फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   PSL franchises promoting surrogate ads in violation of country's Islamic laws

PSL: पाकिस्तान में इस्लामिक नियमों का उल्लंघन कर रही टीमें, पीसीबी की शह पर सट्टेबाजी को मिल रहा बढ़ावा

Mon, 20 Feb 2023 12:52 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची Published by: शक्तिराज सिंह Updated Mon, 20 Feb 2023 12:52 PM IST
सार

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भी इस मामले में चुप्पी साध कर बैठा है। इसी वजह से पीएसएल टीमें आसानी से स्टेटबाजी से जुड़ी वेबसाइटों का प्रचार कर रही हैं। 
 

विज्ञापन
PSL franchises promoting surrogate ads in violation of country's Islamic laws
पाकिस्तान सुपर लीग की टीमों की जर्सी में सट्टेबाजी वेबसाइटों का प्रचार है - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान सुपर लीग में यहां के इस्लामिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पीएसएल की तीन फ्रेंचाइजी पर ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफार्मों के सरोगेट विज्ञापनों को बढ़ावा देने और सख्त इस्लामी कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप है। पीएसएल में प्रमुख रूप से एक्सबेट, बाजीबेट और मेलबेट जैसी कंपनियों के सरोगेट विज्ञापनों दिखाए जा रहे हैं। टीमें अपनी जर्सी और खिलाड़ियों की किट में इन कंपनियों के लोगो और नाम का उपयोग कर उनका प्रचार कर रही हैं। एक टीम ने कैसीनो कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए हैं।
विज्ञापन


पाकिस्तान में किसी भी रूप में सट्टेबाजी और जुए पर प्रतिबंध है लेकिन ऑफ-शोर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सरोगेट विज्ञापन के माध्यम से खुद को बढ़ावा देने के लिए घरेलू टी20 टूर्नामेंट का उपयोग कर रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। पीसीबी की यह चुप्पी सभी फ्रेंचाइजी को इन सट्टेबाजी कंपनियों के साथ करार करने की स्वीकृति देती है।
विज्ञापन

पीएसएल मैच दिखाने वाले कुछ टेलीविजन चैनल भी इन सट्टेबाजी साइटों को बढ़ावा दे रहे हैं। इन जुआ और सट्टेबाजी कंपनियों से जुड़े विज्ञापन के साथ कई ऑनलाइन वेबसाइटों पर पीएसएल ब्रांड नाम का भी उपयोग किया जा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट कप्तान राशिद लतीफ ने हाल ही में इस मामले पर पीसीबी पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को पीएसएल के जरिए सट्टेबाजी और जुआ साइटों को बढ़ावान नहीं देना चाहिए। पीएसएल फ्रेंचाइजी को सरोगेट विज्ञापन के करार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 

क्रिकेट से जुड़ी एक प्रसिद्ध विज्ञापन फर्म के एक कार्यकारी ने कहा कि पीएसएल में सरोगेट विज्ञापन पिछले दो वर्षों से चल रहा है, सट्टेबाजी कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए समाचार साइटों का उपयोग कर रही हैं। अधिकारी ने बताया "लेकिन इस साल यह ज्यादा हो गया है और कोई भी वास्तव में परवाह नहीं करता है, क्योंकि हर कोई पीएसएल से कमाई करना चाहता है। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और अन्य लीगों में भी हो रहा है।"

पाकिस्तान में फिक्सिंग बड़ी समस्या
यहां तक कि क्रिप्टो-मुद्रा विज्ञापन बोर्ड भी पीएसएल मैचों के दौरान मैदान में देखे जा सकते हैं, हालांकि उनमें व्यापार पाकिस्तान में बहस का विषय बना हुआ है। फिक्सिंग 90 के दशक से पाकिस्तान क्रिकेट में एक बड़ी समस्या बनी हुई है और पिछले हफ्ते पीसीबी ने हरफनमौला आसिफ अफरीदी पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था, जो पीएसएल मैचों में भ्रष्टाचार विरोधी संहिता का उल्लंघन करने के लिए उपस्थित हुए थे।

पूर्व कप्तान सलीम मलिक और सलमान बट सहित कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को फिक्सिंग में शामिल होने के लिए प्रतिबंध और जुर्माना का सामना करना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed