सैफ अली खान ने सुनाया है। सैफ अली खान ने बताया कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जैफ्री बॉयकॉट की एक टिप्पणी से उनके पिता बेहद ही गुस्सा हो गए थे। फैंस के बीच टाइगर पटौदी नाम से मशहूर पूर्व कप्तान ने भारत के लिए 46 टेस्ट मैच खेले जिसमें से उन्होंने 40 मुकाबलों में कप्तानी संभाली।
विज्ञापन
स्पोर्ट्सकीडा से बातचीत में सैफ ने कहा कि बॉयकाट को मैं काफी मानता था। उन्होंने एक दिन मुझे काफी गुस्सा दिला दिया। उन्होंने मुझसे कहा, मैंने तुम्हारे पिता के बारे में सुना है, एक आंख से टेस्ट क्रिकेट खेलना मुमकिन नहीं है।सैफ ने कहा कि मैंने उनसे पूछा कि क्या आपको लगता है कि मेरे पिता झूठ बोल रहे हैं।
विज्ञापन
इसपर बॉयकॉट ने कहा कि हां मुझे लगता है कि वह कहानी बना रहे हैं। जब सैफ ने यह बात अपने पिता मंसूर अली खान पटौदी को बताई को वह काफी गुस्सा हो गए। सैफ ने बताया कि उनके पिता ने तब उनसे कहा कि वह जब दो आंखों से खेलते थे, तब बहुत अच्छा खेलते थे और अब एक आंख से अच्छा खेलते हैं।
विज्ञापन
मंसूर अली खान पटौदी को भारतीय क्रिकेट के महान कप्तानों में शुमार किया जाता है। उन्होंने 21 साल की उम्र में टीम की कप्तानी संभाली थी। एक कार दुर्घटना में वह चोटिल हो गए थे, जिसमें उनकी दाई आंख में चोट आई थी। इसकी वजह से उन्हें एक आंख से दिखना बंद हो गया था।
नवाब पटौदी ने भारत के लिए 46 टेस्ट मैच खेले और उनमें छह शतक और 16 अर्धशतक की मदद से 2793 रन बनाए। नाबाद 203 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। अपनी कप्तानी में वह नौ टेस्ट मैच जीतने में सफल रहे। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 310 मैच खेले और 15425 रन बनाए। इसमें 33 शतक और 75 अर्धशतक शामिल हैं।