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Team India: टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद अश्विन का कड़वा सच- 'टीम के सभी साथी कभी दोस्त थे, अब सहयोगी हैं'
Sun, 18 Jun 2023 04:28 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 18 Jun 2023 04:28 PM IST
सार
अश्विन ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद भारतीय टीम की कड़वी सच्चाई को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि उनके साथी खिलाड़ी कैसे दोस्त से सहयोगी बन गए।
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रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : BCCI
विस्तार
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2021-23 के फाइनल की शुरुआत से ही रविचंद्रन अश्विन लगातार चर्चा में रहे हैं। दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज होने के बावजूद अश्विन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 469 रन बनाने दिए और यही रन भारत की 209 रन की हार का कारण बने।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मैच में टॉस जीतने के बाद रोहित शर्मा ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और बताया कि अश्विन यह मैच नहीं खेल रहे हैं। यहीं से रोहित के फैसले की आलोचना शुरु हो गई थी, जो अब तक सही मायने में थमी नहीं है। अश्विन ने भी फाइनल मैच में नहीं खेल पाने का दुख जताया। वहीं, जब उनसे भारतीय टीम में अच्छे दोस्त को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पहले सभी साथी खिलाड़ी उनके अच्छे दोस्त थे, लेकिन अब सभी सहयोगी बनकर रह गए हैं।
टीम में हर स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक इंटरव्यू में अश्विन से पूछा गया कि क्या वह मदद की तलाश में अपने किसी साथी से खुलकर बात करते हैं, तो अश्विन ने कहा "यह एक गहन विषय है"। उन्होंने बताया कि टीम में हर जगह के लिए जमकर प्रतिस्पर्धा है और दोस्ती की बातें अब इन हालातों में ज्यादा अहम नहीं हैं।
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अश्विन ने कहा "यह एक ऐसा समय है जहां हर कोई एक सहयोगी है। एक बार जब क्रिकेट खेला जाता था, तो आपके सभी साथी दोस्त थे। अब वे सहकर्मी हैं। एक बड़ा अंतर है क्योंकि यहां लोग खुद को आगे बढ़ाने और आगे बढ़ने के लिए हैं। कोई अन्य व्यक्ति आपके दाएं या बाएं बैठा है, लेकिन किसी के पास यह कहने का समय नहीं है, 'ठीक है, बॉस आप क्या कर रहे हैं'?"
अश्विन ने कहा कि जब खिलाड़ी अपनी तकनीक और अनुभव को साझा करते हैं तो यह टीम के लिए बेहतर होता है, भारतीय टीम में इसके करीब भी कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा "यह एक अलग-थलग यात्रा है"।
किसी के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं
अश्विन ने आगे बताया "वास्तव में, मेरा मानना है कि जब आप अनुभव साझा करते हैं तो क्रिकेट बेहतर हो जाता है। जब आप किसी अन्य व्यक्ति की तकनीक और किसी अन्य व्यक्ति की यात्रा को समझते हैं तो यह बेहतर हो जाता है। लेकिन यह कहीं भी नहीं होता है कि यह कितना होना चाहिए। कोई भी आपकी मदद के लिए नहीं आएगा। यह एक अलग-थलग यात्रा है। बेशक, आप किसी भी पेशेवर तक पहुंच सकते हैं, जो आप चाहते हैं, किसी कोच में टैप करें, आप भुगतान कर सकते हैं और जा सकते हैं, अभ्यास कर सकते हैं, उन्हें खिलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन कभी-कभी हम भूल जाते हैं कि क्रिकेट खेल है, जिसमें आप खुद से बहुत कुछ सीखते हैं।"
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद भारतीय टीम को आराम दिया गया है और 12 जुलाई तक टीम इंडिया कोई मैच नहीं खेलेगी। ऐसे में अश्विन ने तमिलनाडु प्रीमियर लीग में खेलने का फैसला किया है। वह इस सीजन डिंडीगुल ड्रैगन्स की कप्तानी कर रहे हैं।
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मैच में टॉस जीतने के बाद रोहित शर्मा ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और बताया कि अश्विन यह मैच नहीं खेल रहे हैं। यहीं से रोहित के फैसले की आलोचना शुरु हो गई थी, जो अब तक सही मायने में थमी नहीं है। अश्विन ने भी फाइनल मैच में नहीं खेल पाने का दुख जताया। वहीं, जब उनसे भारतीय टीम में अच्छे दोस्त को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पहले सभी साथी खिलाड़ी उनके अच्छे दोस्त थे, लेकिन अब सभी सहयोगी बनकर रह गए हैं।
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टीम में हर स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक इंटरव्यू में अश्विन से पूछा गया कि क्या वह मदद की तलाश में अपने किसी साथी से खुलकर बात करते हैं, तो अश्विन ने कहा "यह एक गहन विषय है"। उन्होंने बताया कि टीम में हर जगह के लिए जमकर प्रतिस्पर्धा है और दोस्ती की बातें अब इन हालातों में ज्यादा अहम नहीं हैं।
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अश्विन ने कहा "यह एक ऐसा समय है जहां हर कोई एक सहयोगी है। एक बार जब क्रिकेट खेला जाता था, तो आपके सभी साथी दोस्त थे। अब वे सहकर्मी हैं। एक बड़ा अंतर है क्योंकि यहां लोग खुद को आगे बढ़ाने और आगे बढ़ने के लिए हैं। कोई अन्य व्यक्ति आपके दाएं या बाएं बैठा है, लेकिन किसी के पास यह कहने का समय नहीं है, 'ठीक है, बॉस आप क्या कर रहे हैं'?"
अश्विन ने कहा कि जब खिलाड़ी अपनी तकनीक और अनुभव को साझा करते हैं तो यह टीम के लिए बेहतर होता है, भारतीय टीम में इसके करीब भी कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा "यह एक अलग-थलग यात्रा है"।
किसी के पास एक-दूसरे के लिए समय नहीं
अश्विन ने आगे बताया "वास्तव में, मेरा मानना है कि जब आप अनुभव साझा करते हैं तो क्रिकेट बेहतर हो जाता है। जब आप किसी अन्य व्यक्ति की तकनीक और किसी अन्य व्यक्ति की यात्रा को समझते हैं तो यह बेहतर हो जाता है। लेकिन यह कहीं भी नहीं होता है कि यह कितना होना चाहिए। कोई भी आपकी मदद के लिए नहीं आएगा। यह एक अलग-थलग यात्रा है। बेशक, आप किसी भी पेशेवर तक पहुंच सकते हैं, जो आप चाहते हैं, किसी कोच में टैप करें, आप भुगतान कर सकते हैं और जा सकते हैं, अभ्यास कर सकते हैं, उन्हें खिलाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन कभी-कभी हम भूल जाते हैं कि क्रिकेट खेल है, जिसमें आप खुद से बहुत कुछ सीखते हैं।"
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद भारतीय टीम को आराम दिया गया है और 12 जुलाई तक टीम इंडिया कोई मैच नहीं खेलेगी। ऐसे में अश्विन ने तमिलनाडु प्रीमियर लीग में खेलने का फैसला किया है। वह इस सीजन डिंडीगुल ड्रैगन्स की कप्तानी कर रहे हैं।