रोमांचक जीत के बाद टीम इंडिया की नजर अब सीरीज कब्जाने पर
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भले ही भारत और जिम्बाब्वे के बीच वनडे सीरीज शुरू होने से पहले इस सीरीज को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जा रही हो लेकिन जिस तरह से पहला मुकाबला कांटे का रहा उसने सीरीज के रोमांच को बढ़ा दिया है।
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में सीरीज खेल रही टीम इंडिया पहला मैच सिर्फ 4 रन के अंतर से ही जीत सकी ऐसे में अब वह दूसरे मैच में जीत हासिल कर पहले अजेय बढ़त बनाते हुए सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगी। भारत के लिए यह जीत इस मायने में भी खास होगा क्योंकि टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे का दौरा करने से पहले बांग्लादेश का दौरा किया था और उसे वहां मुंह की खानी पड़ी थी। भारत ने पहली बार बांग्लादेश के हाथों कोई सीरीज गंवाई थी। भारतीय टीम पिछली हार के दाग को यहां पर धोना चाहेगी।
सात बड़े खिलाड़ियों के छुट्टी पर जाने के कारण टीम में कई पुराने और नए खिलाड़ियों को रखा गया है जो इस समय टीम के नियमित सदस्य नहीं हैं। रहाणे की अगुवाई वाली टीम इंडिया दूसरे मैच में जीत हासिल कर अपनी क्षमता भी साबित करना चाहेगी। दूसरा वनडे भी हरारे में भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े बारह बजे से शुरू होगा।
भारत ने जिम्बाब्वे को उसी की धरती पर लगातार छठे मैच में हराया है और उसके पास इस सफर को आगे बढ़ाने का मौका होगा। 2013 में विराट कोहली की अगुवाई में भारत ने 5-0 से जीत हासिल की थी।
रहाणे के बजाए मुरली के साथ ओपनिंग करें उथप्पा
टीम इंडिया के मुकाबले जिम्बाब्वे की टीम हमेशा से कमजोर आंकी जाती रही है लेकिन टीम में शामिल खिलाड़ियों के वनडे मैचों के योग किए जाने पर अफ्रीकी टीम भारतीय टीम से ज्यादा अनुभवी नजर आती है। हालांकि मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने पहले मैच में दबाव में होने के बावजूद भी संयम नहीं खोया और जोरदार खेल दिखाया और टीम को जीत के पार पहुंचाया।
पहले वनडे में बुरी तरह से नाकाम रहे बल्लेबाज मुरली विजय, रॉबिन उथप्पा और मनोज तिवारी को दूसरे मैच में अच्छी बल्लेबाजी करना ही होगा। अंबाती रायडू और स्टुअर्ट ब्रॉड की शानदार पारियों की बदौलत भारत इस मैच में संकट से बाहर निकल गया था लेकिन इन तीन बल्लेबाजों को भी अपनी क्षमता साबित करनी ही होगी। अगर देखा जाए तो टीम इंडिया में बने रहने की संभावना को बनाए रखने के लिए इन तीन बल्लेबाजों के पास यह संभवतः आखिरी मौका हो सकता है अगर वे यहां मौका चूकते हैं तो आगे उनके लिए टीम के दरवाजे बंद हो सकते हैं।
शीर्ष क्रम को इस मैच में वापसी करना होगा और इसके लिए कप्तान अंजिक्य रहाणे को ओपनिंग जोड़ी में बदलाव करते हुए मुरली विजय के साथ रॉबिन उथप्पा को ओपनिंग के लिए भेजने का साहस दिखाना चाहिए। दोनों मैचों में ओपनिंग करते रहे हैं। मध्य क्रम को मजबूत करने के लिहाज से रहाणे को तीसरे या चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आना चाहिए। मध्य क्रम को अपना प्रदर्शन बनाए रखना होगा।
जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो भारतीय गेंदबाजों ने पहले वनडे में जोरदार प्रदर्शन किया और मैच बचा लिया। भुवनेश्वर कुमार ने स्विंग का कमाल दिखाया, उन्हें आगे भी ऐसे ही खेल दिखाना होगा। हालांकि तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी पहले मैच में खासे महंगे साबित हुए और 9 ओवर में 60 रन खर्च कर डाले थे। उन्हें इस मैच से वापसी करने पर ध्यान देना होगा। अनुभवी फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह और अक्षर पटेल ने कसी हुई गेंदबाजी कर टीम को अंत तक मैच में बचाए रखा और जीत दिला दी।
हालांकि मेजबान टीम की ओर से कप्तान एल्टन चिगुंबुरा लगातार बेहतर खेल दिखा रहे हैं और पहले मैच में शतक ठोंक दिया। भारतीय गेंदबाजों को इस बल्लेबाज पर अंकुश लगाने की योजना पर काम करना ही होगा। साथ ही भारत को सिकंदर रजा, विशु सिबांदा, हैमिल्टन मास्कजदा जैसे मेजबान बल्लेबाजों को ज्यादा रन बनाने के मौके नहीं देने पर काम करना होगा।