115 साल बाद क्रिकेट को फिर से ओलंपिक में लाने के प्रयास तेज
क्रिकेट को ओलंपिक का हिस्सा बने 115 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन अब इस बात की उम्मीद बढ़ रही है कि आईसीसी ने भी इस दिशा में अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। अब दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस बात की पैरवी की है कि क्रिकेट को ओलंपिक खेलों में शामिल किया जाए।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि क्रिकेट का टी-20 फॉरमेट ओलंपिक के लिए बेहतर साबित होगा। उन्होंने कहा, "यह बेहतरीन विचार है और मैं समझता हूं कि इसके लिए टी-20 श्रेष्ठ फॉरमेट होगा। यह फॉरमेट उनके लिए स्वीकार्य होगा जिन्हें क्रिकेट के बारे में जानकारी नहीं है और उनके लिए भी जिनको क्रिकेट से परिचित कराने की जरूरत है। क्रिकेट का यह फॉरमेट किसी अन्य खेल की तरह तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।"
क्रिकेट 1900 के बाद से ओलंपिक में शामिल नहीं हुआ है। तब ब्रिटेन ने फ्रांस के खिलाफ खेला था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) अगले महीने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) से इस बारे में बात करने जा रही है।
सचिन-वार्न की ऑल स्टार सीरीज में खेलेंगे सहवाग
हाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अब दिग्गज खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न की ऑल-स्टार सीरीज में अपनी विध्वंसक बल्लेबाजी का जौहर दिखाते हुए नजर आएंगे।
इस लीग में खेलने का मतलब है कि सहवाग मौजूदा रणजी सीजन में हरियाणा के लिए कुछ मैच नहीं खेल पाएंगे। हरियाणा को 30 अक्टूबर से बंगाल के खिलाफ लाहली में खेलना है। इस मुकाबले में खेलने के बाद सहवाग अमेरिका के लिए रवाना हो जाएंगे।
सचिन और वॉर्न ने सहवाग के ऑल-स्टार सीरीज में खेलने की जानकारी ट्वीट के जरिए दी। ऑल-स्टार सीरीज के मैच 7 नवंबर को न्यूयॉर्क में, 11 को ह्यूसटन में और 14 को लास एंजेलिस में खेले जाएंगे।
मौजूदा रणजी सीजन में हरियाणा की कप्तानी करने वाले सहवाग असम और ओडिशा के खिलाफ मुकाबले में नहीं खेलेंगे। हरियाणा को असम के खिलाफ 7 नवंबर से जबकि ओडिशा के खिलाफ 15 नवंबर से खेलना है।