एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए तेंदुलकर ने कहा कि इस बार टीम इंडिया के पास दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने का सबसे बढ़िया मौका है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट समझदारी और क्षमता का खेल है। खिलाड़ियों को ये बात समझना होगी कि जब आप घरेलू परिस्थितियों में खेलते हैं तो एंजॉय करते हो, लेकिन विदेशी दौरों पर आपको वो मजा नहीं आने वाला है।
जब भारत में मैच होते हैं तो एसजी बॉल का इस्तेमाल किया जाता है और एसजी बॉल से गेंदबाजों को 20 से 50 ओवर के बाद मदद मिलती है। मगर दक्षिण अफ्रीका में इसका बिलकुल उलट होता है। वहां पर गेंदबाजों के पहले 25 ओवर बहुत ही ध्यान से खेलने की जरुरत होती है। टीम इंडिया के बल्लेबाजों को बस इन 25 ओवर को किसी तरह बिना शॉट मारे खेलना है।
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उन्होंने आगे कहा कि अगर टीम इंडिया ने केपटाउन में थोड़ा सा संयम दिखाया होता और 50 से 80 ओवर में रन बनाने की कोशिश करती तो नतीजा कुछ और होता। अब सेंचुरियन में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट में ओपनरों की भूमिका अहम होगी। ओपनरों को नई बॉल का डटकर सामना करना होगा।