रवि शास्त्री ने ली गुपचुप मीटिंग, कोच फ्लेचर को खबर नहीं!
वर्ल्ड कप से पहले अखबारों की सुर्खियां चल रही है कि टीम इंडिया के कोच डंकन फ्लेचर और टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री के बीच मतभेद की खबरें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को होने वाले बेहद अहम मुकाबले से पूर्व एक बार फिर सतह पर आ गई हैं।
जिसके बाद दोनों के बीच काफी तनातनी हो गई है। सुनने में आया है कि इसके तहत शास्त्री ने सपोर्ट स्टाफ की बैठक ली और इसके बारे में फ्लेचर को कोई जानकारी नहीं दी गई।
यहां तक कि कोच को टीम की रणनीति के बारे में भी अंधेरे में रखा गया है। सुनने में तो यह भी आया है कि कोच फ्लेचर इस घटना के बाद काफी आहत और नाराज हैं।
वर्ल्ड कप से पहले ही किनारे करने का तो इरादा नहीं?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 15 फरवरी को पाक टीम पर जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जहां एक दिन की छुट्टी लेकर आराम को तरजीह दी गई थी। वहीं टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री की अगुआई में सपोर्ट स्टाफ की एक बैठक भी हुई।
इन सभी बातों की जानकारी टीम इंडिया के कोच डंकन फ्लेचर को नहीं दी गई। टीम के सूत्रों के अनुसार जब यह मीटिंग हो रही थी उस समय गेंदबाजी कोच भारत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर भी अपने किसी कॉमन फ्रेंड से मिलने गए हुए थे।
इस बारे में पूछने पर सफाई देते हुए मीडिया मैनेजर बाबा ने कहा है कि मैं इस बात की पुष्टि करता हूं कि ऐसी कोई भी बैठक नहीं हुई। इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि डंकन को अंधेरे में रखकर सपोर्ट स्टाफ की बैठक ली गई। उन्होंने आगे कहा कि यह खबर कोरी कल्पना पर आधारित है।
गौरतलब है कि विदेशी जमीन पर खराब प्रदर्शन के बाद शास्त्री की नियुक्ति को फ्लेचर के पर कतरने के लिहाज से देखा जा रहा था। इस बारे में जब भारत में मौजूद बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने इसे मजाक में लिया।
उन्होंने जवाब दिया कि क्या आपको सच में ऐसा लगता है कि इस तरह की बचकाने कदम उठाकर फ्लेचर को किनारे किए जाने की जरूरत है। फ्लेचर का कार्यकाल वर्ल्ड कप तक है और हमें नहीं लगता कि वह अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए कहेंगे। ऐसे में जो इंसान वर्ल्ड कप के बाद कार्यकाल छोड़ रहा है उसके साथ ऐसा करने की क्या जरूरत हो सकती है।