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भारतीय खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमीः द्रविड़
लंदन/एजेंसी
Updated Tue, 11 Dec 2012 01:02 AM IST
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इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आलोचकों में अब पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भी शामिल हो गए हैं। द्रविड़ कोलकाता टेस्ट में मिली हार से बेहद आहत हैं और उन्होंने टीम के मौजूदा खिलाड़ियों की क्षमता, कौशल और प्रतिभा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ने टीम इंडिया को आईना दिखा दिया। हालांकि उन्होंने भारतीय टीम को नसीहत भी दी कि सफल टीम वही होती है, जिसके खिलाड़ी एकजुट प्रदर्शन करते हैं।
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द्रविड़ ने ‘बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल’ कार्यक्रम में कहा, ‘लोग खिलाड़ियों के व्यवहार की बात कर रहे हैं और कहते हैं कि आईपीएल में अत्यधिक पैसा के कारण वह क्रिकेट के दूसरे प्रारूप की परवाह नहीं करते। हो सकता है कि यह भी एक कारण हो लेकिन सबसे मुख्य कारण खिलाड़ियों की प्रतिभा और क्षमता में कमी होना है। यही चीज इस समय मुझे सबसे अधिक चिंतित कर रही है।’
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इसी साल मार्च में क्रिकेट को अलविदा कह चुके पूर्व भारतीय कप्तान द्रविड़ ने कहा कि लोग हार से नहीं बल्कि हार के तरीके से दुखी हैं। बकौल द्रविड़, ‘लोग टीम की हार से दुखी नहीं हैं बल्कि जिस प्रकार हार रहे, उससे दुखी हैं। हम लगातार तीन टॉस जीतने में सफल रहे। यहां तक कि मुंबई की पिच भी हमारे मनोनुकूल थी और कोलकाता का विकेट तो बल्लेबाजों के लिए काफी अच्छा था। फिर भी, हम ना सिर्फ परिस्थितियों का फायदा उठा सके बल्कि संघर्ष भी नहीं कर सके।
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इंग्लैंड ने भारतीय टीम को आइना दिखा दिया है और दिखा दिया है कि वह किन परिस्थितियों से जूझ रहा है। सफल टीम वही होती है, जिसके खिलाड़ी समूह में प्रदर्शन करते हैं और टीम को बुलंदियों तक पहुंचाते हैं।’ द्रविड़ ने आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन गेंदबाजी पर भी दुख जताते हुए कहा कि इस विभाग में भी हमारा प्रदर्शन निराशाजनक रहा क्योंकि भारत की ताकत हमेशा से स्पिन गेंदबाजी रही है।
घरेलू क्रिकेट भी है जिम्मेदार
हमारे घरेलू क्रिकेट की संरचना पर हमेशा से सवाल उठाए जाते रहे हैं। द्रविड़ ने भी इससे सहमति जताते हुए कहा, ‘हम जो एक चुनौती की हमेशा से सामना करते रहे हैं वह है हमारा घरेलू क्रिकेट। हमारी घरेलू पिचें ऐसी नहीं हैं, जिस पर गेंदबाज खेलकर सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने के लिए कदम रख सके।’
‘ए’ टीम के दौरे में हो इजाफा
सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और वीरेंद्र सहवाग के साथ देश को इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, वेस्ट इंडीज और न्यूजीलैंड जैसी जगहों पर जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले द्रविड़ ने कहा कि ‘ए’ टीम का विदेशी दौरा अधिक से अधिक कराने पर बल दिया जाए।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि देश में एकेडमी सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए और जितना संभव हो सके ‘ए’ टीम को विदेशी दौरों पर भेजा जाए। इस दिशा में इंग्लैंड सबसे आगे है और उसकी एकेडमी टीम सर्दियों में हमेशा दुनिया के विभिन्न देशों का दौरा करती है। मेरे हिसाब से भारत को भी यह चीज इंग्लैंड से सीखना चाहिए। इससे यह भी पता चल जाएगा कि युवाओं में टेस्ट क्रिकेट खेलने के हिसाब से प्रतिभा है कि नहीं।’
खिलाड़ियों के फिटनेस पर भी उठाए सवाल
देश के लिए 164 टेस्ट मैच खेल चुके द्रविड़ खिलाड़ियों के फिटनेस से भी खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत की फील्डिंग सीरीज में काफी खराब रही है और उनकी शारीरिक फिटनेस ने तो मुझे काफी निराश किया है। आप रन की मांग नहीं कर सकते लेकिन अपने प्रयास और जवाबदेही को तो निभा ही सकते हैं।’
लंबे समय के लिए बने योजना
ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भारतीय टीम नागपुर में जीत हासिल कर सीरीज बराबर करने में सफल रहेगी लेकिन 40 वर्षीय द्रविड़ ने कहा कि जरूरत है कि लंबे समय के लिए योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने कहा, ‘नागपुर में क्या होगा यह बाद की बात है। इस सीरीज से भारत को यह सबक सीखना चाहिए कि अगर उसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है और फिर से नंबर वन का तमगा हासिल करना है तो उसे लंबे समय के लिए योजनाएं बनानी होगी।’