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क्या आपको याद है सचिन की ये महान पारियां?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 11 Oct 2013 12:57 PM IST
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सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे दिया है। अगले महीने वह वेस्ट इंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के अंतिम मैच में न सिर्फ वह अपना 200वां टेस्ट मैच खेलेंगे, बल्कि यह उनका आखिरी मैच भी होगा।
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अपने दो दशक से ज्यादा लंबे और बेमिसाल करियर में उन्होंने कई लाजवाब पारियां खेली हैं। आइए उनकी 10 यादगार पारियों को याद करते हैं।
मैनचेस्टर से की शतक लगाने की शुरुआत
9-14 अगस्त 1990, मैनचेस्टर में खेले गए टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच के पांचवें दिन भारत की दूसरी पारी के दौरान उन्होंने उस समय शतक लगाया, जब टीम संकट में थी। इस शतक की बदौलत भारत यह मैच आराम से ड्रॉ कराने में सफल रहा।
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महज 17 साल की उम्र में तेंदुलकर ने टेस्ट में अपना पहला शतक लगाया। मैच के पांचवें दिन तेंदुलकर 189 गेंदों में 119 रन बनाकर अविजित लौटे।
इंग्लैंड ने इस मैच में टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 408 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। भारत के छह विकेट 183 रन पर गिर गए थे उस समय तेंदुलकर ने प्रभाकर के साथ सातवें विकेट के लिए अविजित 160 रनों की साझेदारी की।
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पाक में खेली साहसिक पारी
23 नवंबर 1989 को भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी। सचिन तेंदुलकर इस समय 16 साल के थे और उनके सामने इमरान खान, वसीम अकरम और अब्दुल कादिर जैसे खतरनाक गेंदबाज थे।
उन्होंने पाकिस्तान जैसी कट्टर प्रतिद्वंद्वी टीम का डटकर सामना करते हुए 59 रनों की नायाब पारी खेली। उनकी यह पारी इसलिए भी यादगार है क्योंकि बल्लेबाजी के दौरान उनकी नाक पर चोट लग गई थी।
पांच साल बाद वनडे में आया शतक
9 सितंबर 1994, तेंदुलकर ने अपने नौंवे टेस्ट में पहला शतक जड़ दिया था, लेकिन वनडे में पहले शतक के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
79 वनडे मैच खेलने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में शतक लगाया था। उन्होंने इस यादगार पारी में 130 गेंदों में आठ चौके और दो छक्के की मदद से 110 रनों की पारी खेली थी। भारत ने यह मुकाबला 31 रनों से जीता।
वो 186 रनों की पारी
आठ नवंबर 1999, सचिन तेंदुलकर इस समय जबर्दस्त फॉर्म में थे औरएक के बाद एक बड़ी पारियां खेल रहे थे।
न्यूजीलैंड की टीम इस दौरान भारत के दौरे पर थी और पांच मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में उन्होंने नायाब पारी खेली। इस मैच में विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उखेड़ते हुए महज 150 गेंदों में 20 चौके और तीन छक्के की मदद से 186 रनों की पारी खेली।
भारत ने इस मैच में 50 ओवर में 376 रन बनाए। मैच में 174 रनों की बड़ी जीत हासिल की।
शारजाह में की लाजवाब बल्लेबाजी
22 अप्रैल 1998 में सरजाह में तेंदुलकर को उनके इस शानदार पारी के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। भारत को कोका-कोला कप के फाइनल में पहुंचने के लिए औसत में सुधार करना था और ऑस्ट्रेलियाई टीम के दिए लक्ष्य (284) को 50 ओवर में कम से कम 254 रन बनाने थे।
लेकिन तूफान आने के कारण बाद में लक्ष्य को संशोधित कर दिया गया और भारत को 46 ओवर में 237 रन बनाने थे।
तेंदुलकर की आतिशी पारी ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। हालांकि भारत यह मैच हार गया। लेकिन सचिन ने 131 गेंदों में 143 रनों (9 चौका और 5 छक्का) की पारी खेली थी।
वनडे में पहला दोहरा शतक
24 फरवरी 2010 से पहले वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक नहीं लगा था। लेकिन मास्टर ब्लास्टर ने इस कमी को भी पूरा कर दिया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलते हुए पहली बार दोहरा शतक लगाने का कारनामा किया।
उन्होंने भारतीय पारी के अंतिम ओवर में दोहरा शतक ठोका। इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 25 चौके और तीन छक्के भी लगाए।
गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ा
दो जनवरी 2004 को सिडनी में तेंदुलकर ने चौथी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
बड़ी बात यह रही कि सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट की चौथी पारी में 241 रन बनाए। उन्होंने गावस्कर के टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक व्यक्तिगत रन 236 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा था।
मुल्तान में दोहरे शतक से रह गए
28 मार्च-एक अप्रैल 2004 को मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में वह 194 रन पर खेल रहे थे और वीरेंद्र सहवाग (309) की तरह इस मैच में बड़ी पारी की ओर थे।
लेकिन कप्तान राहुल द्रविड़ के अचानक भारतीय पारी को घोषित कर देने से वह अपने दोहरे शतक से चूक गए थे। हालांकि भारत ने वह मैच एक पारी और 32 रनों से मैच जीता।
चौथी पारी में ठोका शतक
11-15 दिसंबर 2008 को चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला गया। इस मैच में भारत ने छह विकेट से जीत हासिल की।
इस मैच में भारत को जीत के लिए 387 रनों का लक्ष्य मिला था और तेंदुलकर ने अपना विकेट बचाते हुए न सिर्फ शतक लगाया बल्कि टीम को छह विकेट से जीत दिला दी। तेंदुलकर 103 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे।
ढाका में लगाया सौवां शतक
16 मार्च, 2012 को ढाका में एशिया कप में टीम इंडिया बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में उतरी थी। इसी मैच में सचिन ने शानदार शतक लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय करियर में सौ शतक जड़ने का कारनामा कर दिखाया।
वह दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बने जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में सौ शतक जमाए। इस मैच में उन्होंने 147 गेंदों में 114 रन बनाए।