ब्रिस्बेन टेस्ट के आखिरी 10 ओवरों में पंत ने खेला टी-20, ओवर-दर-ओवर जानें कैसे बने रन?
नस्लीय टिप्पणी, छींटाकशी और चोटों से जूझती टीम इंडिया ने गाबा जीतकर ऑस्ट्रेलिया को उसके हर हमले का माकूल जवाब दिया। हालांकि, टीम इंडिया की इस जीत में ऋषभ पंत का सबसे अहम योगदान रहा, जिन्होंने ब्रिस्बेन टेस्ट के आखिरी 10 ओवरों को टी-20 में तब्दील कर दिया। इस दौरान उन्होंने लगातार बड़े शॉट लगाए। साथ ही, दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज की हौसलाअफजाई भी की।
पंत ने ऐसे बदला गियर
ब्रिस्बेन टेस्ट जीतने के लिए टीम इंडिया को आखिरी 10 ओवर में 53 रन की जरूरत थी। उस वक्त ऋषभ पंत 118 गेंदों में 59 रन बना चुके थे, जबकि उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर क्रीज पर मौजूद थे। हालांकि, पुजारा और रहाणे आदि दिग्गज खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। सुंदर ने पहली पारी में अर्द्धशतक जड़ा था, लेकिन गाबा की जीवंत पिच पर आखिरी 10 ओवर निकालना काफी मुश्किल लग रहा था। ऐसे में पंत ने बल्लेबाजी का गियर बदल लिया और वह टी-20 स्टाइल में गेंद को हिट करने लगे। पंत की देखा-देखी वाशिंगटन सुंदर ने भी पैट कमिंस को जोरदार छक्का जड़ दिया। अब हम आपको बताते हैं कि आखिरी 10 ओवरों में पंत की अगुआई में भारतीय टीम ने किस तरह ऑस्ट्रेलिया को रौंद दिया।
60 गेंदों में 53 रन की जरूरत
भारत की दूसरी पारी में जब सिर्फ 10 ओवर बचे तो टीम को जीत के लिए 53 रन की जरूरत थी और उसके पांच विकेट गिर चुके थे। उस दौरान पैट कमिंस ने ओवर डाला और वाशिंगटन सुंदर ने उनका सामना किया। यह ओवर मेडन रहा, जिसके बाद टीम इंडिया के सामने 54 गेंदों में 53 रन का लक्ष्य आ गया।
92वें ओवर में बने सिर्फ तीन रन
सुंदर ने उड़ाया जोरदार छक्का
पिछला ओवर मेडन डालने के बाद पैट कमिंस के हौसले बुलंद थे, लेकिन वाशिंगटन सुंदर ने उन्हें हैरान कर दिया। दरअसल, भारतीय पारी के 93वें ओवर की पहली चार गेंदों में सिर्फ एक रन बना, जो पंत ने लिया। इसके बाद पांचवीं गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर ने जोरदार छक्का जड़ दिया। वहीं, ओवर की आखिरी गेंद पर चौका लगा दिया। इस ओवर में कुल 11 रन आए, जिसके बाद टीम इंडिया के सामने 42 गेंदों में 39 रन का लक्ष्य रह गया।
लियोन पर पंत का हमला
हेजलवुड को भी नहीं बख्शा
लियोन ने सुंदर को किया बोल्ड